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Agri News: अब किसानों को वीडियो मैसेज के जरिए मिलेगी नई तकनीक की जानकारी, शिवराज ने अफसरों को सौपे ये टास्क

Thu, 24 Jul 2025 08:57 PM IST
अभिषेक दीक्षित डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Thu, 24 Jul 2025 08:57 PM IST
सार

मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि देशभर में फैले 731 कृषि विज्ञान केंद्रों में प्रत्येक जगह ब्रॉडबैंड, प्रोजेक्टर इत्यादि की सुविधा उपलब्ध की जाए, जिससे ज्यादा से ज्यादा किसान भाइयों-बहनों को कृषि विशेषज्ञों से सीधे तौर पर जोड़ा जा सके।

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Now farmers will get information about new technology through video messages, Shivraj assigned this task to th
शिवराज सिंह चौहान - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

केंद्रीय कृषि-किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खेती-किसानी के समग्र विकास के उद्देश्य से फसलवार और क्षेत्रवार अपने दौरे के सिलसिले में सोयाबीन और कपास की उत्पादकता बढ़ाने के लिए आज दिल्ली में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ली। मंत्री शिवराज सिंह ने फील्ड विजिट के दौरान सामने आए विषयों के आधार पर कार्ययोजना बनाने के निर्देश बैठक में दिए।

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केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने 29 मई से 12 जून 2025 तक चलाए गए विकसित कृषि संकल्प अभियान में उभरे मुद्दों के मद्देनजर गत 26 जून को राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान, इंदौर एवं 11 जुलाई को गन्ना प्रजनन संस्थान, कोयम्बटूर में क्रमश: सोयाबीन और कपास की उत्पादकता बढ़ाने के लिए किसानों सहित सभी संबंधित हितधारकों से विस्तृत परामर्श किया था।
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इस बैठक में सोयाबीन और कपास की उत्पादकता बढ़ाने के लिए कार्ययोजना पर चर्चा की गई। बैठक में आईसीएआर के उप महानिदेशक (फसल संभाग) डॉ. डी.के. यादव ने प्रेजेंटेशन दिया। जिस पर कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने निर्देश दिया कि जर्मप्लाज्म आयात के लिए मिशन मोड में वैज्ञानिकों की एक टीम को दायित्व दिया जाए और इसे बीजों के राष्ट्रीय मिशन में जोड़ा जाए। बीज के महत्व को देखते हुए शिवराज सिंह ने दोनों सचिवों को निर्देश दिया कि सरकारी बीज संस्थाओं के साथ एक बैठक आयोजित की जाए, ताकि अच्छी गुणवत्ता के बीजों को उपलब्ध कराने संबंधी सभी विषयों पर विचार-विमर्श हो सके। 
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शिवराज सिंह ने कृषि यंत्रीकरण के संदर्भ में निर्देश दिया कि कस्टम हायरिंग सेंटर का मूल्यांकन करके यह पता लगाया जाए कि कौन-कौन से वांशिक कृषि यंत्रों की आवश्यकता है ताकि उनकी उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। साथ ही, उन्होंने कहा कि विकसित कृषि संकल्प अभियान की सफलता को देखते हुए इसे आगामी फसल मौसमों में बुआई से पहले रबी में अगस्त-सितंबर में और खरीफ में मार्च-अप्रैल में कार्यान्वित किया जाए।

मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि देशभर में फैले 731 कृषि विज्ञान केंद्रों में प्रत्येक जगह ब्रॉडबैंड, प्रोजेक्टर इत्यादि की सुविधा उपलब्ध की जाए, जिससे ज्यादा से ज्यादा किसान भाइयों-बहनों को कृषि विशेषज्ञों से सीधे तौर पर जोड़ा जा सके। मंत्री द्वारा दोनों विभागों के अधिकारियों को इस कार्य की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि जल्द से जल्द इसे कार्यान्वित किया जा सके। इसके अतिरिक्त, देशभर के पंजीकृत किसानों में जागरूकता बढ़ाने के लिए फसल के मौसम में दिए जा रहे परामर्श को और सुदृढ़ करते हुए सोयाबीन और कपास पर अधिक से अधिक तकनीकी जानकारियों को वीडियो एवं संदेशों के माध्यम से पहुंचाने के निर्देश भी केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने दिए।


बैठक में अनुसंधान के मुद्दों, जैसे विदेशी जर्मप्लाज्म का आयात, प्रजनन कार्यक्रम में उनका उपयोग, जीनोम संपादन परियोजना, उच्च उपज वाले बीजों पर राष्ट्रीय मिशन, स्पीड ब्रीडिंग सुविधा, पौधों एवं मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, बीज की उपलब्धता एवं उसकी गुणवत्ता, रेगुलेशन, कृषि यांत्रिकीकरण और किसानों की जागरूकता के संबंध में चर्चा हुई। इस फॉलोअप मीटिंग में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण सचिव देवेश चतुर्वेदी और डीएआरई के सचिव तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ मांगी लाल जाट सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 

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