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2-जी स्पेक्ट्रम मामले में CBI की अपील पर एस्सार, लूप टेलीकॉम को नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Sat, 21 Apr 2018 03:34 AM IST
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2g spectrum
- फोटो : File Photo
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दिल्ली हाईकोर्ट ने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला मामले से जुड़े दूसरे मामले में सीबीआई की याचिका पर एस्सार व लूप टेलीकॉम के प्रमोटर व अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सीबीआई ने एस्सार व लूप टेलीकॉम के मामले में निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
पेश मामला एस्सार टेलीकॉम व लूप टेलीकॉम को स्पेक्ट्रम आवंटन से जुड़ा है। निचली अदालत ने इस मामले में भी सभी आरोपियों व कंपनियों को बरी कर दिया था। जस्टिस एसपी गर्ग ने एस्सार समूह के प्रमोटर रविकांत रुइया व अंशुमन रुइया, लूप टेलीकॉम के प्रोमोटर आईपी खेतान व किरण खेतान, एस्सार समूह के निदेशक विकास सर्राफ व अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर पक्ष रखने का निर्देश दिया है।
अगली सुनवाई 25 मई को होगी। बता दें कि पटियाला हाउस स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने ठोस साक्ष्यों के अभाव में पूर्व केंद्रीय दूरसंचार मंत्री व सांसद कनिमोझी समेत 17 आरोपियों को सीबीआई के दो व ईडी के एक मुकदमे से 21 दिसंबर 2017 को बरी कर दिया था। सीबीआई ने इस याचिका में कहा है कि निचली अदालत ने आरोपियों को बरी करने का फैसला गलत सुनाया है। अभियोजन की ओर से ठोस साक्ष्य मुहैया करवाये थे लेकिन निचली अदालत ने इन साक्ष्यों पर ठीक से विचार नहीं किया।
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पेश मामला एस्सार टेलीकॉम व लूप टेलीकॉम को स्पेक्ट्रम आवंटन से जुड़ा है। निचली अदालत ने इस मामले में भी सभी आरोपियों व कंपनियों को बरी कर दिया था। जस्टिस एसपी गर्ग ने एस्सार समूह के प्रमोटर रविकांत रुइया व अंशुमन रुइया, लूप टेलीकॉम के प्रोमोटर आईपी खेतान व किरण खेतान, एस्सार समूह के निदेशक विकास सर्राफ व अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर पक्ष रखने का निर्देश दिया है।
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अगली सुनवाई 25 मई को होगी। बता दें कि पटियाला हाउस स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने ठोस साक्ष्यों के अभाव में पूर्व केंद्रीय दूरसंचार मंत्री व सांसद कनिमोझी समेत 17 आरोपियों को सीबीआई के दो व ईडी के एक मुकदमे से 21 दिसंबर 2017 को बरी कर दिया था। सीबीआई ने इस याचिका में कहा है कि निचली अदालत ने आरोपियों को बरी करने का फैसला गलत सुनाया है। अभियोजन की ओर से ठोस साक्ष्य मुहैया करवाये थे लेकिन निचली अदालत ने इन साक्ष्यों पर ठीक से विचार नहीं किया।
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