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रेरा उल्लंघन के आरोप पर डीडीए और केंद्र सरकार को नोटिस
Thu, 25 Jul 2019 05:26 AM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Thu, 25 Jul 2019 05:26 AM IST
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RERA ACT
हाईकोर्ट ने रियल स्टेट रेगुलेटरी अथोरिटी (रेरा) के नियम कानूनों का पालन नहीं करने के आरोप वाली याचिका पर रेरा व डीडीए से जवाब मांगा है। एक शख्स ने याचिका दायर कर डीडीए पर रेरा के नियमों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है। यह याचिका डीडीए की 2 योजनाओं में रेरा के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।
मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल व न्यायमूर्ति सी. हरिशंकर की पीठ ने याचिका पर रेरा व डीडीए को नोटिस जारी करते हुए सुनवाई के लिए 19 नवंबर की तारीख तय की है। अभिजीत मिश्रा द्वारा दायर की गई याचिका में कहा गया है कि डीडीए ने रेरा के नियम कानूनों की अनदेखी करते हुए वर्ष 2017 व 2019 का ब्यौरा रेरा को नहीं दिया है और न ही अन्य रियल स्टेट कंपनी की तरह अपनी 2 योजनाओं को उसके समक्ष पंजीकरण कराया है।
उसने योजनाओं के नक्शे व उसके पूर्ण होने, उसे ग्राहकों को सौंपने आदि के बारे में भी रेरा को जानकारी नहीं दी है। डीडीए को विशेष दर्जा देते हुए उसे रेरा से पंजीकरण कराने से छूट नहीं दी गई है। इस तरह से डीडीए रेरा के कानून का पालन नहीं कर रहा है। इसे देखते हुए पूरी औपचारिकता निभाने से पहले डीडीए को योजना 2019 के तहत फ्लैट के आवंटन की प्रक्रिया से रोका जाए।
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याची ने रेरा को यह भी आदेश देने की मांग की है वह अपने कानून के तहत डीडीए के खिलाफ कार्रवाई करे और उसकी योजनाओं के तहत बनाए फ्लैटों की जांच कराए, जिससे पता चले कि वे स्थापित मानकों को पूरा कर रहे हैं या नहीं।
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मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल व न्यायमूर्ति सी. हरिशंकर की पीठ ने याचिका पर रेरा व डीडीए को नोटिस जारी करते हुए सुनवाई के लिए 19 नवंबर की तारीख तय की है। अभिजीत मिश्रा द्वारा दायर की गई याचिका में कहा गया है कि डीडीए ने रेरा के नियम कानूनों की अनदेखी करते हुए वर्ष 2017 व 2019 का ब्यौरा रेरा को नहीं दिया है और न ही अन्य रियल स्टेट कंपनी की तरह अपनी 2 योजनाओं को उसके समक्ष पंजीकरण कराया है।
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उसने योजनाओं के नक्शे व उसके पूर्ण होने, उसे ग्राहकों को सौंपने आदि के बारे में भी रेरा को जानकारी नहीं दी है। डीडीए को विशेष दर्जा देते हुए उसे रेरा से पंजीकरण कराने से छूट नहीं दी गई है। इस तरह से डीडीए रेरा के कानून का पालन नहीं कर रहा है। इसे देखते हुए पूरी औपचारिकता निभाने से पहले डीडीए को योजना 2019 के तहत फ्लैट के आवंटन की प्रक्रिया से रोका जाए।
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याची ने रेरा को यह भी आदेश देने की मांग की है वह अपने कानून के तहत डीडीए के खिलाफ कार्रवाई करे और उसकी योजनाओं के तहत बनाए फ्लैटों की जांच कराए, जिससे पता चले कि वे स्थापित मानकों को पूरा कर रहे हैं या नहीं।