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नोट तैयार, बैंक तैयार, लेकिन एटीएम? जल्दी खत्म नहीं होंगी लंबी-लंबी कतारें
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 12 Nov 2016 04:13 PM IST
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एटीएम मशीनों के सामने कैश निकालने के लिए खाताधारकों की लंबी-लंबी सर्पीली कतारें और दो दिनों के इंतजार के बाद भी आम जन की मुश्किलें कम नहीं होने वाली हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक एटीएम मशीनों के पूरे फ्लो में काम करने में अभी और वक्त लग सकता है। इसके बाद ही इनसे 2000 रुपए के नए नोट निकाले जा सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक नए नोटों की साइज और डिजाइन अलग है, जो कि मौजूदा सॉफ्टवेयर के मुताबिक नहीं है और इसके लिए नए सॉफ्टवेयर चाहिए। इसके बाद ही एटीएम मशीन नए नोटों को गिन सकेगी और पैसे निकाले जा सकेंगे।
हालांकि अपुष्ट खबरों के अनुसार 2000 के नए नोटों की साइज मौजूदा एटीएम के मुताबिक नहीं है, जो आजकल चालू हालात में हैं। यहां तक कि पांच सौ रुपये के नए नोट भी अलग साइज में आए हैं। ऐसे में मशीनों को नए साइज के मुताबिक ठीक करने और सॉफ्टवेयर बदलने में ज्यादा समय लग सकता है। एक शीर्ष अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर हिंदुस्तान टाइम्स से इसकी पुष्टि की है।
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बता दें कि हर एटीएम मशीन में चार खाने होते हैं। ज्यादातर जगहों पर, विशेषकर शहरों में एटीएम मशीन के दो खाने में 500 रुपये के नोट रखे जाते हैं और बाकी के दो खानों में 100 और 1000 रुपये के नोट रखे होते हैं।
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सूत्रों के मुताबिक नए नोटों की साइज और डिजाइन अलग है, जो कि मौजूदा सॉफ्टवेयर के मुताबिक नहीं है और इसके लिए नए सॉफ्टवेयर चाहिए। इसके बाद ही एटीएम मशीन नए नोटों को गिन सकेगी और पैसे निकाले जा सकेंगे।
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हालांकि अपुष्ट खबरों के अनुसार 2000 के नए नोटों की साइज मौजूदा एटीएम के मुताबिक नहीं है, जो आजकल चालू हालात में हैं। यहां तक कि पांच सौ रुपये के नए नोट भी अलग साइज में आए हैं। ऐसे में मशीनों को नए साइज के मुताबिक ठीक करने और सॉफ्टवेयर बदलने में ज्यादा समय लग सकता है। एक शीर्ष अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर हिंदुस्तान टाइम्स से इसकी पुष्टि की है।
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बता दें कि हर एटीएम मशीन में चार खाने होते हैं। ज्यादातर जगहों पर, विशेषकर शहरों में एटीएम मशीन के दो खाने में 500 रुपये के नोट रखे जाते हैं और बाकी के दो खानों में 100 और 1000 रुपये के नोट रखे होते हैं।
देश भर में 2.2 लाख एटीएम मशीनें
फाइल फोटोः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- फोटो : अमर उजाला
आश्चर्यजनक रूप से नरेंद्र मोदी सरकार ने इस हफ्ते की शुरुआत में 500 रुपये और 1000 रुपये के नोटों को बंद करने की घोषणा की। इसकी घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनका यह कदम काला धन को जड़ से उखाड़ फेंकेगा और जाली नोटों के बाजार को खत्म कर देगा।
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में कई बैंकों के लॉजिस्टिक्स सर्विस को मैनेज करने वाले एक अधिकारी ने कहा कि नए करेंसी नोटों के लिए एटीएम मशीनों को दोबारा समायोजित करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि इसके लिए एक इंजीनियर को व्यक्तिगत रूप से एटीएम जाना होगा और एटीएम मशीन को ठीक करने में तीन से चार घंटे का टाइम लगेगा। एक इंजीनियर दिन में दो से तीन एटीएम ठीक कर सकता है। हालांकि यह इस पर निर्भर करता है कि इंजीनियर एक एटीएम से दूसरे एटीएम जाने में कितना टाइम लेता है।
देश भर में 2.2 लाख एटीएम मशीनें हैं। इसका मतलब है अगर 10,000 इंजीनियरों को इस काम में लगाया जाए, तो सभी एटीएम मशीनों को ठीक करने में 10 दिन का समय लगेगा। साफ है कि एटीएम मशीनों के सामने लगी लंबी कतारें इतनी जल्दी खत्म नहीं होने जा रही हैं।
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में कई बैंकों के लॉजिस्टिक्स सर्विस को मैनेज करने वाले एक अधिकारी ने कहा कि नए करेंसी नोटों के लिए एटीएम मशीनों को दोबारा समायोजित करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि इसके लिए एक इंजीनियर को व्यक्तिगत रूप से एटीएम जाना होगा और एटीएम मशीन को ठीक करने में तीन से चार घंटे का टाइम लगेगा। एक इंजीनियर दिन में दो से तीन एटीएम ठीक कर सकता है। हालांकि यह इस पर निर्भर करता है कि इंजीनियर एक एटीएम से दूसरे एटीएम जाने में कितना टाइम लेता है।
देश भर में 2.2 लाख एटीएम मशीनें हैं। इसका मतलब है अगर 10,000 इंजीनियरों को इस काम में लगाया जाए, तो सभी एटीएम मशीनों को ठीक करने में 10 दिन का समय लगेगा। साफ है कि एटीएम मशीनों के सामने लगी लंबी कतारें इतनी जल्दी खत्म नहीं होने जा रही हैं।