फेसबुक ही नहीं बल्कि इन पार्टियों के ऐप्स भी चुरा सकते हैं आपका डाटा
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कुछ दिनों पहले फेसबुक के जरिए यूजर्स का डाटा चोरी होने का मामला सामने आया था जिसके बाद से दुनियाभर में #DeleteFacebook हैशटैग ट्रेंड करने लगा था। शुक्रवार शाम को ट्विटर पर एक हैशटौग ट्रेंड कर रहा था। शनिवार तक इस हैशटैग पर 30,000 से ज्यादा लोगों ने ट्वीट किया था। जिसके बाद भाजपा आईटी सेल के अमित मालवीय ने ट्विटर पर नमो ऐप के स्क्रीनशॉट्स शेयर किए जिसमें उन्होंने कहा था कि नमो की ऐप के लिए किसी तरह की अनुमति अनिवार्य नहीं है। हालांकि डाटा लीक की खबर आने के बाद से लोगों के मन में अपनी निजता और संभावित हेरफेर को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
जब भी आप कांग्रेस, भाजपा और सपा की ऐप्स फोन में डाउनलोड करते हैं तो आपसे बहुत सी चीजों की एक्सेस मांगी जाती है। भाजपा पार्टी की ऐप यूजर से फोन, फोटो, मीडिया, फाइल्स, स्टोरेज, डिवाइस आईडी, कॉल सूचना और नेटवर्क कनेक्शन का एक्सेस मांगती है। वहीं भाजपा के स्वामित्व वाली नरेंद्र मोदी ऐप यूजर के फोन, डिवाइस अकाउंट्स, जीपीएस लोकेशन, यूएसबी स्टोरेज, माइक्रोफोन, कैमरा, स्टोरेज का एक्सेस मांगती है। वहीं कांग्रेस पार्टी की ऐप यूजर के डिवाइस अकाउंट्स, कॉन्टैक्ट, फोटोज और फाइल्स, सेटोरेज, कैमरा और नेटवर्क सूचना मांगती है।
समाजवादी पार्टी की ऐप डिवाइस अकाउंट्स, कॉन्टैक्ट, फोटोज और फाइल्स, स्टोरेज, कैमरा, नेटवर्क सूचना और लोकेशन की सूचना मांगती है। राजनीतिक दलों ने ऐप की अनुमतियों का बचाव करते हुए दावा किया है कि वे सुविधाओं के आधार पर उचित हैं। इस मामले पर कांग्रेस की सोशल मीडिया और डिजिटल हेड दिव्या स्पंदन का कहना है- ऐप को इसलिए तस्वीरों की अनुमति चाहिए ताकि यूजर ऐप पर तस्वीरें शेयर और अपलोड कर सकें। ऐप पर मौजूद आपके संपर्कों को ढूंढने के लिए कॉन्टैक्ट एक्सेस मांगी जाती है। यूजर्स को उनकी सहमति के बाद ईमेल और व्हाट्सएप अलर्ट भेजा जाता है।
भाजपा के मालवीय का कहना है कि बिना पंजीकरण के कोई गेस्ट यूजर बनकर नमो ऐप को देख सकता है। यूजर्स खुद यह तय कर सकते हैं कि उन्हें किस फीचर की एक्सेस देनी है। जिस जानकारी को आप नहीं देना चाहते उन्हें मना कर सकते हैं। फ्रेंच के साइबर सिक्योरिटी शोधकर्ता एलियट अल्डरसन ने शनिवार को बताया कि नरेंद्र मोदी ऐप पंजीकृत यूजर्स के डाटा को अमेरिका बेस्ड व्यवहार का विश्लेषण करने वाली कंपनी क्लेवर टैप के साथ साझा करती है। इस खुलासे के बाद मालवीय ने कहा कि यह केवल एक विश्लेषिकी उपकरण है और यह डाटा को स्टोर नहीं करता है।