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Climate Change: 'जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रहीं सरकारें', WMO प्रमुख ने दी चेतावनी

Fri, 17 Jan 2025 05:28 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 17 Jan 2025 05:28 PM IST
सार

Climate Change: डब्ल्यूएमओ की प्रमुख सेलेस्टे साउलो ने चेतावनी दी कि सरकारें और निजी क्षेत्र जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रहे है, जो आने वाली पीढ़ियों पर 'अपरिवर्तनीय' असर डाल सकता है। 

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Not at point of no return, but need stronger climate action: WMO chief Saulo
सेलेस्टे साउलो - फोटो : डीडी न्यूज

विस्तार

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) की प्रमुख सेलेस्टे साउलो ने चेतावनी दी कि सरकारें और निजी क्षेत्र जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रहे है, जो आने वाली पीढ़ियों पर 'अपरिवर्तनीय' असर डाल सकता है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं कहा कि धरती एक ऐसे बिंदु पर पहुंच गई है, जहां से वापसी संभव नहीं है। 
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साल 2015 में पेरिस जलवायु सम्मेलन में यह लक्ष्य रखा गया था कि दीर्घकालिक तापमान वृद्धि को औद्योगिक युग से पहले के 1.5 डिग्री सेल्सियस के स्तर तक सीमित किया जाए, ताकि जलवायु परिवर्तन के सबसे बुरे प्रभावों से बचा जा सके। डब्ल्यूएमओ ने पिछले हफ्ते बताया कि 2024 में 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा पार हो चुकी है, जिसे यह अब तक का सबसे गर्म साल बन गया। 
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जब साउलो से पूछा गया कि क्या दुनियाभर की सरकारें और निजी क्षेत्र जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करन के लिए पर्याप्त कदम उठा रहे हैं, तो उन्होंने जवाब दिया- 'बिल्कुल नहीं'। पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, हमें अर्थव्यवस्था पर अपना दृष्टिकोण को बदलने की जरूरत है और स्थिरता को प्राथमिकता देनी चाहिए। साउलो ने कहा कि कुछ बड़े देश जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखे बिना फैसले ले रहे हैं, जो आखिरकार और भी महंगे साबित होंगे। 
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पेरिस समझौते में कहा गया था कि 20 से 30 साल की अवधि में तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस पार नहीं करना चाहिए। लेकिन कई विशेषज्ञों का मानना है कि हम अब उस दौर में प्रवेश कर चुके हैं, जहां तापमान लगातार 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा को पार कर रहा है। 

डब्ल्यूएमओ की पहली महिला प्रमुख साउलो ने कहा, (दुनिया के कई देशों और कंपनियों का) अल्पकालिक दृष्टिकोण (शॉर्ट-टर्म) बाधा है। कुछ देशों ने अपने लक्ष्य हासिल किए हैं। लेकिन यह पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने कहा, निजी क्षेत्र इस चुनौती के लिए जागरूक नहीं हो रहा है। वह अक्सर अल्पकालिक दृष्टिकोण अपनाता है। साउलो ने यह भी कहा कि जलवायु परिवर्तन के अनुकूल कदम उठाने के निवेश किया जाता है, तो हर डॉलर का निवेश दस गुना लाभ देता है। 


उन्होंने कहा, पिछला दशक अब तक सबसे गर्म दशक रहा है। दौरान धरनी ने नए रिकॉर्ड बनाए और 2024 भी एक रिकॉर्ड हैं। लेकिन यह उस प्रकार का रिकॉर्ड नहीं है, जिसे कोई देखना चाहेगा। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट प्रमाण है कि चरम मौसम की घटनाएं बढ रही हैं और उनकी तीव्रता और आवृत्ति भी अधिक हो रही है। 
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