फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Not all disputes suited for courtrooms; mediation is mode for redressal: CJI Sanjiv Khanna News In Hindi

CJI: सीजेआई संजीव खन्ना ने कहा- विवाद समाधान का रचनात्मक तरीका है मध्यस्थता , न्याय को बनाएं लचीला और समयबद्ध

Sat, 15 Feb 2025 02:51 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: शुभम कुमार Updated Sat, 15 Feb 2025 02:51 PM IST
सार

सीजेआई ने आगे कहा कि हर मामले को सिर्फ कानूनी दृष्टिकोण से नहीं बल्कि मानवता की कहानी के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय कानूनी सहायता प्रणाली दुनिया की सबसे मजबूत प्रणालियों में से एक है, जहां सभी हितधारकों को मदद मिलती है।

विज्ञापन
Not all disputes suited for courtrooms; mediation is mode for redressal: CJI Sanjiv Khanna News In Hindi
भारत के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना - फोटो : PTI

विस्तार

भारत के मुख्य न्यायाधीश सीजेआई संजीव खन्ना ने शनिवार को कहा कि सभी विवाद न्यायालय और मुकदमेबाजी के लिए उपयुक्त नहीं होते हैं। उन्होंने मध्यस्थता को विवाद समाधान का एक प्रभावी तरीका बताया। बता दें कि सीजेआई नागपुर में महाराष्ट्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एमएनएलयू) के तीसरे दीक्षांत समारोह में वहां उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहें थे। 

विज्ञापन


हर मामले को कानूनी रूप देना गलत- सीजेआई
सीजेआई ने आगे कहा कि हर मामले को सिर्फ कानूनी दृष्टिकोण से नहीं बल्कि मानवता की कहानी के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय कानूनी सहायता प्रणाली दुनिया की सबसे मजबूत प्रणालियों में से एक है, जहां सभी हितधारकों को मदद मिलती है।

विज्ञापन

मध्यस्थता की बात पर दिया जोर
मुख्य न्यायाधीश ने कानूनी कार्रवाई से पहले आपसी मध्यस्थता की बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता न केवल विवादों को हल करने का तरीका है, बल्कि यह रचनात्मक समाधान भी प्रदान करता है, जो रिश्तों को भी मजबूत करता है। साथ ही उन्होंने वकीलों को समस्या समाधानकर्ता" बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें कानूनी और मानवीय दोनों दृष्टिकोण से समाधान निकालने चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

समाधान को होना चाहिए और लचीला- खन्ना
सीजेआई ने आगे कहा कि आज की समस्याएं अधिक गतिशील हो गई हैं, और उनके समाधान को भी लचीला होना चाहिए। उन्होंने न्याय के मार्ग को बाधा नहीं बनने की आवश्यकता पर जोर दिया। सीजेआई ने सभी से परंपरा से परे सोचने और न्याय प्रदान करने के तरीके को और अधिक लागत प्रभावी और समयबद्ध बनाने का आग्रह किया।



जलवायु परिवर्तन का भी किया उल्लेख
भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) संजीव खन्ना ने शनिवार को कहा कि न्याय प्रदान करने के पारंपरिक तरीकों से परे सोचना और उसे लागत प्रभावी व समयबद्ध बनाना ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को ऐसे अनदेखे और जटिल चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिनकी हमारे पूर्वजों ने कभी कल्पना भी नहीं की थी, जैसे जलवायु परिवर्तन, जो न केवल हमारे पर्यावरण के लिए खतरा है, बल्कि मानवाधिकारों और सामाजिक न्याय के ढांचे को भी प्रभावित कर रहा है। इसके अलावा, डिजिटल विकास से जुड़े नए प्रश्न जैसे गोपनीयता और सुरक्षा के मुद्दे भी सामने आ रहे हैं।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed