फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   North East 9500 rebels surrendered in 10 years AFSPA removed from 75 per cent areas, Manipur

North East: 10 साल में 9500 विद्रोहियों ने किया सरेंडर, 75% क्षेत्रों से हटा 'अफ्स्पा', मणिपुर में उठाया ये कद

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Fri, 06 Dec 2024 04:06 PM IST
विज्ञापन
सार
Manipur: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने शुक्रवार को बताया, मणिपुर में राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय के विकास के लिए 443 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। मणिपुर में पहली मालगाड़ी दो वर्ष पहले रानी गाइदिनल्यू स्टेशन पर पहुंची थी। पूर्वोत्तर में वर्ष 2014 से लेकर अभी तक 9500 से ज्यादा विद्रोहियों ने आत्मसमर्पण किया है।
loader
North East  9500 rebels surrendered in 10 years AFSPA removed from 75 per cent areas, Manipur
सेला सुरंग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास के लिए केंद्र सरकार, कोई कसर बाकी नहीं रख रही है। 2014 में प्रधानमंत्री का पद संभालने के तुरंत बाद एक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत पूर्वोत्तर को प्राथमिकता दी गई। सीमावर्ती और हिंसक विद्रोह से प्रभावित इन राज्यों में विकास के विजन को हासिल करने के लिए एक उचित रणनीति अपनाई गई है। नतीजा, गत दस वर्ष में पूर्वोत्तर राज्यों की सुरक्षा स्थिति में काफी हद तक सुधार हुआ है। वर्ष 2014 की तुलना में साल 2023 में विद्रोह की घटनाओं में 71 प्रतिशत की कमी आई है। सुरक्षा बलों में हताहतों की संख्या 60 प्रतिशत तक गिरी है। नागरिकों की मृत्यु में 82 प्रतिशत की कमी देखने को मिली है। मणिपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग 37 के नवीनीकरण के कार्य को जल्द पूरा करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग और अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड से कहा गया है।

 
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने शुक्रवार को बताया, मणिपुर में राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय के विकास के लिए 443 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। मणिपुर में पहली मालगाड़ी दो वर्ष पहले रानी गाइदिनल्यू स्टेशन पर पहुंची थी। पूर्वोत्तर में वर्ष 2014 से लेकर अभी तक 9500 से ज्यादा विद्रोहियों ने आत्मसमर्पण किया है। सुरक्षा स्थिति में सुधार के परिणामस्वरूप उत्तर पूर्व के राज्यों की वर्षों से लंबित भावनात्मक मांग को पूरा करते हुए पूर्वोत्तर के एक बड़े भू भाग, लगभग 75 प्रतिशत से, सशस्त्र बल विशेष शक्तियां अधिनियम (अफ्स्पा) के तहत अशांत क्षेत्रों को कम किया गया है। 


पूर्वोत्तर राज्यों में शांति और स्थिरता के लिए 12 अहम समझौते किए गए हैं। इसके अलावा 54 केंद्रीय मंत्रालयों द्वारा पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए निर्धारित व्यय में लगभग 233 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। डोनर मंत्रालय के लिए बजट आवंटन में लगभग 152 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2015 में यह आवंटन 2332 करोड़ रुपये था, जो 2023-24 में 5892 करोड़ रुपये हो गया है। गृह राज्य मंत्री ने बताया, अवसंरचना, सामाजिक विकास और आजीविका परियोजनाओं के लिए पीएम डिवाइन के तहत अब तक 4857 करोड़ रुपये की 35 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। 

2014 के बाद से पूर्वोत्तर में रेल कनेक्टिविटी को बढ़ाने पर फोकस किया गया है। औसत वार्षिक बजट आवंटन में 384 प्रतिशत की वृद्धि (2023-24 में 9970 करोड़ रुपये) हुई है। रेल पटरियों में 1909 किलोमीटर का इजाफा किया गया है। 81941 करोड़ रुपये की 19 परियोजनाएं, निष्पादन के विभिन्न चरणों में हैं। 972 किलोमीटर रेलवे ट्रैक को ब्रॉड गेज में परिवर्तित किया गया है। पिछले दस वर्ष में पूर्वोत्तर के राष्ट्रीय राजमार्गों को 10905 किलोमीटर से आगे 16125 किलोमीटर तक बढ़ाया गया है। 

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, (पीएमजीएसवाई) के तहत 47279 करोड़ रुपये के व्यय के साथ 46296 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण पूरा किया गया है। डोनर मंत्रालय ने पूर्वोत्तर में सड़क निर्माण और पुलों पर 5830 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। मिजोरम में आइजोल बाईपास के निर्माण के लिए 500 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। चीन सीमा के निकट तवांग से बारहमासी कनेक्टिविटी के लिए सेला सुरंग भी शामिल है। 

2014 के बाद केंद्रीय कैबिनेट ने पूर्वोत्तर क्षेत्र के 4525 गांव में 4जी कनेक्टिविटी को मंजूरी दी है। सार्वभौमिक सेवा दायित्व निधि के तहत, लगभग 5600 गांवों को 3715 करोड़ रुपये की लागत से 4404 टावरों से कवर किया गया है। 
दस वर्ष पूर्व इस क्षेत्र में 9 हवाई अड्डे थे, जबकि आज 17 हवाई अड्डे हैं। पूर्वोत्तर क्षेत्र में उड़ान योजना के तहत 64 मार्गों पर सेवाएं शुरु की गई हैं। इस क्षेत्र में राष्ट्रीय जलमार्गों की संख्या 1 से बढ़कर 20 की गई है। सागरमाला कार्यक्रम के तहत पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने 1000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं प्रारंभ की गई हैं। 

गत वर्ष दुनिया का सबसे लंबा रिवर क्रूज, एमवी गंगा विलास, वाराणसी से बांग्लादेश होते हुए बोगीबील तक रवाना हुआ है। 843 नए स्कूल खोले गए हैं, जिनमें 25 लाख से अधिक शिक्षकों को अपस्किल्ड किया गया है। आठ नए एमबीबीएस कालेज खोले गए हैं। केंद्रीय उच्च शिक्षा संस्थानों में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पूर्वोत्तर में 19 कैंसर संस्थानों और 20 देखभाल कैंसर केंद्रों को मंजूरी दी गई। टाटा कैंसर अनुसंधान के सहयोग से 18 अस्पतालों को स्वीकृति प्रदान की गई है। एक्ट ईस्ट संबंधी उपलब्धियों में 6 पुराने भारत-बांग्लादेश सीमा-पार रेल संपर्क बहाल किए गए हैं। 10 जलमार्ग प्रोटोकॉल मार्ग विकसित करने के अलावा 9 नए सीमा हाट स्थापित किए गए हैं। पूर्वोत्तर में जैविक खेती के लिए कुल 1150 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। 

नित्यानंद राय के मुताबिक, विद्युत अवसंरचना के निर्माण के लिए 37092 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। सौभाग्य योजना के तहत 30.4 लाख घरों सहित 77.41 लाख घरों में बिजली पहुंचाई गई है। 2014 के बाद से प्रधानमंत्री मोदी ने 70 से अधिक बार पूर्वोत्तर का दौरा किया है। यह किसी भी प्रधानमंत्री द्वारा किया गया सर्वाधिक दौरा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed