VK Sasikala: जयललिता की खास रहीं शशिकला को बड़ा झटका, अदालत में पेश न होने पर गैर-जमानती वारंट जारी
शशिकला सोमवार को होने वाली सुनवाई के लिए विशेष अदालत में उपस्थित नहीं हुईं। उनकी बार-बार अनुपस्थिति को देखते हुए कोर्ट ने गैर-जमानती वारंट जारी किया।
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तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता की विश्वासपात्र वीके शशिकला को राज्य की एक लोकायुक्त विशेष अदालत से झटका लगा है। उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किया गया है। बताया जा रहा है कि जेल में बंद होने के दौरान उन्हें दिए गए कथित वीआईपी ट्रीटमेंट के मामले में सुनवाई का सामना करने के लिए अदालत में पेश होना था, लेकिन वह नहीं पहुंचीं।
शशिकला की भाभी को...
साल 2017 में आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी ठहराई गईं शशिकला को शहर के परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में रखा गया था। बता दें, अदालत ने शशिकला की भाभी इलावरासी को भी गैर-जमानती वारंट जारी किया है। वहीं, अदालत द्वारा सोमवार को सुनवाई 5 अक्तूबर तक स्थगित करने से पहले पूर्व अन्नाद्रमुक नेता को जमानत देने वाले दो व्यक्तियों को भी नोटिस जारी किया गया।
चार साल बिताए जेल में
शशिकला और इलावरासी को एक विशेष अदालत ने जयललिता और उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी ठहराया था और चार साल यहां केंद्रीय जेल में बिताए थे। इस दौरान, उन पर जेल अधिकारियों को विशेषाधिकार प्राप्त करने और दोषियों को नहीं दिए जाने वाले विशेष उपचार के लिए रिश्वत देने का आरोप लगाया गया था।
इन आरोपियों के खिलाफ मामला रद्द
इस साल मई में, कर्नाटक उच्च न्यायालय ने शशिकला के साथ तीन आरोपी जेल अधिकारियों - कृष्ण कुमार, (तत्कालीन मुख्य जेल अधीक्षक), डॉ. अनिता (तत्कालीन सहायक जेल अधीक्षक) और गजराजा मकनूर (तत्कालीन पुलिस उपनिरीक्षक) के खिलाफ मामला रद्द कर दिया था।
इन तीनों पर आरोप था कि जबसे (15 फरवरी 2017) शशिकला जेल में गई हैं, उन्हें यह लोग सुविधाएं मुहैया करा रहे हैं। शशिकला ने अपने खिलाफ मामले को रद्द करने के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया है। हालांकि, उच्च न्यायालय ने लोकायुक्त अदालत में उनके खिलाफ कार्यवाही पर रोक लगाने का आदेश नहीं दिया है।
इसके बावजूद, शशिकला सोमवार को होने वाली सुनवाई के लिए विशेष अदालत में उपस्थित नहीं हुईं। उनकी बार-बार अनुपस्थिति को देखते हुए कोर्ट ने एनबीडब्ल्यू जारी किया।