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जीका वायरस से सुरक्षित भारत
पवन कुमार/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 26 May 2016 12:03 AM IST
सार
- आईसीएमआर का 500 मरीजों और 125 एडीज मच्छरों पर अध्ययन
- स्वास्थ्य मंत्रालय में हुई उच्च स्तरीय बैठक में आईसीएमआर ने बताया
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जीका वायरस
- फोटो : concept photos
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विस्तार
स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत के लिए एक अच्छी खबर है। इस दिशा में अब तक किए गए शोध के नतीजों से पता चला है कि देश में जीका वायरस नहीं हैं। इस वायरस की पहचान के लिए इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की ओर से मरीजों और एडीज मच्छरों पर अध्ययन किया गया था लेकिन भारत में अभी तक न तो डेंगू के किसी मरीज में और न ही एडीज मच्छर में जीका का वायरस मिला है। हालांकि इस दिशा में आगे भी अध्ययन जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
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आईसीएमआर ने दिल्ली, तमिलनाडु, केरल सहित देश के वैसे राज्यों से मरीजों और एडीज मच्छर को चुना जहां डेंगू (एडीज मच्छर के काटने से ही जीका और डेंगू होता है) के मामले ज्यादा होते हैं। इन जगहों से पांच सौ मरीजों को चुना गया और उनमें जीका वायरस की जांच की गई, लेकिन किसी भी मरीज में जीका का वायरस नहीं मिला।
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इसके बाद देश के अलग-अलग हिस्सों से 125 एडीज मच्छरों को इकट्ठा किया गया और उनमें जीका वायरस की मौजूदगी की जांच की गई, लेकिन किसी भी मच्छर में जीका वायरस नहीं मिला। हालांकि आईसीएमआर की ओर से इस संबंध में अभी भी काम किया जा रहा है।
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यूं तो जीका वायरस का पता पहली बार 1947 में युगांडा में चला था, लेकिन हाल के वर्षों में ब्राजील में जीका वायरस से संक्रमण के मामले सामने आने के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कई देशों को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किया था। इसके बाद सभी देश अपने-अपने स्तर से इस दिशा में काम कर रहे थे।