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Rajya Sabha: ‘जैविक हमले या किसी खतरे के बारे में फिलहाल जानकारी नहीं’, राज्य सभा में गृह राज्य मंत्री का बयान

Wed, 24 Jul 2024 11:15 PM IST
मिथिलेश नौटियाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: मिथिलेश नौटियाल Updated Wed, 24 Jul 2024 11:15 PM IST
सार

राज्यसभा में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि गृह मंत्रालय के पास जैविक हमलों या फिर किसी भी तरह के खतरे के संबंध में फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ऐसे किसी भी हमले का जवाब देने के लिए तैयार है। 

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No specific inputs available regarding biological attack threat at present says Govt
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय - फोटो : ANI

विस्तार

'केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास जैविक हमलों या फिर किसी भी तरह के खतरे के संबंध में फिलहाल कोई जानकारी नहीं है।' यह बात बुधवार को राज्यसभा में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताई। दरअसल, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री से इस संबंध में सवाल पूछा गया था। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि भारत सरकार ऐसे किसी भी तरह के हमले का जवाब देने के लिए तैयार है। 

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'किसी भी संकट या आपदा का जवाब देने के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएं'
राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसी भी संकट या आपदा का जवाब देने के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएं तैयार की गईं हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने जैविक युद्धों और जैविक आतंकवाद से निपटने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सदन को जानकारी दी कि एनडीएमए के दिशानिर्देशों में जैविक युद्ध या जैविक आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले लोगों की पहचान करने के संकेतों के बारे में बताया गया है। उन्होंने आगे बताया है कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) को भी ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया गया है।
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'संकट प्रबंधन योजना तैयार की गई'
नित्यानंद राय ने आगे कहा कि स्वास्थ्य संबंधी जो जैविक घटनाएं राष्ट्रीय चिंता का विषय होती हैं, उनका पता लगाने और उन पर प्रतिक्रिया देने की पहली जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है। इसके पीछे उन्होंने तर्क दिया कि स्वास्थ्य, राज्य का विषय है। केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (एमओएचएफडब्ल्यू) ही जैविक आपदाओं के लिए नोडल मंत्रालय है। इसलिए, इस तरह की आपदाओं से निपटने के लिए एक संकट प्रबंधन योजना तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 के अक्तूबर महीने में संकट प्रबंधन योजना को आखिरी बार संशोधित किया गया था। इसके बाद इसे सभी पक्षों के साथ साझा किया गया था।

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