देश में करेंसी नोट की कोई कमी नहीं: जेटली
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चलन से बाहर किये गए करेंसी नोट के बदले नए नोट लेने के लिए देश भर के बैंकों में लगी भीड़ पर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि देश में नए करेंसी नोटों की कोई कमी नहीं है। नोट बदलने वाले लोगों की अधिक संख्या और बैंकों की सीमित ढांचागत सुविधा की वजह से ऐसी परेशानी हो रही है।
शनिवार को यहां संवाददाताओं से बातचीत के दौरान जेटली ने बताया कि देश में नए नोटों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने थोड़ी देर पहले ही स्टेट बैंक की अध्यक्ष एवं रिजर्व बैंक के अधिकारियों से बातचीत की है। रिजर्व बैंक के देश भर में करीब 4000 करेंसी चेस्ट हैं और उनमें पर्याप्त मात्रा में करेंसी मौजूद है।
एटीएम पर वित्त मंत्री ने बताया कि फिलहाल एटीएम से सौ-सौ के नोट निकल रहे हैं। उसमें कुछ तकनीकी फेरबदल करना होगा, जिसमें दो-तीन सप्ताह का समय लगेगा। इसकेबाद उससे नए नोट भी निकलने लगेंगे। उन्होंने कहा कि बैंकों में आम दिनों के अपेक्षा कई गुना ज्यादा लोग पहुंच रहे हैं जबकि बैंकों में कर्मचारियों की संख्या पहले केअनुरूप ही है।
47 हजार 868 करोड़ रुपये नकदी जमा की है
इससे लोगों को तो परेशानी हो रही है, लेकिन परेशानी के बावजूद लोग सहयोग कर रहे हैं। इस पर बहुत बड़ा ऑपरेशन चल रहा है। जेटली ने बताया कि शनिवार दोपहर सवा बारह बजे तक सिर्फ स्टेट बैंक में ही दो करोड़ 28 लाख ट्रांसजेक्शन हुए हैं। इस दौरान लोगों ने 47 हजार 868 करोड़ रुपये नकदी जमा की है। स्टेट बैंक में कुल बैंकिंग कारोबार का 20 से 25 फीसदी का कारोबार होता है इसलिए मान कर चल रहे कि सभी बैंकों में करीब दो लाख करोड़ रुपये जमा हुए हैं।
सोना चांदी बेचने वालों द्वारा चलन से बाहर हो चुके नोट स्वीकारने के सवाल पर जेटली ने कहा कि ऐसे व्यापारियों से सौदों का ब्योरा मांगा गया है। सरकार सर्राफा क्षेत्र में कोई गैरकानूनी कारोबार नहीं होने देगी। वित्त मंत्री ने लोगों से अपील की कि पुराने नोटों को धीरे-धीरे जमा करें। बैंकों में भीड़ न बढ़ाएं और न ही गैर जिम्मेदाराना अफवाह पर ध्यान दें। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि वे नोटों को बदलने से बदले इसे अपने खाते में जमा कर दें और जरूरत पड़ने पर उसे निकाल कर खर्च करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चलन से बाहर हो चुकेनोटों को बदलने के लिए सिर्फ 31 दिसंबर तक का ही वक्त है। इस तिथि को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।