राहुल के मांफी मांगने का सवाल ही नहीं होताः कांग्रेस
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कांग्रेस ने कहा कि राहुल गांधी आरएसएस के खिलाफ दिए गए अपने बयान को लेकर माफी नहीं मांगेंगे। राहुल ने जो दावा किया है उसे साबित करने के लिए वह अदालत के समक्ष ऐतिहासिक तथ्यों और साक्ष्य के साथ उसकी पुष्टि करेंगे। कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि, ‘राहुल गांधी के खेद प्रकट करने या माफी मांगने का सवाल ही नहीं पैदा होता।
इस तरह का सुझाव पहले भी दिया गया और राहुल गांधी ने उसे नहीं स्वीकार किया।’ उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी एक समझदार नेता हैं और ऐतिहासिक तथ्यों की उन्हें अच्छी जानकारी है। कांग्रेस पार्टी और गांधी उचित मंच पर इन टिप्पणियों का बचाव करेंगे।’ कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि राहुल गांधी ने मानहानि के मुकदमे की संवैधानिकता के साथ-साथ महाराष्ट्र उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी थी जिसमें तलब करने के आदेश को चुनौती दी गई थी।
हालांकि मानहानि के प्रावधान को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया गया है। सुरजेवाला ने कहा, ‘मामला आज सूचीबद्ध किया गया है। उच्चतम न्यायालय ने कोई भी आदेश सुनाए बिना इसे 27 जुलाई को सुनवाई के लिए स्थगित कर दिया है। पक्षकारों के वकील और अदालत द्वारा दिए गए किसी भी बयान पर टिप्पणी नहीं की जा सकती क्योंकि मामला अदालत के समक्ष विचाराधीन है।’
अभी अंतिम फैसले पर सुनवाई होनी बाकी है
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ब्रीफिंग में पार्टी प्रवक्ता गौरव गोगोई ने कहा है कि, ‘राहुल गांधी ने कहा है कि उन्होंने जो कुछ भी कहा है उसपर वह माफी नहीं मांगेंगे और मुकदमा लड़ेंगे क्योंकि वह अपनी बातों को साबित करने के लिए ऐतिहासिक सबूतों के साथ तथ्यों को पेश करेंगे और जिन तथ्यों को हमसब जानते हैं उसे सबके सामने लाने में मदद करेंगे। कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी के साथ खड़ी है और हम आश्वस्त हैं कि हम मजबूती से तथ्य पेश करेंगे।
अभी अंतिम फैसले पर सुनवाई होनी बाकी है। महाराष्ट्र की निचली अदालत में अपने खिलाफ चल रहे आपराधिक मानहानि के मामले को रद्द करने की कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई की।
किसी व्यक्ति विशेष के बारे में बोल रहे हों तो सतर्क होकर बोलना चाहिए : सुप्रीम कोर्ट
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि नाथूराम गोडसे ने गांधी को मारा, संघ के लोगों ने गांधी जी को मारा, इन दोनों बातों में फर्क है। जब आप किसी व्यक्ति विशेष के बारे में बोल रहे हों तो सतर्क होकर बोलना चाहिए।
कोर्ट ने यह भी कहा कि आप किसी की सामूहिक निंदा नहीं कर सकते। इस मामले में या तो राहुल गांधी माफी मांगे या फिर ट्रायल का सामना करें। इस मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी। बता दें संघ के महाराष्ट्र स्थित भिवंडी इकाई के सचिव राजेश कुंटे ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया था कि सोनाले में 6 मार्च को हुई एक चुनावी रैली में राहुल ने कहा था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने गांधी जी की हत्या की।