जाकिर नाइक की सफाई, आतंकवाद को बढ़ावा देता तो लाखों आतंकी बना देता
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विवादित इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाइक ने रविवार को दावा किया कि उसके प्रतिबंधित एनजीओ ने फंड का कोई दुरुपयोग नहीं किया है। साथ ही नाइक ने आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के सभी आरोपों को खारिज कर दिया है।
इस बीच जाकिर ने भारत वापस आने को लेकर कोई प्रतिबद्धता भी नहीं जताई। दरअसल, भारत में 51 वर्षीय जाकिर नाइक के खिलाफ नफरत फैलाने वाले भाषण देने का आरोप है। उसके खिलाफ आतंकवाद निरोधी कानून यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया गया है।
फिलहाल देश से बाहर रह रहे जाकिर ने कहा कि उसने बार-बार एनआईए को सहयोग की पेशकश की है। ढाका हमले के कुछ आतंकियों को अपने नफरत फैलाने वाले भाषणों से गुमराह करने का आरोप झेल रहे जाकिर ने कहा कि हिंसा में शामिल होने वाले मुसलमान नहीं रहते और समर्थन खो देते।
कुछ आतंकी मुझसे प्रभावित थे
ई-मेल के जरिए दिए साक्षात्कार में जाकिर ने कहा, ‘यह मानना गलत है कि आतंकी संगठनों में शामिल होने वाले कुछ आतंकी मुझसे प्रभावित थे। अगर मैं वास्तव में आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा हूं, तो क्या मैंने अब तक लाखों लोगों को आतंकी नहीं बना दिया होता? इतने कम आतंकी क्यों बनाता? कई लाख समर्थकों में से कुछ असामाजिक तत्व हो सकता है, जो हिंसा कर सकते हैं।
ऐसे लोग निश्चित रूप से मेरा अनुसरण नहीं करते हैं।’ इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन एनजीओ पर प्रतिबंध को चुनौती देने के सवाल पर जाकिर ने कहा कि मुंबई और दिल्ली में उसकी लीगल टीमें मामले को देख रही हैं।
इसके बाद जल्द कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। यह प्रतिबंध राजनीति से प्रेरित है। मालूम हो कि केंद्र सरकार ने इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है और इसको गैर कानूनी संगठन घोषित कर दिया है।