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SC: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के सुझाए गए चार नामों पर अब तक फैसला नहीं, जानें की गई थी किन जजों की सिफारिश

Sun, 03 Nov 2024 02:20 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: काव्या मिश्रा Updated Sun, 03 Nov 2024 02:20 PM IST
सार

न्यायमूर्ति संजीव खन्ना 11 नवंबर को अगले सीजेआई के रूप में कार्यभार संभालेंगे। कॉलेजियम ने पिछले साल जनवरी में चार नाम सुझाव थे।

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No forward movement on 4 names reiterated by Collegium headed by Justice Chandrachud News in hindi
मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ - फोटो : वीडियो ग्रैब इमेज

विस्तार

न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के रूप में नियुक्ति के लिए कुछ नाम सुझाए थे। हालांकि इन नामों पर अबतक कोई फैसला नहीं हो पाया है क्योंकि चंद्रचूड़ 10 नवंबर को भारत के मुख्य न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

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इन लोगों के नाम की सिफारिश की थी
कॉलेजियम ने जनवरी 2023 में अधिवक्ता सौरभ कृपाल को दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश, आर जॉन सत्यन को मद्रास हाईकोर्ट के न्यायाधीश और अमितेश बनर्जी तथा शाक्य सेन को कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत करने का सुझाव दिया था। इसके अलावा, शीर्ष अदालत के कॉलेजियम ने बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में अधिवक्ता सोमशेखर सुंदरसन का नाम भी दिया था। हालांकि, सुंदरसन को उसी साल नवंबर में पदोन्नत कर दिया गया था। 
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सरकार के पास फाइलें लंबित
हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की नियुक्ति की प्रक्रिया से अवगत लोगों ने कहा कि कृपाल, सत्यन, बनर्जी और सेन से संबंधित फाइलें अभी भी सरकार के पास लंबित हैं। पिछले साल जनवरी में, सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने दूसरी बार कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के रूप में नियुक्ति के लिए बनर्जी और सेन के नामों को दोहराया था, जिसमें कहा गया था कि सरकार के लिए बार-बार एक ही प्रस्ताव वापस भेजना संभव नहीं है।
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कौन हैं बनर्जी और सेन?
अधिवक्ता बनर्जी सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति यू सी बनर्जी के बेटे हैं, जिन्होंने 2006 में एक आयोग का नेतृत्व किया था जिसने गोधरा में 2002 के साबरमती एक्सप्रेस आग त्रासदी में साजिश के पहलू को खारिज कर दिया था, जिसमें 58 'कारसेवक' मारे गए थे। वहीं, वकील सेन न्यायमूर्ति श्यामल सेन के बेटे हैं, जिन्हें फरवरी 1986 में कलकत्ता हाईकोर्ट के स्थायी न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था और बाद में वे इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने। न्यायमूर्ति सेन मई 1999 से दिसंबर 1999 तक पश्चिम बंगाल के राज्यपाल भी रहे।


बनर्जी और सेन के नामों को दोहराने के अलावा, तीन न्यायाधीशों के कॉलेजियम ने वरिष्ठ अधिवक्ता कृपाल को दिल्ली हाईकोर्ट का न्यायाधीश, अधिवक्ता सत्यन को मद्रास हाईकोर्ट का न्यायाधीश और अधिवक्ता सोमशेखर सुंदरसन को बॉम्बे हाईकोर्ट का न्यायाधीश बनाने का प्रस्ताव दिया। बता दें, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना 11 नवंबर को अगले सीजेआई के रूप में कार्यभार संभालेंगे।

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