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Hindi News ›   India News ›   No divorce for man who falsely claimed his wife was HIV positive: Bombay HC

Bombay HC: पत्नी के एड्स पीड़ित होने का दावा कर मांगा तलाक, अदालत ने याचिका खारिज की

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 24 Nov 2022 05:29 PM IST
सार

व्यक्ति ने पहले पुणे की एक फैमिली कोर्ट में तलाक के लिए याचिका दाखिल की थी लेकिन कोर्ट ने उसकी याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद उसने फैमिली कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था।

bombay high court
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विस्तार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने पुणे के एक 44 वर्षीय व्यक्ति को तलाक देने से इनकार कर दिया है। दरअसल, व्यक्ति ने झूठा दावा किया था कि उसकी पत्नी एचआईवी पॉजिटिव है जिसके कारण उसे मानसिक पीड़ा हुई है।

क्या था पूरा मामला

याचिका (सांकेतिक)
याचिका (सांकेतिक) - फोटो : getty
व्यक्ति ने पहले पुणे की एक फैमिली कोर्ट में तलाक के लिए याचिका दाखिल की थी। लेकिन कोर्ट ने उसकी याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद उसने फैमिली कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था। व्यक्ति ने साल 2011 में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। 

हाईकोर्ट ने खारिज की पति की याचिका

court Order
court Order
हालांकि, जस्टिस नितिन जामदार और शर्मिला देशमुख की खंडपीठ ने भी 16 नवंबर के अपने आदेश में व्यक्ति की याचिका को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा, व्यक्ति ने इस बात का कोई सबूत पेश नहीं किया कि उसकी पत्नी का एचआईवी टेस्ट पॉजिटिव आया था, जिससे उसे मानसिक पीड़ा हुई है। इसलिए, तलाक देने की उसकी प्रार्थना को एकमुश्त खारिज किया जाता है। 

साल 2003 में हुई थी शादी

शादी
शादी - फोटो : सोशल मीडिया (सांकेतिक)
जोड़े ने मार्च 2003 में शाची रचाई थी। इसके बाद व्यक्ति ने दावा किया था कि उसकी पत्नी सनकी, जिद्दी और गुस्सैल स्वभाव की है और उसके व उसके परिवार के सदस्यों के साथ ठीक से व्यवहार नहीं करती है। इसके बाद उसने यह भी दावा किया था कि पत्नी तपेदिक और दद की बीमारी से पीड़ित है। व्यक्ति की दलील के अनुसार, बाद में साल 2005 में उनकी पत्नी जांच में एचआईवी पॉजिटिव निकलीं। बाद में उस व्यक्ति ने तलाक मांगा। 

 

पत्नी ने पति के दावों किया था खारिज

एचआईवी टेस्ट रिपोर्ट (सांकेतिक)
एचआईवी टेस्ट रिपोर्ट (सांकेतिक) - फोटो : सोशल मीडिया
हालांकि, पत्नी ने उसके दावों का खंडन किया और कहा कि उसका एचआईवी टेस्ट निगेटिव निकला है, फिर भी उसके पति ने परिवार के सदस्यों के बीच अफवाह फैलाई, जिससे उसे मानसिक पीड़ा हुई।

 

याचिकाकर्ता ने सबूत पेश नहीं किए 

बॉम्बे हाइकोर्ट (फाइल फोटो)
बॉम्बे हाइकोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : iStock
हाईकोर्ट की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि पति अपनी पत्नी की एचआईवी पॉजिटिव होने की मेडिकल रिपोर्ट पेश करने में विफल रहा है। हाईकोर्ट ने कहा, याचिकाकर्ता पति द्वारा पेश किए गए साक्ष्य कोई सबूत नहीं हैं कि पत्नी का एचआईवी टेस्ट पॉजिटिव निकला था, जिससे उसे मानसिक पीड़ा हुई या पत्नी ने उसके साथ क्रूरता का व्यवहार किया।  

 

पत्नी को रिश्तेदारों के बीच किया बदनाम

सांकेतिक तस्वीर।
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
कोर्ट ने कहा, मेडिकल रिपोर्ट (जिसमें एचआईवी डीएनए टेस्ट के परिणाम 'पता नहीं' दिखा) के बावजूद याचिकाकर्ता ने पत्नी के साथ रहने से इनकार किया और रिश्तेदारों और दोस्तों को सूचित करके समाज में प्रतिवादी (पत्नी) को बदनाम किया है कि उसका एचआईवी टेस्ट पॉजिटिव आया है। 
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