फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   no decrease in the sale of fertilizers, farmers bought 6 lakh tonnes more fertilizer

UP: इस खरीफ सत्र में अब तक 6 लाख टन ज्यादा खाद बिकी, किल्लत की खबरों को सरकार ने आंकड़े जारी कर बताया गलत

Wed, 13 Aug 2025 05:19 PM IST
संध्या न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: संध्या Updated Wed, 13 Aug 2025 05:19 PM IST
सार

एक तरफ यह दावा किया जा रहा था कि इस साल किसानों ने कम खाद खरीदी है, दूसरी तरफ सरकारी आकड़ें बताते है कि पिछले वर्ष की तुलान में खरीफ 2025 में उर्वरकों की बिक्री बढ़ी है। 

विज्ञापन
no decrease in the sale of fertilizers, farmers bought 6 lakh tonnes more fertilizer
राज्य सरकार ने जारी किए उर्वरक खऱीद के आंकड़े। - फोटो : freepik

विस्तार

खरीफ सत्र- 2025 में उत्तर प्रदेश में उर्वरकों की बिक्री काफी बढ़ी है। 11 अगस्त तक के आंकड़ों के मुताबिक इस खरीफ सत्र 2025 में सोमवार (11 अगस्त) तक 39.40 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की बिक्री की जा चुकी है, जबकि विगत वर्ष (खरीफ सत्र 2024) में 11 अगस्त तक यह बिक्री 33.42 लाख मीट्रिक टन थी। इस सत्र में अभी तक 5.98 लाख मीट्रिक टन से अधिक की उर्वरकों की बिक्री हो चुकी है। सरकार की ओर से ये आंकड़ें जारी करके दावा किया गया है कि उर्वरकों की सप्लाई में कमी के आरोपों को कृषि विभाग के आंकड़े गलत साबित करते हैं।         

विज्ञापन
 

किस उर्वरक की कितनी बिक्री?
1- यूरियाः
2024 में उत्तर प्रदेश में यूरिया की मांग 38 लाख मीट्रिक टन थी। खरीफ सत्र 2025 में इसकी जरूरत 39.92 लाख मीट्रिक टन है। 11 अगस्त 2025  तक 28.98 लाख मीट्रिक टन यूरिया की बिक्री की जा चुकी है। 2024 में 11 अगस्त तक 24.53 लाख मीट्रिक टन यूरिया की बिक्री हुई थी। 

विज्ञापन

2- डीएपीः प्रदेश में खरीफ सत्र 2024 में डीएपी की मांग 9.05 लाख मीट्रिक टन थी। 2025 में यह बढ़कर 10 लाख मीट्रिक टन हुई। 11 अगस्त तक 5.11 लाख मीट्रिक टन डीएपी की बिक्री की जा चुकी है। 2024 में 11 अगस्त तक 5.02 लाख मीट्रिक टन डीएपी की बिक्री हुई थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

3- एनपीके (नाइट्रोजन, फ़ॉस्फोरस व पोटेशियम मिश्रण): प्रदेश में खरीफ सत्र 2024 में एनपीके की मांग छह लाख मीट्रिक टन थी। इसकी बिक्री 1.88 लाख मीट्रिक टन रही, जो इस सत्र में बढ़कर 11 अगस्त तक 2.25 लाख मीट्रिक टन है। 

 4- एमओपी (म्यूरेट ऑफ पोटाश): प्रदेश में खरीफ सत्र-2024 में एमओपी की मांग 0.47 लाख मीट्रिक टन थी। इस वर्ष बढ़कर यह 1.25 लाख मीट्रिक टन हो गई है। पिछले साल इसकी बिक्री 0.23 लाख मीट्रिक टन रही। इस वर्ष अभी 11 अगस्त तक ही 0.43 लाख मीट्रिक टन बिक्री हो गई है।  

5- एसएसपी (सिंगल सुपर फॉस्फेट): पिछले खरीफ सत्र में 11अगस्त तक एसएसपी की बिक्री जहां  1.76 लाख मीट्रिक टन थी। वहीं 2025 में इसकी बिक्री बढ़कर अब तक 2.63 लाख मीट्रिक टन हो चुकी है।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed