{"_id":"651eceab0eedd9850509ac59","slug":"no-constraint-of-funds-for-mgnrega-payment-to-bengal-stopped-due-to-non-compliance-centre-2023-10-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"West Bengal: 'मनरेगा के लिए पैसों की बाधा नहीं', पश्चिम बंगाल सरकार के प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार की दो टूक","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
West Bengal: 'मनरेगा के लिए पैसों की बाधा नहीं', पश्चिम बंगाल सरकार के प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार की दो टूक
Thu, 05 Oct 2023 08:28 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Thu, 05 Oct 2023 08:28 PM IST
सार
पश्चिम बंगाल के लिए मनरेगा में धन की बाधा वाली खबरों के बीच केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने अपना बयान जारी किया है। गुरुवार को मंत्रालय के कहा कि मनरेगा के लिए धन की कोई बाधा नहीं है।
विज्ञापन
मनरेगा (प्रतीकात्मक फोटो)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्रीय योजनाओं के भुगतान को लेकर केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच तनातनी जारी है। केंद्र की ओर से पैसे रोके जाने के खिलाफ राजभवन तक विरोध मार्च का नेतृत्व करने वाले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि जब तक सीवी आनंद बोस प्रतिनिधिमंडल से नहीं मुलाकात नहीं करते, पार्टी राज्यपाल के आवास के बाहर अपना प्रदर्शन जारी रखेगी। धरना क्रमबद्ध तरीके से जारी रहेगा, रात में कुछ देर के लिए विराम दिया जाएगा और यह हर दिन पूर्वाह्न 11 बजे से रात 9 बजे तक जारी रहेगा।
इस बीच मनरेगा में धन की बाधा वाली खबरों के बीच केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने अपना बयान जारी किया है। गुरुवार को मंत्रालय ने कहा कि मनरेगा के लिए धन की कोई बाधा नहीं है। साथ ही अपने बयान में मंत्रालय ने कहा कि पश्चिम बंगाल केंद्रीय निर्देशों का पालन नहीं करता है। जिसके कारण राज्य को धन जारी नहीं किया गया है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय का बयान
मंत्रालय ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि 4 अक्टूबर तक योजना के लिए 60,000 करोड़ रुपये के बजट में से 56,105.69 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए है। साथ ही कहा गया कि कार्यान्वयन के लिए धन की कोई बाधा ही नही है। साथ ही मंत्रालय ने कहा कि समय पर वेतन भुगतान के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। समय पर वेतन आदेश जारी करने की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। जिससे श्रमिकों के खाते में मजदूरी जमा करने में लगने वाले वास्तविक समय में सुधार हुआ है। चालू वित्त वर्ष में 4 अक्तूब तक 99.12 प्रतिशत भुगतान आदेश 15 दिनों के भीतर हुए हैं।
विज्ञापन
मंत्रालय ने कहा, केंद्र सरकार के निर्देशों का पालन न करने के कारण महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 की धारा 27 के प्रावधान के अनुसार पश्चिम बंगाल राज्य का फंड 9 मार्च, 2022 से रोक दिया गया था। मंत्रालय ने यह भी कहा कि किसी परिवार का जॉब कार्ड केवल कुछ विशिष्ट परिस्थितियों में ही हटाया जा सकता है, लेकिन आधार पेमेंट ब्रिज सिस्टम (एपीबीएस) के कारण नहीं।
टीएमसी का विरोध प्रदर्शन
गुरुवार को पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ टीएमसी ने मनरेगा के बकाए को लेकर केंद्र के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है। इस दौरान कई कार्यकर्ताओं ने कोलकाता में राजभवन तक मार्च रैली निकाली। गौरतलब है कि टीएमसी ने केंद्र से धन जारी करने की मांग को लेकर 3 और 4 अक्टूबर को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन भी किया था।
केंद्र के खिलाफ अभिषेक बनर्जी की विरोध रैली
टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने कोलकाता में कहा, बंगाल के राज्यपाल से दो स्पष्टीकरण चाहते हैं। बंगाल के 20 लाख मजदूरों ने मनरेगा के तहत काम किया या नहीं। यदि हां तो पिछले दो वर्षों से उनका वेतन रोकने के लिए किस कानून का इस्तेमाल किया गया है। राजभवन के बाहर अपना शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखेंगे। मैं तब तक यहीं रहूंगा जब तक राज्यपाल हमारे प्रतिनिधिमंडल से नहीं मिलेंगे और इन दो सवालों का जवाब नहीं देंगे।
विज्ञापन
इस बीच मनरेगा में धन की बाधा वाली खबरों के बीच केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने अपना बयान जारी किया है। गुरुवार को मंत्रालय ने कहा कि मनरेगा के लिए धन की कोई बाधा नहीं है। साथ ही अपने बयान में मंत्रालय ने कहा कि पश्चिम बंगाल केंद्रीय निर्देशों का पालन नहीं करता है। जिसके कारण राज्य को धन जारी नहीं किया गया है।
विज्ञापन
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय का बयान
मंत्रालय ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि 4 अक्टूबर तक योजना के लिए 60,000 करोड़ रुपये के बजट में से 56,105.69 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए है। साथ ही कहा गया कि कार्यान्वयन के लिए धन की कोई बाधा ही नही है। साथ ही मंत्रालय ने कहा कि समय पर वेतन भुगतान के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। समय पर वेतन आदेश जारी करने की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। जिससे श्रमिकों के खाते में मजदूरी जमा करने में लगने वाले वास्तविक समय में सुधार हुआ है। चालू वित्त वर्ष में 4 अक्तूब तक 99.12 प्रतिशत भुगतान आदेश 15 दिनों के भीतर हुए हैं।
विज्ञापन
मंत्रालय ने कहा, केंद्र सरकार के निर्देशों का पालन न करने के कारण महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 की धारा 27 के प्रावधान के अनुसार पश्चिम बंगाल राज्य का फंड 9 मार्च, 2022 से रोक दिया गया था। मंत्रालय ने यह भी कहा कि किसी परिवार का जॉब कार्ड केवल कुछ विशिष्ट परिस्थितियों में ही हटाया जा सकता है, लेकिन आधार पेमेंट ब्रिज सिस्टम (एपीबीएस) के कारण नहीं।
टीएमसी का विरोध प्रदर्शन
गुरुवार को पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ टीएमसी ने मनरेगा के बकाए को लेकर केंद्र के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है। इस दौरान कई कार्यकर्ताओं ने कोलकाता में राजभवन तक मार्च रैली निकाली। गौरतलब है कि टीएमसी ने केंद्र से धन जारी करने की मांग को लेकर 3 और 4 अक्टूबर को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन भी किया था।
केंद्र के खिलाफ अभिषेक बनर्जी की विरोध रैली
टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने कोलकाता में कहा, बंगाल के राज्यपाल से दो स्पष्टीकरण चाहते हैं। बंगाल के 20 लाख मजदूरों ने मनरेगा के तहत काम किया या नहीं। यदि हां तो पिछले दो वर्षों से उनका वेतन रोकने के लिए किस कानून का इस्तेमाल किया गया है। राजभवन के बाहर अपना शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखेंगे। मैं तब तक यहीं रहूंगा जब तक राज्यपाल हमारे प्रतिनिधिमंडल से नहीं मिलेंगे और इन दो सवालों का जवाब नहीं देंगे।