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SC: केरल CM के पूर्व मुख्य प्रधान सचिव के खिलाफ नहीं होगी CBI जांच, आय से अधिक संपत्ति मामले में 'सुप्रीम' रोक

Wed, 30 Apr 2025 02:41 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: बशु जैन Updated Wed, 30 Apr 2025 02:41 PM IST
सार

आय से अधिक संपत्ति मामले में केरल उच्च न्यायालय ने 11 अप्रैल को कोट्टायम निवासी जोमन पुथेनपुरकल की याचिका पर केरल सीएम पी विजयन के पूर्व मुख्य सचिव केएम अब्राहम के खिलाफ सीबीआई जांच का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश पर रोक लगा दी है। 

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no CBI investigation against former Chief Principal Secretary to Kerala CM, Supreme court give stay
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

केरल सीएम पी विजयन के पूर्व मुख्य सचिव केएम अब्राहम के खिलाफ अब सीबीआई जांच नहीं होगी। आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य प्रधान सचिव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और जांच शुरू करने के सीबीआई को निर्देश देने वाले केरल हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी।
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न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी और मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव केएम अब्राहम की ओर से दायर अपील पर सीबीआई, केरल सरकार और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी किया। अब्राहम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आर बसंत ने कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर, कानून की धारा 17ए के तहत अनिवार्य मंजूरी के बिना दर्ज नहीं की जा सकती।
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केरल उच्च न्यायालय ने 11 अप्रैल को कोट्टायम निवासी जोमन पुथेनपुरकल की याचिका पर अब्राहम के खिलाफ सीबीआई जांच का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट, अन्य सामग्रियों के विश्लेषण से पाया कि उनके पास आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक चल और अचल संपत्ति है। 

हाईकोर्ट ने कहा था कि मामले में सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) की जांच जनता में विश्वास पैदा नहीं करेगी तथा इसकी जांच की विश्वसनीयता ‘संदिग्ध’ है।  राज्य एजेंसियों की निष्पक्ष कार्यप्रणाली में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए निष्पक्ष, ईमानदार और पूर्ण जांच के लिए वर्तमान मामले की जांच सीबीआई की ओर से की जानी चाहिए।


हाईकोर्ट ने जांच आयुक्त के आदेश को निरस्त किया था
हाईकोर्ट की एकल पीठ ने सीबीआई जांच का आदेश देते हुए जांच आयुक्त-सह-विशेष न्यायाधीश, तिरुवनंतपुरम के 2017 के आदेश को भी रद्द कर दिया, जिन्होंने अब्राहम के खिलाफ याचिकाकर्ता की शिकायत को खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट ने कहा कि विशेष न्यायाधीश का आदेश त्रृटिपूर्ण और पूर्णतः अनुचित था। हाईकोर्ट ने कहा था कि विशेष न्यायाधीश को अब्राहम द्वारा अर्जित करोड़ों रुपये की विभिन्न संपत्तियों के संबंध में याचिकाकर्ता की दलीलों पर विचार करना चाहिए था, जिन्हें वीएसीबी जांच अधिकारी द्वारा विचार से बाहर रखा गया था। विशेष न्यायाधीश द्वारा अपनाया गया दृष्टिकोण स्वीकार्य नहीं है।

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कडप्पाक्कडा में तीन मंजिला शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि अब्राहम ने सेवा में रहते हुए मुंबई में तीन करोड़ रुपये का एक अपार्टमेंट, तिरुवनंतपुरम में एक करोड़ रुपये का एक अन्य अपार्टमेंट खरीदा था और कोल्लम जिले के कडप्पाक्कडा में तीन मंजिला शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराया था, जिसकी कीमत आठ करोड़ रुपये है। हालांकि अब्राहम ने इन आरोपों का खंडन किया था।

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