National Medical Commission: सरकार ने संसद में बताया- देश में नए मेडिकल कॉलेज-MBBS सीट को मंजूरी पर रोक नहीं
National Medical Commission: केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि 2025-26 के लिए नए मेडिकल कॉलेज खोलने या एमबीबीएस सीटें बढ़ाने पर रोक लगाने का कोई फैसला नहीं लिया गया है। मंत्री अनुप्रिया पटेल ने राज्यसभा में बताया कि एनएमसी आवेदन की जांच के लिए पारदर्शी और संरचित प्रक्रिया अपनाती है, जिसमें ऑनलाइन आवेदन, मूल्यांकन और आवश्यक शर्तों के बाद ही मंजूरी दी जाती है।
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नए मेडिकल कॉलेजों और एमबीबीएस सीटों से संबंधित मामले में केंद्र सरकार ने मंगलवार को राज्यसभा में सफाई दी। केंद्र सरकार ने बताया कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए नए मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी देने या एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाने पर रोक लगाने का अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है।
मामले में स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने एक लिखित जवाब में बताया कि एनएमसी ने मेडिकल कॉलेजों से जुड़ी मंजूरी और सीटों के अनुमोदन के लिए एक संरचित और पारदर्शी प्रक्रिया लागू की है। उन्होंने बताया कि हर साल मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (एमएआरबी) एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से नए मेडिकल कॉलेज खोलने, एमबीबीएस सीटें बढ़ाने या नए पीजी कोर्स शुरू करने के लिए आवेदन आमंत्रित करता है।
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अनुप्रिया पटेल ने आगे बताया कि आवेदन वही संस्थान कर सकते हैं जो अंडरग्रेजुएट या पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड द्वारा निर्धारित न्यूनतम मानकों को पूरा करते हों। आवेदन मिलने के बाद, एमएआरबी पहले उसकी जांच करता है और अगर कोई कमी पाई जाती है, तो संबंधित संस्थान को शो-कॉज नोटिस जारी किया जाता है, ताकि वे अपनी गलती सुधार सकें।
विशेषज्ञ करते है मुल्यांकन
मूल्यांकन विशेषज्ञों की एक असंगठित टीम द्वारा किया जाता है ताकि निष्पक्षता बनी रहे। इसके लिए डिजिटल दस्तावेजों की जांच, लाइव वीडियो फीड, अस्पताल प्रबंधन प्रणाली के डेटा आदि का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। अगर कमी दूर नहीं होती, तो एनएमसी कानून की धारा 28 के तहत एक और मौका दिया जाता है। उन्होंने बताया कि सभी आवश्यक शर्तें पूरी करने वाले संस्थानों को ही अंत में अनुमति पत्र जारी किया जाता है। कुल मिलाकर मंत्री ने यह साफ किया कि इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य गुणवत्ता और पारदर्शिता को प्राथमिकता देना है।
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