फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   NMCG permitted use of funds for 'dignified cremation' of COVID-19 victims, says chief

एनएमसीजी: कोविड-19 पीड़ितों के सम्मानजनक दाह संस्कार के लिए धन के उपयोग की अनुमति 

Fri, 24 Dec 2021 06:55 PM IST
Amit Mandal पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Fri, 24 Dec 2021 06:55 PM IST
सार

एनएमसीजी के महानिदेशक ने कहा कि गरीबी से पीड़ित लोगों की संख्या, जिन्होंने डॉक्टरों और दवाओं पर अपना सारा पैसा खर्च कर दिया था, वे दाह संस्कार करने की स्थिति में भी नहीं थे। 

विज्ञापन
NMCG permitted use of funds for 'dignified cremation' of COVID-19 victims, says chief
गंगा में पड़ी लाशें। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान गंगा नदी में पीड़ितों के शव बहाए गए थे। इसे देखते हुए राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) ने अधिकारियों को जिला गंगा समितियों से मिलने वाली राशि का उपयोग सम्मानजनक दाह संस्कार के लिए अधिकृत किया है। गंगा: रीइमेजिनिंग, रिजुवनेटिंग, रीकनेक्टिंग नामक पुस्तक में इसके सह-लेखक और एनएमसीजी के महानिदेशक राजीव रंजन मिश्रा ने कहा कि गरीबी से पीड़ित लोगों की संख्या, जिन्होंने डॉक्टरों और दवाओं पर अपना सारा पैसा खर्च कर दिया था, वे दाह संस्कार करने की स्थिति में भी नहीं थे। 

विज्ञापन


मिश्रा ने पुस्तक में कहा कि मैंने जिला अधिकारियों को जिला गंगा समितियों के धन का उपयोग सम्मानजनक दाह संस्कार के लिए करने हेतु अधिकृत किया। इसमें राज्यों ने भी वित्तीय सहायता देना शुरू कर दिया। स्थिति के बारे में बताते हुए उन्होंने लिखा, जैसे ही कोविड-19 महामारी के कारण शवों की संख्या कई गुना बढ़ गई जिससे उत्तर प्रदेश और बिहार के श्मशान घाटों में जगह नहीं बची जिसके बाद गंगा एक आसान डंपिंग ग्राउंड बन गई।  
विज्ञापन


गंगा में तैरते हुए शवों के दृश्यों को एक दर्दनाक और दिल तोड़ने वाला अनुभव बताते हुए मिश्रा ने कहा कि उनका काम गंगा नदी के स्वास्थ्य का संरक्षक होना था, इसके प्रवाह को फिर से जीवंत करना, इसकी प्राचीन शुद्धता की वापसी सुनिश्चित करना था। नदी को बचाने के लिए पांच साल का गहन काम कुछ ही दिनों में बेकार हो रहा था। हालांकि, मिश्रा ने कहा कि विभिन्न जिलाधिकारियों और पंचायत समितियों की रिपोर्ट के अनुसार नदी में फेंके गए शवों की संख्या 300 से अधिक नहीं थी।  

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed