फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   NMC warns Strict action if there is no e-record of patients in medical colleges

NMC: मेडिकल कॉलेजों में मरीजों का ई-रिकॉर्ड नहीं तो सख्त कार्रवाई; राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने दी चेतावनी

Wed, 30 Jul 2025 06:08 AM IST
शिव शुक्ला अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: शिव शुक्ला Updated Wed, 30 Jul 2025 06:08 AM IST
विज्ञापन
NMC warns Strict action if there is no e-record of patients in medical colleges
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : Freepik.com

मरीजों के फर्जी कागजों पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने देश के सभी मेडिकल कॉलेजों को सख्त चेतावनी जारी की है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने सभी मेडिकल कॉलेजों से मरीजों के सभी कागजात सुरक्षित रखने का आदेश दिया है। 

विज्ञापन


आयोग ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी जांच में मरीजों के रिकॉर्ड फर्जी पाए गए तो संबंधित संकाय प्रोफेसर और कॉलेज के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एनएमसी ने जारी आदेश में कहा है कि कई कॉलेजों में सभी मरीजों का आभा-आईडी दर्ज नहीं किया जा रहा है, जिससे रिकॉर्ड की प्रमाणिकता पर सवाल उठते हैं। ऐसे में आयोग ने मेडिकल कॉलेजों से प्रत्येक मरीज के कागजों पर प्रोफेसर और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर का नाम और हस्ताक्षर अनिवार्य किया है। इसी तरह सभी जांच रिपोर्ट पर संबंधित विभाग के प्रोफेसर के हस्ताक्षर होने चाहिए। इन दस्तावेजों का सत्यापन एनएमसी अपने नियमित मूल्यांकन के दौरान कर सकता है। इसमें फर्जी रिकॉर्ड पाए जाने पर फैकल्टी और कॉलेज दोनों पर कार्रवाई होगी।
विज्ञापन


साल भर में नहीं हुआ सुधार, आभा आईडी नहीं बनीं
आयोग ने पिछले वर्ष जून 2024 में जारी एक आदेश का हवाला देते हुए कहा है कि मेडिकल कॉलेजों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों का ई-रिकार्ड नहीं बनाया जा रहा है। कई कॉलेजों में मरीजों की आभा आईडी नहीं बन रही हैं जिन पर मरीजों के सभी चिकित्सा दस्तावेज उपलब्ध होते हैं। यह एक यूनिक डिजिटल हेल्थ आईडी है, जिससे मरीज के इलाज का प्रमाणिक और ट्रेस करने योग्य रिकॉर्ड तैयार होता है। हालांकि आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि आभा-आईडी न होने पर किसी भी मरीज को इलाज से वंचित नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


फर्जी आंकड़े शिक्षा-इलाज के लिए नुकसानदायक : लांगर
एनएमसी सचिव डॉ. राघव लांगर ने कहा, मेडिकल कॉलेजों की जिम्मेदारी है कि वे मरीजों का असली रिकॉर्ड बनाए रखें। फर्जी आंकड़े शिक्षा और इलाज दोनों को कमजोर करते हैं। आयोग इस पर कड़ी नजर रखेगा और जरूरत पड़ने पर सख्त कार्रवाई करेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed