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शांतिदूत बनकर आज दिल्ली आ रहे हैं नीतीश, सुलझाएंगे एनडीए में सीटों पर फंसा पेंच
Fri, 21 Dec 2018 09:59 AM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Trainee Trainee
Updated Fri, 21 Dec 2018 09:59 AM IST
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Nitish-Ram vilas Paswan
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बिहार में महागठबंधन के लोकसभा सीटों के बंटवारें की तस्वीर साफ हो चुकी है। अब सारी निगाहें एनडीए के घटक दलों पर है। पासवान की नाराजगी दूर करने के लिए गुरूवार को गहमागहमी तेज रही।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और पार्टी के महासचिव भूपेंद्र यादव ने लोजपा अध्यक्ष से एक घंटे तक बात करके नाराजगी दूर करने का प्रयास किया। सूत्रों की मानें तो बिहार में एनडीए के घटक दलों के सीट बंटवारे पर आम राय लगभग बन चुकी है और शुक्रवार को कोई बड़ी घोषणा हो सकती है।
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भाजपा ने जब लोजपा से राज्यसभा सीटें का वादा तब किया था जब रालोसपा एनडीए का हिस्सा थी। लोजपा को बिहार में चार लोकसभा सीटें और असम में एक सीट दी गई थी। सूत्रों के मुताबिक अब रालोसपा के जाने के बाद भाजपा लोकसभा सीटों में इजाफा कर 6 सीटें देने को तैयार है मगर राज्यसभा सीट के वादे पर पेंच फंसा हुआ है।
आज लोजपा अध्यक्ष राम विलास पासवान और चिराग पासवान ने संसद में भाजपा नेता और नेता वित्त मंत्री अरूण जेटली से उनके कक्ष में मुलाकात की।
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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और पार्टी के महासचिव भूपेंद्र यादव ने लोजपा अध्यक्ष से एक घंटे तक बात करके नाराजगी दूर करने का प्रयास किया। सूत्रों की मानें तो बिहार में एनडीए के घटक दलों के सीट बंटवारे पर आम राय लगभग बन चुकी है और शुक्रवार को कोई बड़ी घोषणा हो सकती है।
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राज्यसभा सीट बनी पासवान के नाराजगी की वजह
बताया जा रहा है कि बिहार में लोकसभा सीटों के बंटवारें के अलावा एक राज्यसभा सीट को लेकर पेंच फंसा हुआ है। इस राज्यसभा सीट का वादा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सितंबर में किया था, जो अबतक अधूरा है। बिहार के मुख्यमंत्री भी इस मुद्दे पर रामविलास पासवान के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। जदयू का मानना है कि अगर लोजपा बिहार में एनडीए से बाहर गई तो गठबंधन को नुकसान हो सकता है।
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लोकसभा के बजाए राज्यसभा जाएंगे पासवान!
लोजपा का कहना है कि भाजपा अपने वादे को निभाए। कहा जा रहा है कि रामविलास पासवान अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव लड़ने के बजाए राज्यसभा से सांसद बनना चाहते हैं और यह भाजपा के सहयोग के बिना संभव नहीं नजर आता।भाजपा ने जब लोजपा से राज्यसभा सीटें का वादा तब किया था जब रालोसपा एनडीए का हिस्सा थी। लोजपा को बिहार में चार लोकसभा सीटें और असम में एक सीट दी गई थी। सूत्रों के मुताबिक अब रालोसपा के जाने के बाद भाजपा लोकसभा सीटों में इजाफा कर 6 सीटें देने को तैयार है मगर राज्यसभा सीट के वादे पर पेंच फंसा हुआ है।
आज लोजपा अध्यक्ष राम विलास पासवान और चिराग पासवान ने संसद में भाजपा नेता और नेता वित्त मंत्री अरूण जेटली से उनके कक्ष में मुलाकात की।
Delhi: Ramvilas Paswan and Chirag Paswan meet FM Arun Jaitley in his chamber in Parliament
— ANI (@ANI) December 21, 2018
दिल्ली आ रहे नीतीश, देंगे गठबंधन धर्म का मंत्र
बिहार के मुख्यमंत्री आज दिल्ली आ रहे हैं। वह एनडीए शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर सीटों पर छिड़े विवाद पर विराम लगाने का प्रयास करेंगे। नीतीश कुमार भाजपा को यह भी एहसास दिलाएंगे कि पासवान को खोने का मतलब बिहार में महागठबंधन के हाथ मजबूत करना होगा। एनडीए से लोजपा के हटने पर लड़ाई एक तरफा हो जाएगी और इसका सीधा नुकसान एनडीए को उठाना होगा।