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बेरोजगारी रिपोर्ट पर सरकार-विपक्ष की भिड़ंत के बाद अब नीति आयोग ने दी सफाई
Thu, 31 Jan 2019 08:14 PM IST
Nilesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nilesh Kumar
Updated Thu, 31 Jan 2019 08:14 PM IST
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नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार
- फोटो : ANI
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देश में 45 साल में सबसे ज्यादा बेरोजगारी वाली रिपोर्ट पर विपक्ष की ओर से केंद्र सरकार पर लगाए गए आरोपों के बाद नीति आयोग की सफाई सामने आई है। आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने गुरुवार को कहा कि ये आंकड़े फाइनल नहीं है और न ही सत्यापित हुए हैं।
आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि देश में 45 साल में सबसे ज्यादा 'बेरोजगारी' वाली रिपोर्ट सत्यापित नहीं है। उन्होंने कहा कि आंकड़ों की प्रोसेसिंग जारी है। नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस(एनएसएसओ) की रिपोर्ट का कुछ हिस्सा मीडिया में लीक होने के बाद विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाते हुए हमला बोला था।
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रिपोर्ट के बारे में नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने नौकरी को लेकर डेटा जारी नहीं किया है। जैसे ही डेटा तैयार हो जाएगा हम उसे जारी कर देंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 2011-12 में जो आंकड़े दिए गए थे उससे इसकी तुलना करना ठीक नहीं होगा। कारण कि दोनों समय में अलग-अलग तरीके से आंकड़े इकट्ठे किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि नए सर्वे में कंप्यूटर पर्सनल इंटरव्यू का इस्तेमाल किया जा रहा है। डेटा को अभी वैरिफाइड नहीं किया गया है। दोनों डेटा सेट की तुलना करना और इसे अंतिम रिपोर्ट के तौर पर मान लेना ठीक नहीं होगा।
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NITI Aayog Vice Chairman Rajiv Kumar: Data collection method is different now, we are using a computer assisted personal interviewee in the new survey. It is not right to compare the two data sets, this data is not verified. It is not correct to use this report as final. pic.twitter.com/AVUuD0wYDZ
— ANI (@ANI) January 31, 2019विज्ञापन
आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि देश में 45 साल में सबसे ज्यादा 'बेरोजगारी' वाली रिपोर्ट सत्यापित नहीं है। उन्होंने कहा कि आंकड़ों की प्रोसेसिंग जारी है। नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस(एनएसएसओ) की रिपोर्ट का कुछ हिस्सा मीडिया में लीक होने के बाद विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाते हुए हमला बोला था।
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रिपोर्ट के बारे में नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने नौकरी को लेकर डेटा जारी नहीं किया है। जैसे ही डेटा तैयार हो जाएगा हम उसे जारी कर देंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 2011-12 में जो आंकड़े दिए गए थे उससे इसकी तुलना करना ठीक नहीं होगा। कारण कि दोनों समय में अलग-अलग तरीके से आंकड़े इकट्ठे किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि नए सर्वे में कंप्यूटर पर्सनल इंटरव्यू का इस्तेमाल किया जा रहा है। डेटा को अभी वैरिफाइड नहीं किया गया है। दोनों डेटा सेट की तुलना करना और इसे अंतिम रिपोर्ट के तौर पर मान लेना ठीक नहीं होगा।