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समय-पैसा बचाने के लिए नीति आयोग का प्लान, 2024 से साथ में हों लोकसभा-विधानसभा चुनाव
amarujala.com- Presented by: पवन नाहर
Updated Sun, 30 Apr 2017 05:18 PM IST
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- फोटो : WordPress
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नीति आयोग ने प्रस्ताव दिया है कि 2024 में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ करवाए जा सकते हैं। इसके पीछे उसने तर्क दिया है कि अलग-अलग प्रचार के दौरान सरकार का समय खर्च होता है और उसके कामों की रफ्तार धीमी पड़ जाती है।
अपने इस प्रस्ताव में नीति आयोग ने कहा कि एक दफा मतदान की शुरुआत कुछ राज्यों से की जा सकती है। साथ ही उसने इसपर चुनाव आयोग से भी सुझाव मांगा है औ उसे इसमें शामिल सभी पक्षों की समिति गठित कर इसका रोड-मैप तैयार करें।
इस विषय में 6 महीने के भीतर एक पूरी रिपोर्ट बनाई जाएगी और साथ ही अगले साल मार्च तक ब्लू-प्रिंट भी बनाया जाएगा। इसके बाद साल 2017-18 से लेकर 2019-20 तक का एक्शन प्लान भी बनाया जाएगा। इस ड्राफ्ट की रिपोर्ट सभी मुख्यमंत्रियों समेत गवर्निंग काउंसिल को भेजी गई है।
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यह कदम इसलिए भी खास है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी इसकी वकालत कर चुके हैं। नीति आयोग ने कहा कि देश में सभी चुनाव न्यूनतम कैंपेन से होने चाहिए ताकि सरकारों को समय नष्ट न हो।
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अपने इस प्रस्ताव में नीति आयोग ने कहा कि एक दफा मतदान की शुरुआत कुछ राज्यों से की जा सकती है। साथ ही उसने इसपर चुनाव आयोग से भी सुझाव मांगा है औ उसे इसमें शामिल सभी पक्षों की समिति गठित कर इसका रोड-मैप तैयार करें।
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इस विषय में 6 महीने के भीतर एक पूरी रिपोर्ट बनाई जाएगी और साथ ही अगले साल मार्च तक ब्लू-प्रिंट भी बनाया जाएगा। इसके बाद साल 2017-18 से लेकर 2019-20 तक का एक्शन प्लान भी बनाया जाएगा। इस ड्राफ्ट की रिपोर्ट सभी मुख्यमंत्रियों समेत गवर्निंग काउंसिल को भेजी गई है।
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यह कदम इसलिए भी खास है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी इसकी वकालत कर चुके हैं। नीति आयोग ने कहा कि देश में सभी चुनाव न्यूनतम कैंपेन से होने चाहिए ताकि सरकारों को समय नष्ट न हो।