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1 रुपये बढ़ी मनरेगा के श्रमिकों की मजदूरी
amarujala.com- Presented by: जया पाण्डेय
Updated Thu, 27 Apr 2017 11:07 AM IST
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देश में मजदूरों की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकार आप भी दंग रह जाएंगे। यूपीए सरकार के समय में शुरू की गई महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण योजना यानी मनरेगा के तहत इस वित्त वर्ष में केंद्र सरकार ने मजदूरों की दिहाड़ी में केवल 2.7 फीसदी की बढ़ोत्तरी की है।
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इतना ही नहीं कुछ राज्यों जैसे असम, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में तो 1 अप्रैल से मनरेगा के तहत दैनिक मजदूरी में वृद्धि सिर्फ 1 रुपए ही हुई है। सूखा प्रभावित राज्यों जैसे तमिलनाडु और उड़ीसा में मजदूरों की दिहाड़ी में 2 रुपए और आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 3 रुपए की बढ़ोत्तरी हुई है।
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इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार मनरेगा में संशोधन के बाद सबसे कम मजदूरी वाले राज्य झारखंड और बिहार हैं। यहां मजदूरों को प्रतिदिन 168 रुपए की दिहाड़ी ही मिलती है। इसके अलावा अगर सबसे ज्यादा दिहाड़ी देने वाले राज्य की बात करें तो इसमें हरियाणा नंबर एक पर है यहां मजदूरों को 277 रुपए मजदूरी मिलती है जो पिछले साल 259 रुपए था।
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आपको बता दें कि पिछले साल मनरेगा के तहत मजदूरों की दिहाड़ी में 5.7 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई थी। इससे पहले वित्त मंत्रालय ने ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा स्थापित एक विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों को खारिज कर दिया था जिसमें राज्यों में अकुशल कृषि मजदूरों को दिए गए न्यूनतम मजदूरी के बराबर उन्हें लाने के लिए मनरेगा के मजदूरी के निष्पक्ष संशोधन की मांग की गई थी।