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Apple Warning: 'संसदीय पैनल मुद्दे को नहीं उठा सकता, यह सरकार का काम', विपक्ष की अपील पर निशिकांत दुबे का बयान
Wed, 01 Nov 2023 07:58 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Wed, 01 Nov 2023 07:58 PM IST
सार
कांग्रेस सांसद कार्ति चिंदबरम ने संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष से इस मामले पर पैनल की बैठक बुलाने का आग्रह किया है। इस पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, यह सरकार के अधिकार क्षेत्र का मामला है।
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निशिकांत दुबे (फाइल फोटो)
- फोटो : Social Media
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विस्तार
एपल मैसेज चेतावनी मामले पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, इस मुद्दे को आईटी संसदीय समिति नहीं उठा सकती क्योंकि यह मामला लोकसभा नियमों के मुताबिक सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। पैनल के सदस्य भाजपा सांसद निशिकांत दुबे का यह बयान तब आया, जब कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम सहित कुछ विपक्षी नेताओं ने मामले को उठाया था।
निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा, अखबारों में बयान देकर दबाव बनाने से देश नहीं चलता है। सूचना और दूरसंचार पर स्थायी समिति का नेतृत्व अब शशि थरूर नहीं करते हैं। यह समिति लोकसभा के नियमों के तहत चलती है। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा के नियमों के तहत एपल द्वारा अपने ग्राहकों को दी गई चेतावनी की जांच केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आती है, जबकि आरोप के आगे सत्यापन के लिए उनके आईफोन की जांच राज्य पुलिस द्वारा की जा सकती है। हमारी समिति जिसका मैं भी सदस्य हूं, इस विषय पर बैठक नहीं कर सकती।
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कांग्रेस सांसद कार्ति चिंदबरम ने संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष से इस मामले पर पैनल की बैठक बुलाने का आग्रह किया है। संसदीय पैनल के अध्यक्ष प्रतापराव जाधव को लिखे एक पत्र में कांग्रेस के लोकसभा सदस्य ने उनसे उन सभी लोगों को बैठक में बुलाने का आग्रह किया, जिन्हें एपल से चेतावनी संदेश मिला है, साथ ही कंपनी के प्रतिनिधियों को भी बैठक में बुलाया जाए।
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निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा, अखबारों में बयान देकर दबाव बनाने से देश नहीं चलता है। सूचना और दूरसंचार पर स्थायी समिति का नेतृत्व अब शशि थरूर नहीं करते हैं। यह समिति लोकसभा के नियमों के तहत चलती है। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा के नियमों के तहत एपल द्वारा अपने ग्राहकों को दी गई चेतावनी की जांच केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आती है, जबकि आरोप के आगे सत्यापन के लिए उनके आईफोन की जांच राज्य पुलिस द्वारा की जा सकती है। हमारी समिति जिसका मैं भी सदस्य हूं, इस विषय पर बैठक नहीं कर सकती।
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अख़बार में बयान देकर दबाव बनाने से देश नहीं चलता । स्टैंडिंग कमिटि सूचना,दूरसंचार की अब शशि थरूर जी के समय राहुल गांधी जी द्वारा संचालित नहीं है । यह कमिटि लोकसभा के नियमों के तहत चलती है,लोकसभा के नियम के तहत @Apple की जॉंच केन्द्र सरकार व फ़ोन की जॉंच राज्य पुलिस का है। इस विषय… pic.twitter.com/EyswvMQo6C
— Dr Nishikant Dubey (@nishikant_dubey) November 1, 2023
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कांग्रेस सांसद कार्ति चिंदबरम ने संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष से इस मामले पर पैनल की बैठक बुलाने का आग्रह किया है। संसदीय पैनल के अध्यक्ष प्रतापराव जाधव को लिखे एक पत्र में कांग्रेस के लोकसभा सदस्य ने उनसे उन सभी लोगों को बैठक में बुलाने का आग्रह किया, जिन्हें एपल से चेतावनी संदेश मिला है, साथ ही कंपनी के प्रतिनिधियों को भी बैठक में बुलाया जाए।