फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   NIRT will do research on booster dose of BCG to control TB

ICMR-NIRT Research: टीबी पर लगाम के लिए BCG के बूस्टर डोज पर एनआइआरटी करेगा रिसर्च, जानें इसके बारे में सब कुछ

Mon, 04 Jul 2022 09:40 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क अमर उजाला, चेन्नई Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Mon, 04 Jul 2022 09:40 PM IST
सार

इस रिसर्च में टीबी के मरीजों के संपर्क में रहने वाले 6 से 18 साल के बच्चों और किशोरों को शामिल किया जाएगा। उन्हें बीसीजी टीके की बूस्टर डोज दी जाएगी और इसके परिणामों का अध्ययन किया जाएगा।
 

विज्ञापन
NIRT will do research on booster dose of BCG to control TB
टीबी की बीमारी

विस्तार

तमिलनाडु स्थित राष्ट्रीय क्षय रोग अनुसंधान संस्थान (एनआइआरटी) के शोधकर्ता बीसीजी टीके के बूस्टर डोज से टीबी के इलाज की संभावना की तलाश कर रहे हैं। इसको लेकर संस्थान एक रिसर्च भी करने जा रहा है। इस रिसर्च में टीबी के मरीजों के संपर्क में रहने वाले 6 से 18 साल के बच्चों और किशोरों को शामिल किया जाएगा। उन्हें बीसीजी टीके की बूस्टर डोज दी जाएगी और इसके परिणामों का अध्ययन किया जाएगा।

विज्ञापन


वर्तमान में टीबी पर लगाम लगाने के लिए जन्म के समय ही बीसीजी यानी बेसिल कैलमेट गुएरिन का टीका लगाया जाता है। आइसीएमआर के संस्थान एनआइआरटी की निदेशक डा पद्मा प्रिदर्शिनी ने कहा कि नवजात शिशुओं में बीसीजी टीकाकरण का प्रभाव सब जानते हैं। अब बच्चों और किशोंरों में इस टीके के बूस्टर डोज के परिणाम पर अध्ययन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बीसीजी टीके की दूसरी डोज से शरीरी की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, लेकिन अभी यह नहीं पता है कि  टीबी मरीजों के संपर्क में रहने वाले लोगों पर इसका क्या असर होता है। 
विज्ञापन


राष्ट्रीय क्षय रोग अनुसंधान संस्थान (एनआइआरटी) द्वारा किया जाने वाला यह अध्ययन देश भर में सात केंद्रों पर किया जाएगा। इसमें  9,200 बच्चों को शामिल किया जाएगा। सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से लैटेंट-टीबी का पता लगाने के लिए अपनी सीवाई-टीबी इंजेक्शन को राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) में शामिल करने को कहा है, ताकि 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाया जा सके। शोधकर्ताओं का कहना है कि एक अनुमान के मुताबिक, दुनिया के करीब एक चौथाई लोगों के शरीर में टीबी के बैक्टीरिया माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस सुप्त अवस्था में हो सकते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed