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वित्त मंत्री बनने के बाद निर्मला का पहला विदेश दौरा, जी-20 समिट के लिए जाएंगी जापान
Thu, 06 Jun 2019 07:49 AM IST
Avdhesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Thu, 06 Jun 2019 07:49 AM IST
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निर्मला सीतारमण (फाइल फोटो)
- फोटो : Instagram
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नवनियुक्त वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जापान में जी-20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गर्वनरों की बैठक में शामिल होंगी। एक सरकारी अधिकारी के मुताबिक, 8 और 9 जून को फुकुओका में होने वाली इस बैठक के दौरान वित्त मंत्री अन्य देशों के अपने समकक्षों से मुलाकात भी करेंगी। पिछली मोदी सरकार में रक्षा मंत्री रहीं निर्मला का नया मंत्रालय संभालने के बाद यह पहला विदेशी दौरा होगा। इस दौरे पर उनके साथ भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गर्वनर शशिकांत दास भी शामिल होंगे।
वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, इस बैठक का फोकस वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने आ रहे खतरों और चुनौतियों पर रहेगा। साथ ही ढांचागत निवेश और अंतरराष्ट्रीय कर ढांचा भी चर्चा के प्रमुख बिंदु रहेंगे। बैठक में बढ़ते संरक्षणवाद से वैश्विक विकास और व्यापार पर असर के मुद्दे पर भी चर्चा करेगी।
बता दें कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने 2019 के लिए वैश्विक विकास दर में कटौती की संभावना जताई है। आईएमएफ का आकलन है कि पिछले साल 3.6 फीसदी रही विकास दर इस साल 3.3 फीसदी रहेगी। बैठक के दौरान इस अनुमान को ध्यान में रखते हुए वैश्विक आर्थिक रिस्क सर्विलांस, वैश्विक असंतुलन, बुजुर्गों की बढ़ती जनसंख्या और उसके नीतिगत प्रभाव जैसी चुनौतियों पर भी चर्चा की जाएंगी।
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इस बैठक के दौरान सामने आने वाले तथ्यों पर जी-20 देशों के शीर्ष नेताओं की बैठक में विचार किया जाएगा, जो जापान के ही ओसाका में 28 और 29 जून को आयोजित की जानी है। जी-20 देशों में भारत, अमेरिका, ब्रिटेन, चीन, रूस, सऊदी अरब, जर्मनी, ब्र्राजील, जापान, कनाडा, यूरोपीय संघ, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया आदि शामिल हैं।
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वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, इस बैठक का फोकस वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने आ रहे खतरों और चुनौतियों पर रहेगा। साथ ही ढांचागत निवेश और अंतरराष्ट्रीय कर ढांचा भी चर्चा के प्रमुख बिंदु रहेंगे। बैठक में बढ़ते संरक्षणवाद से वैश्विक विकास और व्यापार पर असर के मुद्दे पर भी चर्चा करेगी।
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बता दें कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने 2019 के लिए वैश्विक विकास दर में कटौती की संभावना जताई है। आईएमएफ का आकलन है कि पिछले साल 3.6 फीसदी रही विकास दर इस साल 3.3 फीसदी रहेगी। बैठक के दौरान इस अनुमान को ध्यान में रखते हुए वैश्विक आर्थिक रिस्क सर्विलांस, वैश्विक असंतुलन, बुजुर्गों की बढ़ती जनसंख्या और उसके नीतिगत प्रभाव जैसी चुनौतियों पर भी चर्चा की जाएंगी।
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इस बैठक के दौरान सामने आने वाले तथ्यों पर जी-20 देशों के शीर्ष नेताओं की बैठक में विचार किया जाएगा, जो जापान के ही ओसाका में 28 और 29 जून को आयोजित की जानी है। जी-20 देशों में भारत, अमेरिका, ब्रिटेन, चीन, रूस, सऊदी अरब, जर्मनी, ब्र्राजील, जापान, कनाडा, यूरोपीय संघ, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया आदि शामिल हैं।