फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Nipah virus can identified in India within minutes, NIV has developed a new portable point-of-care test kit

उपलब्धि: अब मिनटों में होगी निपाह वायरस की पहचान, टीके पर भी काम जारी, एनआईवी वैज्ञानिक बना रहे एंटीबॉडी

Wed, 25 Jun 2025 05:39 AM IST
शिव शुक्ला परीक्षित निर्भय
परीक्षित निर्भय Published by: शिव शुक्ला Updated Wed, 25 Jun 2025 05:39 AM IST
सार

निपाह वायरस मुख्य रूप से फल खाने वाले चमगादड़ों के ज़रिए फैलता है, भारत में अब तक कई बार प्रकोप का कारण बन चुका है। इसकी मृत्यु दर 50% से अधिक है, जो इसे सबसे खतरनाक वायरल रोगों में से एक बनाता है।

विज्ञापन
Nipah virus can identified in India within minutes, NIV has developed a new portable point-of-care test kit
निपाह वायरस (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : iStock

विस्तार

भारत में निपाह वायरस की पहचान अब मिनटों में की जा सकेगी। राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) ने निपाह वायरस के लिए नई पोर्टेबल पॉइंट-ऑफ-केयर टेस्ट किट तैयार की है। यह टेस्ट लैब के बाहर भी तुरंत नतीजा दे सकता है और इसे खासतौर पर उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों जैसे केरल और पश्चिम बंगाल में जल्द इस्तेमाल किया जाएगा। एनआईवी के निदेशक डॉ. नवीन कुमार ने बताया कि लैंप आधारित पोर्टेबल किट से यह परीक्षण लैब की आवश्यकता के बिना ही कुछ ही मिनटों में परिणाम देता है। यह टेस्ट किट पेटेंट भी की जा चुकी है।
विज्ञापन


दरअसल, निपाह वायरस मुख्य रूप से फल खाने वाले चमगादड़ों के ज़रिए फैलता है, भारत में अब तक कई बार प्रकोप का कारण बन चुका है। इसकी मृत्यु दर 50% से अधिक है, जो इसे सबसे खतरनाक वायरल रोगों में से एक बनाता है। जानकारी के मुताबिक, एनआईवी जायडस हेल्थ साइंसेज और ट्रांसलेशनल हेल्थ साइंसेज टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट के साथ निपाह के इलाज के लिए मोनोक्लोनल एंटीबॉडी विकसित करने की दिशा में भी प्रगति की है। यह एंटीबॉडी, शरीर में वायरस के प्रभाव को निष्क्रिय कर सकती है। संस्थान निपाह वायरस के लिए एक स्वदेशी टीका पर भी काम कर रहा है, जो आने वाले वर्षों में परीक्षण के चरण में प्रवेश करेगी।
विज्ञापन


सिर्फ मलयेशिया और बांग्लादेश-जैसे जेनेटिक वेरिएंट
आंकड़ों के अनुसार, भारत में अब तक जो निपाह वायरस के नमूने मिले हैं, वे ‘जीनोटाइप बी’ श्रेणी के अंतर्गत आते हैं जो बांग्लादेश और भारत में पाए जाते हैं। यह वेरिएंट तेजी से फैलता है और गंभीर लक्षण पैदा करता है, जबकि मलयेशियाई वेरिएंट (जीनोटाइप एम) उसकी तुलना में कम संक्रामक है। पिछले एक दशक में निपाह वायरस के अधिकांश मामले केरल और पश्चिम बंगाल से सामने आए हैं। इन राज्यों में विशेष लैब और निगरानी तंत्र स्थापित किया है। बिहार, असम, मिजोरम और ओडिशा में भी कई मामले मिले हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed