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बिना गलती के बर्खास्त होने वाले कर्मचारियों को नौ महीने की आय सुनिश्चित करने की तैयारी
Sun, 16 Feb 2020 08:52 PM IST
Trainee Trainee
पीटीआई, नई दिल्ली
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Published by: Trainee Trainee
Updated Sun, 16 Feb 2020 08:52 PM IST
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श्रम विभाग की तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
आर्थिक मंदी, नियोक्ता के दिवालिया होने, प्रौद्योगिकी में बदलाव होने आदि के कारण कर्मचारियों को निकाले जाने की स्थिति में उन्हें कम से कम नौ महीने के लिए सुनिश्चित आय दिये जाने की मांग करते हुए राज्यसभा में एक निजी विधेयक पेश किया गया है।
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हाल ही में संपन्न हुए संसद के बजट सत्र के पहले चरण में भाजपा सांसद राकेश सिन्हा ने बर्खास्त कर्मचारी (कल्याण) विधेयक, 2020 पेश किया। उसमें प्रस्ताव रखा गया है कि यदि किसी कर्मचारी को आर्थिक मंदी, अदालत के आदेश, नियोक्ता के दिवालिया होने, मालिक के कारोबार नहीं चला पाने, सरकार बदलने के कारण बर्खास्त किया जाता है तो वह बेरोजगार लाभों का हकदार है।
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विधेयक के अनुसार निकाले गये कर्मचारी नौ महीने या जबतक उसे कहीं और रोजगार नहीं मिल जाता (जो भी पहले हो) बेरोजगारी मुआवजा, स्वास्थ्य बीमा लाभ या अन्य लाभ (जो सरकार से निर्धारित हो) के हकदार होंगे।
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