{"_id":"5f1d558f8ebc3e637d41c0c8","slug":"nidan-singh-girl-saved-from-forced-marriang-along-with-11-sikhs-reached-india-through-special-flight-from-kabul","type":"story","status":"publish","title_hn":"तालिबानियों से छूटकर भारत लौटे सिख ने सुनाई आपबीती, कहा- इस्लाम अपनाने को करते थे मजबूर","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
तालिबानियों से छूटकर भारत लौटे सिख ने सुनाई आपबीती, कहा- इस्लाम अपनाने को करते थे मजबूर
Sun, 26 Jul 2020 06:02 PM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Sun, 26 Jul 2020 06:02 PM IST
विज्ञापन
अफगानिस्तान से भारत पहुंचे सिख
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अफगानिस्तान में रहने वाले निदान सिंह का एक महीने पहले तालिबानियों ने अपहरण कर लिया था फिर उन्हें रिहा कर दिया गया। रविवार को निदान सिंह सहित 11 सिख अफगानिस्तान से भारत पहुंचे। इन्हें विशेष विमान के जरिए काबुल से दिल्ली लाया गया है। दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचने पर इन सभी का जोरदार स्वागत किया गया।
विज्ञापन
भारत ने निदान सिंह की रिहाई में निभाई थी अहम भूमिका
भारत सरकार ने तालिबानियों द्वारा अपहृत किए गए निदान सिंह की रिहाई में अहम भूमिका निभाई थी। सिंह की रिहाई के लिए उनकी पत्नी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था। उनका 17 जून को अफगानिस्तान के पकटिया गुरुद्वारा से अपहरण किया गया था। एक महीने बाद उनकी रिहाई हुई थी।
विज्ञापन
निदान सिंह के साथ एक 16 साल की नाबालिग युवती सुनमित कौर भी है। उसका अपहरण करके जबरन मुस्लिम बनाकर निकाह करवाया जा रहा था। ये सभी लंबी अवधि के वीजा के तहत भारत आए हैं। नागरिकता संशोधन कानून के तहत इन्हें नागरिकता दी जाएगी।
विज्ञापन
Nidan Singh (Afghan Sikh who was kidnapped a month ago and released recently), along with a delegation of Afghan Sikhs, arrives in Delhi. pic.twitter.com/OGAZYo9BoE
— ANI (@ANI) July 26, 2020
हिन्दुस्तान... हिंदुस्तान है
भारत पहुंचने के बाद भावुक होते हुए निदान सिंह सचदेवा ने कहा कि मुझे नहीं पता हिंदुस्तान को क्या कहना है, मेरी माँ या पिता मगर हिंदुस्तान .. हिंदुस्तान है। उन्होंने तालिबानी आतंकियों द्वारा अगवा करने की घटना को याद करते हुए बताया कि उन्हें रोज मारा जाता था, पेड़ में बांधकर रखा जाता था और इस्लाम को अपनाने के लिए कहा जाता था।
आतंकियों के निशाने पर हैं सिख
अफगानिस्तान में सिख काफी लंबे समय से आतंकियों के निशाने पर हैं। उन्हें भारत को चोट पहुंचाने के लिए निशाना बनाया जाता है। काबुल के गुरुद्वारे में हुए आतंकी हमले में 25 सिखों की मौत हुई थी। अफगानिस्तान में सिख लड़कियों की जबरन शादी कराए जाने के मामले भी सामने आए हैं।
काबुल में सिख समुदाय के नेता चाबुल सिंह ने बताया कि हमें 11 लोगों का छह महीने के लिए वीजा मिला है। इनमें निदान सिंह भी शामिल हैं। अपहरण के दौरान दी गई प्रताड़ना के बाद से वो काफी बीमार हैं। उनके रिश्तेदारों को भी वीजा मिला है। काबुल हमले में मारे गए दो भाइयों के परिवार भी भारत गए हैं। एक बेटी जिसे जबरन शादी से बचाया गया था उसे भी भेजा गया है।