फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   NIA Says Hurriyat leaders recommended to give Pak visa to terrorists

बड़ा खुलासा: हुर्रियत नेताओं ने चिट्ठी लिखकर की थी आतंकियों को पाक वीजा देने की सिफारिश: एनआईए 

Fri, 08 Jun 2018 03:59 AM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Updated Fri, 08 Jun 2018 03:59 AM IST
विज्ञापन
NIA Says Hurriyat leaders recommended to give Pak visa to terrorists
एनआईए - फोटो : file photo
जम्मू कश्मीर के सैन्य शिविर पर हमले के एक आरोपी आशिक बाबा को पाकिस्तान दौरे का वीजा हुर्रियत नेताओं के सिफारिशी पत्र के आधार पर दिया गया था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बृहस्पतिवार को बयान जारी कर बताया कि सैन्य शिविर पर हमले के आरोपी बाबा और दो अन्य आतंकी, तारिक अहमद डार व मुनीर-उल-हसन कादरी से हुई पूछताछ में इस बात का खुलासा हुआ है। ये तीनों आतंकी अभी एजेंसी की हिरासत में हैं।
विज्ञापन

 
जांच एजेंसी के मुताबिक, गिरफ्तार आतंकियों से हुई पूछताछ में पता चला है कि नागरोटा शिविर पर हुए हमले में पाकिस्तानी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कमांडरों का हाथ था। ये सभी आतंकी व्हाट्सएप के वायस और टेक्स्ट मैसेजेज के जरिये मुजफ्फराबाद स्थित मौलाना मुफ्ती अशगर के लगातार संपर्क में थे। अशगर का भतीजा दक्षिणी कश्मीर में जैश का कमांडर था, जो हाल ही में पुलवामा के पास हुई मुठभेड़ में मारा गया।
विज्ञापन


एनआईए के बयान में कहा गया है कि ये सभी आतंकी अशगर के अलावा रावलपिंडी के कमांडर कारी जरार, वसीम और अबू तल्हा के संपर्क में भी थे। जरार, वसीम और तल्हा जम्मू क्षेत्र में आतंकियों की नियुक्ति का इंचार्ज है। जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बलों पर हमले की साजिश रचने के लिए आशिक बाबा ने 2015 से 2017 के बीच कानूनी तरीके से वाघा बॉर्डर पार कर चार बार पाकिस्तान की यात्रा की थी। उसे सैयद अली शाह गिलानी, गनी भट और मौलाना उमर फारूक जैसे हुर्रियत नेताओं के सिफारिश पत्रों पर वीजा दिया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


जांच एजेंसी ने बताया कि अपनी पाकिस्तान यात्रा के दौरान आशिक ने जैश के कमांडरों से मुलाकात की और स्थानीय आईएसआई एजेंट से हरी झंडी मिलने के बाद उनसे निर्देश प्राप्त करता रहा। वहां से लौटने के बाद वह निर्देश पाता रहा कि कैसे और कब आतंकी संगठन के संपर्क में रहना है। हमले के एक सप्ताह पहले उसे और दूसरे गिरफ्तार आतंकी मुनीर को सांबा सेक्टर हाईवे के पास पहुंचने के लिए जीपीएस दिया गया और साथ ही पाकिस्तान के आकाओं से व्हाट्सएप के जरिये वह नागरोटा सैन्य कैंट पर हमला करने की जानकारी पाता रहा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed