ISIS Module Case: एनआईए ने महाराष्ट्र में आरोपी शमील नाचन के घर की ली तलाशी, मिली 'आपत्तिजनक सामग्री'
एनआईए ने बताया कि शमील के ठाणे के पडघा (Padgha) स्थित घर की तलाशी में कई मोबाइल फोन, हार्ड डिस्क और कुछ हस्तलिखित दस्तावेज आदि मिले हैं, जिनकी जांच और विश्लेषण किया जा रहा है।
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पुणे आईएसआईएस मॉड्यूल मामले में पिछले सप्ताह गिरफ्तार आरोपी शमील साकिब नाचन के ठाणे आवास पर तलाशी अभियान चलाया और ‘आपत्तिजनक दस्तावेज’ जब्त किए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जब्त दस्तावेज आतंकवादी संगठन आईएसआईएस की देश में शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की साजिश का खुलासा करते हैं।
एजेंसी ने एक बयान में कहा कि एनआईए अधिकारियों की एक टीम ने ठाणे जिले के पडघा (Padgha) में नाचन के आवास की तलाशी ली। बयान में कहा गया कि आईएसआईएस स्लीपर मॉड्यूल के सदस्य नाचन को एनआईए ने 11 अगस्त को गिरफ्तार किया था। नाचन को आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने के लिए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) के निर्माण और इसका प्रशिक्षण देने में शामिल पाया गया था।
बयान में कहा गया है कि नाचन पुणे स्थित आईएसआईएस मॉड्यूल मामले में गिरफ्तार होने वाला छठा व्यक्ति है। एजेंसी ने कहा कि एनआईए अधिकारियों ने नाचन के आवास की तलाशी ली और कई मोबाइल फोन, हार्ड डिस्क और कुछ हस्तलिखित दस्तावेज बरामद किए, जिनकी जांच और विश्लेषण किया जा रहा है।
नाचन इस मामले में गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों जुल्फिकार अली बड़ौदावाला, मोहम्मद इमरान खान, मोहम्मद यूनुस साकी, सिमाब नसीरुद्दीन काजी और अब्दुल कादिर पठान के अलावा कुछ अन्य संदिग्धों के साथ काम कर रहा था। बयान में कहा गया है कि यह आईईडी बनाकर और विस्फोट करके देश के विभिन्न हिस्सों में हिंसा भड़काने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा है। खान और साकी को पुलिस ने पिछले महीने पुणे शहर के कोथरुड इलाके में एक मोटरसाइकिल चोरी करते हुए पकड़ा था, लेकिन एक अन्य संदिग्ध शाहनवाज आलम भागने में सफल रहा था।
जांच से पता चला कि दोनों मार्च 2022 के राजस्थान आतंकी साजिश मामले में एनआईए द्वारा वांछित थे और वे अल-सुफा संगठन के कथित सदस्य थे, जो एनआईए द्वारा मामले में कुछ गिरफ्तारियां करने के बाद रतलाम से भाग गए थे। एनआईए ने अपने बयान में कहा कि पुणे आईएसआईएस मॉड्यूल मामले की जांच से पता चला है कि नाचन और आईएसआईएस स्लीपर सेल के अन्य सदस्यों ने पुणे के कोंढवा में एक घर में आईईडी इकट्ठा किया था, जहां उन्होंने पिछले साल एक बम (आईईडी) असेंबली और प्रशिक्षण कार्यशाला का भी आयोजन किया था और उसमें भाग लिया था। इसमें कहा गया है कि उन्होंने अपने द्वारा निर्मित आईईडी का परीक्षण करने के लिए इस स्थान पर एक नियंत्रित विस्फोट भी किया था।
एजेंसी ने कहा कि साजिश का उद्देश्य देश की शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने के उद्देश्य से आतंकवादी कृत्य करना था। बयान में कहा गया है कि आरोपियों की देश में इस्लामिक स्टेट की स्थापना के लक्ष्य के साथ आतंक और हिंसा फैलाने और आईएसआईएस के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की योजना थी।