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एनआईए ने किया बड़ा खुलासा, हरियाणा के पलवल की मस्जिद में लगा लश्कर का पैसा

Tue, 16 Oct 2018 04:03 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 16 Oct 2018 04:03 AM IST
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NIA made big disclosures, money of Lashqar has been used in Palwal mosque of Haryana

आतंकी फंडिंग की जांच कर रही राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) की हालिया छापेमारी में बड़ा खुलासा हुआ है। हरियाणा के पलवल स्थित एक मस्जिद के निर्माण में आतंकी गुट लश्कर ए ताइबा का पैसा लगा होने का पता चला है। साथ ही देश के करीब 2.50 लाख गैर पंजीकृत मदरसों की हवाला के जरिए फंडिंग भी एनआईए और खुफिया एजेंसियों के लिए पहेली बनी हुई है। 

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जांच में पता लगा है कि मदरसों में कट्टपंथी बहावी मत को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान से संचालित हवाला डीलरों का बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। इनका मकसद मदरसों में आधुनिक शिक्षा संबंधी जस्टिस राजेंद्र सच्चर कमेटी की रिपोर्ट के अमल को नाकाम करना है। 

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दिल्ली से जुड़े राज्यों के मदरसों में हवाला के जरिए हो रही मोटी फंडिंग

एनआईए ने 3 अक्तूबर को पलवल के उत्तरावर गांव स्थित मस्जिद में छापेमारी की थी। उसका दावा है कि इस मस्जिद को लश्कर समर्थित एनजीओ फलह-ए-इंसानियत फाउंडेशन (एफआईएफ) से 70 लाख रुपये मिले थे। मस्जिद के इमाम समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई तो दिल्ली के लाजपत नगर के एक डीलर का पता चला। 

गत शुक्रवार को एनआईए ने लाजपत नगर में हिलाल अहमद राथर नामक कश्मीरी व्यापारी के आवास पर छापेमारी कर 18 लाख रुपये नकद, छह मोबाइल फोन व सिम कार्ड और अहम कागजात बरामद किए थे। राथर से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। दिल्ली से जुड़े राज्यों के मदरसों में हवाला के जरिए मोटी फंडिंग हो रही है।

कई मदरसों में दी जा रही बहावी मत की शिक्षा

खुफिया एजेंसी के उच्चपदस्थ सूत्रों ने बताया कि पिछले महीने केरल के मरकज-उल-जामिया मदरसे की जांच में पता चला कि देश के कई मदरसों में बहावी मत की शिक्षा दी जा रही है। सऊदी से निकले इस कट्टरपंथी मत को अंतरराष्ट्रीय आतंकी गुट आईएस भी मानता है। इन मदरसों में काफी गहरी पैठ बना चुके हवाला डीलर साल में 50 लाख रुपये तक की फंडिंग कर रहे हैं। 

सूत्रों के मुताबिक, आजादी के दौरान देश में करीब 100 मदरसे थे। अब इसकी संख्या करीब 5 लाख है। इनमें करीब पचास फीसदी मदरसे ही पंजीकृत हैं। सूत्रों ने बताया कि ज्यादातर मदरसे कुरान से मुताबिक इस्लामिक शिक्षा दे रहे हैं। ये सच्चर कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक आधुनिक शिक्षा लागू करने के लिए सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

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यहां से कर रहा काम हवाला का नेटवर्क 

सूत्रों के मुताबिक, समस्या ऐसे मदरसों की है जो सरकार की नजर से बचकर कट्टरपंथ को लागू करना चाहते हैं। पाक समर्थित यह नेटवर्क मदरसों में आधुनिक शिक्षा को किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने देना चाहता है। इसके लिए दुबई, सऊदी अरब, ओमान और कतर जैसे खाड़ी के देशों से हवाला का बड़ा नेटवर्क चल रहा है। 

भारत नेपाल सीमा पर दोनों तरफ ऐसे मदरसे कुकुरमुत्ते की तरह मौजूद हैं। इनके खिलाफ सुरक्षा एजेंसियां काम कर रही हैं। एनआईए को पिछले दिनों मिली सफलताएं उन्हीं कोशिशों की नतीजा है। 

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