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Antilia Case: NIA नेपाल में छिपे आरोपियों से जल्द करेगी पूछताछ, नेपाली अधिकारियों को भेजा अनुरोध पत्र
Wed, 29 Mar 2023 12:37 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 29 Mar 2023 12:37 AM IST
सार
एनआईए ने अपनी चार्जशीट में दावा किया है कि तीनों ने नेपाल में शरण ली थी, जब वे नौ मार्च से 20 मार्च, 2021 के बीच भाग रहे थे।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को एंटीलिया बम कांड मामले में छिपे आरोपियों के खिलाफ जांच की अनुमति मिल गई है। एएनआई अदालत ने उस याचिका स्वीकार कर लिया जिसमें तीन आरोपियों के खिलाफ नेपाली अधिकारियों से जांच के अनुरोध पत्र की मांग की गई थी।
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जांच या अभियोजन में सहायता प्राप्त करने के लिए किसी अन्य देश के न्यायालय/प्राधिकरण को न्यायालय द्वारा अनुरोध पत्र भेजा जाता है। जिन तीन आरोपियों के खिलाफ अनुरोध मांगा गया था, वे संतोष शेलार, सतीश मोथुकुरी और मनीष सोनी हैं। एनआईए ने अपनी चार्जशीट में दावा किया है कि तीनों ने नेपाल में शरण ली थी, जब वे नौ मार्च से 20 मार्च, 2021 के बीच भाग रहे थे।
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मंगलवार को, एजेंसी ने विशेष एनआईए अदालत में एक अनुरोध पत्र मांगा, जिसमें कहा गया था कि उसे ठाणे के व्यवसायी मनसुख हिरेन की हत्या के बाद काठमांडू में तीन आरोपियों के रहने के संबंध में विवरण और सबूत चाहिए, जो इस मामले से जुड़ा है। अदालत ने आदेश दिया कि नेपाल में सक्षम प्राधिकारी को अनुरोध पत्र भेजा जाए।
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बता दें 25 फरवरी 2021 को एंटीलिया के बाहर विस्फोटकों से भरी एक स्कॉर्पियो गाड़ी खड़ी मिली थी। पुलिस के अनुसार यह कार 24 फरवरी 2021 की मध्य रात एक बजे के करीब एंटीलिया के बाहर खड़ी की गई थी। इसमें 20 जिलेटिन की रॉड बरामद की गई थी।इन्हीं सब को देखते हुए गृह मंत्रालय ने पूरे मामले की जांच एनआईए को सौंप दी थी। जानकारी के मुताबिक कुछ दिनों पहले ही स्कॉर्पियो के मालिक मनसुख हिरेन की संदिग्ध मौत हो गई थी और लाश एक नाले से बरामद की गई थी। इतना ही नहीं शव की जांच के दौरान उनके मुंह से पांच रूमाल निकले थे।