{"_id":"695754617ace9af2c200adea","slug":"nia-chargesheeted-three-more-accused-in-2023-bengaluru-prison-radicalisation-case-lashkar-e-taiba-karnataka-2026-01-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"NIA: जेल में रची थी बंगलूरू को दहलाने की साजिश, यूं पहुंचा गोला बारूद तो डॉक्टर ने टॉप आतंकी तक पहुंचाया फोन","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
NIA: जेल में रची थी बंगलूरू को दहलाने की साजिश, यूं पहुंचा गोला बारूद तो डॉक्टर ने टॉप आतंकी तक पहुंचाया फोन
Fri, 02 Jan 2026 10:45 AM IST
देवेश त्रिपाठी
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली।
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Fri, 02 Jan 2026 10:45 AM IST
सार
बंगलूरू शहर के सिटी आर्म्ड रिजर्व-साउथ में सहायक सब इंस्पेक्टर चान पाशा ए ने कैदियों की सुरक्षा ड्यूटी के दौरान टी. नसीर के साथ अपने संबंधों के बारे में जानकारी साझा करने के लिए सलमान से अवैध रिश्वत ली थी।
विज्ञापन
एनआईए
- फोटो : एएनआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पाकिस्तान के आतंकी संगठन 'लश्कर-ए-तैयबा' के दहशतगर्दों ने जेल में बंगलूरू को दहलाने की साजिश रची थी। लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े कई आतंकी बंगलूरू के केंद्रीय कारागार, परप्पना अग्रहारा में बंद थे। आतंकियों की साजिश में पहले अपने साथियों को जेल से छुड़ाना और उसके बाद शहर में आतंकी वारदात को अंजाम देना था। जेल के डॉक्टर ने प्रमुख आतंकी के पास मोबाइल फोन पहुंचाया था। दूसरे लोगों ने गोला बारूद जमा करने में मदद की थी।
विज्ञापन
2023 में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े बंगलूरू जेल में कट्टरपंथीकरण के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने तीन और आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। आतंकियों की गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक बड़ी साजिश रची गई। कई आतंकी मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे टी नसीर को जेल से अदालत ले जाते समय भागने में मदद करना, यह भी उक्त साजिश का हिस्सा था।
विज्ञापन
उस समय नसीर, 2008 के बंगलूरू सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में विचाराधीन कैदी था। यह मामला मूल रूप से जुलाई 2023 में बंगलूरू शहर पुलिस द्वारा दर्ज किया गया था। यह मामला उन आदतन अपराधियों से हथियार, गोला-बारूद और डिजिटल उपकरण बरामद होने से संबंधित है, जिन्होंने भारत की संप्रभुता और सुरक्षा को भंग करने के इरादे से शहर में आतंक फैलाने की योजना बनाई थी।
विज्ञापन
अपने दूसरे पूरक आरोपपत्र में, जांच एजेंसी ने अनीस फातिमा, चान पाशा ए और डॉ. नागराज एस को आईपीसी, यूएपीए, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और कर्नाटक जेल अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत नामजद किया है। अक्टूबर 2023 में स्थानीय पुलिस से मामला अपने हाथ में लेने वाली एनआईए ने पहले ही फरार जुनैद अहमद समेत नौ आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर कर दिया था। अब जिन तीन लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किए गए हैं, उनमें अनीस फातिमा की पहचान जुनैद की मां के रूप में हुई है। उन्होंने बंगलूरू के केंद्रीय कारागार, परप्पना अग्रहारा में टी नसीर को रसद सहायता और धन मुहैया कराया था।
वह अपने बेटे के निर्देश पर हथगोले और वॉकी-टॉकी संभालने में भी शामिल थीं और विभिन्न आरोपियों के बीच संचार की सुविधा प्रदान करती थीं। एनआईए की जांच में यह भी पता चला कि उन्होंने एक प्रमुख आरोपी सलमान खान को पनाह देने और उसके यात्रा दस्तावेजों की व्यवस्था करके उसे दुबई भागने में मदद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सलमान को बाद में रवांडा गणराज्य से भारत प्रत्यर्पित किया गया था।
बंगलूरू शहर के सिटी आर्म्ड रिजर्व-साउथ में सहायक सब इंस्पेक्टर चान पाशा ए ने कैदियों की सुरक्षा ड्यूटी के दौरान टी. नसीर के साथ अपने संबंधों के बारे में जानकारी साझा करने के लिए सलमान से अवैध रिश्वत ली थी। केंद्रीय कारागार अस्पताल, परप्पना अग्रहारा में प्रतिनियुक्ति पर तैनात मनोचिकित्सक डॉ. नागराज एस जेल में अवैध रूप से मोबाइल फोन की तस्करी करने और उन्हें कैदियों को नकद में बेचने में शामिल थे। इनमें से एक फोन टी. नसीर तक पहुंच गया था, जिसका इस्तेमाल उसने आतंकी साजिश को बढ़ावा देने के लिए अपने सह-आरोपियों से संवाद करने के लिए किया था।