एनआईए ने एसएसपी सलविंदर सिंह को फिर किया तलब
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पठानकोट आतंकी हमले के अहम गवाह विवादास्पद एसएसपी सलविंदर सिंह को नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को अचानक तलब कर पूछताछ की। 2 फरवरी को पठानकोट एयरबेस पर हमले से पहले जैश-ए-मोहम्मद को चार आतंकियों के हाथों अहवा हुए एसएसपी को इसकी साजिश के मामले में क्लीन चिट दी जा चुकी है। इस मामले की जांच के लिए 27 मार्च को भारत पहुंच रही पाक एसआईटी के मद्देनजर सलविंदर का अचानक तलब किया जाना अहम माना जा रहा है।
हालांकि एनआईए ने इस पूछताछ केबारे में कोई भी ब्यौरा देने से इनकार किया है। सूत्रों के मुताबिक महीने भर पहले गुरदासपुर एसएसपी सलविंदर से दो हफ्ते तक पूछताछ की गई थी। उस दौरान सलविंदर केखिलाफ ऐसा कुछ नहीं मिला जिससे उसके साजिश में शामिल होने का शक हो। सूत्र ने संकेत दिया कि शुक्रवार की पूछताछ आतंकियों केपठानकोट एयरबेस तक पहुंचने से संबंधित था। गौरतलब है कि हमले केलिए सीमा पार कर आए जैश आतंकियों ने सलविंदर और उनकेदो साथियों को उसकी एसयूवी गाड़ी समेत अगवा कर लिया था।
उसे रास्ते में उतारकर आतंकी एयरबेस की तरफ चले गए थे। इसी दौरान आतंकियों ने सलविंदर केफोन से पाकिस्तान में अपने हैंडलर्स और परिवारवालों से बातचीत की थी। इसी फोन इंटरसेप्शन से भारतीय एजेंसियों को हमले की योजना की जानकारी मिली। इसी आधार पर पठानकोट एयरबेस में सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे।
हमले की जांच के लिए पाकिस्तानी जेआईटी को वीजा जारी
वहीं भारत ने शुक्रवार को पठानकोट हमले की जांच के लिए आने वाली पाकिस्तानी संयुक्त जांच दल के (जेआईटी) पांच सदस्यों को वीजा जारी कर दिए। पाकिस्तानी जेआईटी के सदस्य रविवार को पठानकोट पहुंच कर हमले की जांच शुरू करेंगे। भारत का दावा है कि इस हमले को पाकिस्तान से ऑपरेट कर रहे जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने अंजाम दिया है। पाकिस्तानी जेआईटी की टीम भारत के इसी दावे की जांच के लिए आ रही है। यह पहली बार है जब पाकिस्तान की कोई टीम भारत में हुए आतंकवादी हमले की जांच करने आ रही है।
पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों ने शुक्रवार को पाक जेआईटी के सदस्यों को वीजा देने की पुष्टि कर दी। पाकिस्तान की संयुक्त टीम 27 मार्च को पाक से रवाना होगी। टीम में सैनिक और नागरिक प्रशासन के अधिकारी शामिल हैं। जांच टीम का नेतृत्व पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के आतंकरोधी विभाग (सीटीडी) के प्रमुख अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक मुहम्मद ताहिर राय कर रहे हैं। अन्य सदस्यों में जनरल इंटेलिजेंस ब्यूरो की लाहौर शाखा के डिप्टी डायरेक्टर मोेहम्मद अजीम अरशद, आईएसआई के लेफ्टिनेंट कर्नल तनवीर अहमद, मिलिट्री इंटेलिजेंस के लेफ्टिनेंट कर्नल इरफान मिर्जा और गुजरांवाला सीटीडी के जांच अधिकारी शाहिद तनवीर शामिल हैं।
पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक टीम पठानकोट आर्मी बेस पर हमले के दौैरान आतंकवादियों की ओर से इस्तेमाल किए गए हथियारों की जांच कर सकती है। जांच अधिकारी हमले के शिकार लोगों और मरने वालों के परिजनों के बयान भी रिकार्ड कर सकते हैं। पहले पाकिस्तान ने हमले की जांच के लिए एक छह सदस्य विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया था। यह टीम भारत की ओर से हमले के बारे में मुहैया कराई गई जानकारी के आधार पर गठित की गई थी। लेकिन बाद में काठमांडू में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और उनके पाकिस्तानी समकक्ष सरताज अजीज की मुलाकात के बाद जेआईटी को भेजने का फैसला किया गया।