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Tamil Nadu: करंट से ठेका मजदूरों की मौत मामले में NHRC सख्त; मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से मांगी रिपोर्ट
Mon, 23 Dec 2024 12:58 PM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Mon, 23 Dec 2024 12:58 PM IST
सार
मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि हाईटेंशन लाइन पर बिना सुरक्षा उपकरण और बिजली पूरी तरह से बंद किए बिना कर्मचारी काम कर रहे हैं। इस पर आयोग ने कहा कि अगर मीडिया की खबरें सही साबित होती हैं तो बिजली विभाग की घोर लापरवाही है।
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NHRC
- फोटो : ANI
विस्तार
तमिलनाडु उत्पादन एवं वितरण निगम (टैंजेडको) में ठेका मजदूर के रूप में कार्यरत दो व्यक्तियों की दुखद मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने संज्ञान लिया है। यह हादसा 18 दिसंबर को तिरुचि के केके नगर में ओलैयूर रिंग रोड के पास हुआ था, जहां ये मजदूर हाई-टेंशन ओवरहेड बिजली लाइन की मरम्मत कर रहे थे और बिजली के करंट से उनकी जान चली गई।
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अगर खबर सही हुई तो...
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कर्मचारियों ने बताया कि हाईटेंशन लाइन पर बिना सुरक्षा उपकरण के और बिजली पूरी तरह से बंद किए बिना काम किया जा रहा है। इस पर आयोग ने कहा कि अगर मीडिया की खबरें सच साबित होती हैं तो बिजली विभाग की ओर से घोर लापरवाही का संकेत है। इसके परिणामस्वरूप दो मजदूरों की मौत हो गई। आयोग ने यह भी कहा कि राज्य में ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। यह गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन है और आयोग के लिए चिंता का विषय है।
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दो सप्ताह के अंदर मांगी रिपोर्ट
एनएचआरसी ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए जरूरी कदम उठाने का आश्वासन दिया है। साथ ही, तमिलनाडु के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
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आयोग ने पूछा- क्या कुछ कदम उठाए गए
आयोग ने कहा कि मामले में दर्ज एफआईआर की स्थिति और दोनों पीड़ितों के परिजनों को अगर मुआवजा दिया है तो उसके बारे में जानकारी दी जाए। इसके अलावा यह भी बताएं कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार और टैंजेडको द्वारा क्या कदम उठाए गए हैं।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रारंभिक जांच के अनुसार मरम्मत कार्य के दौरान केबल की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बंद नहीं की गई थी। कर्मचारी बिना किसी सुरक्षा उपकरण के काम पर थे। इसी तरह की एक घटना में, पिछले साल तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले में एक ट्रांसफार्मर की मरम्मत करते समय एक कर्मचारी की बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई थी। पिछले महीने, चक्रवात फेंगल के दौरान एक प्रवासी श्रमिक की कथित तौर पर बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई थी और उसका शव मुथियालपेट में एक एटीएम के पास पाया गया था।