फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   NHRC said consider teachers engaged in Corona duty as frontline warriors

कोरोना से जंग: एनएचआरसी ने कहा, ड्यूटी में लगे शिक्षकों को मानें अग्रिम मोर्चे का योद्धा

Sun, 20 Jun 2021 03:55 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Sun, 20 Jun 2021 03:55 AM IST
सार

  • राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को दिया निर्देश, कोरोना ड्यूटी में लगे शिक्षकों को भी पहले से घोषित बीमा और मुआवजे का लाभ दिया जाए।

विज्ञापन
NHRC said consider teachers engaged in Corona duty as frontline warriors
कोरोना वॉरियर्स (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : पीटीआई

विस्तार

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने केंद्र सरकार से कहा है कोरोना महामारी में जिन शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है, उन्हें भी अन्य कर्मचारियों की तरह अग्रिम मोर्चे का कोरोना योद्धा माना जाए। साथ ही इन शिक्षकों को भी अन्य सभी कोरोना योद्धाओं की तरह पहले से घोषित बीमा और मुआवजे का लाभ दिया जाए। आयोग ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को इसके लिए सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को आदेश जारी करने का निर्देश दिया है।

विज्ञापन


आयोग ने मंत्रालय को यह भी निर्देश दिया है कि कोरोना महामारी में ड्यूटी के दौरान निधन होने वाले शिक्षकों के मुआवजे की रकम और अन्य सेवाओं का लाभ जल्द से जल्द उनके परिजनों को दिया जाए। आयोग ने यह आदेश मानवाधिकार कार्यकर्ता और सुप्रीम कोर्ट में वकील राधाकांत त्रिपाठी की याचिका पर दिया। त्रिपाठी ने अपनी याचिका में पूरे भारत से कई मामलों का उदाहरण देते हुए शिक्षकों को अग्रिम पंक्ति का योद्धा नहीं मानने का विरोध जताया था।
विज्ञापन


उन्होंने बताया था कि दादरा नगर हवेली में कोविड के चलते 10 अनुबंधित शिक्षकों का निधन हुआ। ये शिक्षक सरकार की तरफ से घर-घर जाकर कोरोना मरीजों का सर्वे करने व अन्य कोविड ड्यूटी में लगाए गए थे। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, दिल्ली यूनिवर्सिटी और जामिया मिलिया इस्लामिया जैसे विश्वविद्यालयों में युवा शिक्षकों और अनुभवी विद्वानों की बड़े पैमाने पर कोरोना के कारण मौत का भयावह मंजर देखने को मिला। उत्तर प्रदेश में हालिया पंचायत चुनावों की ड्यूटी में लगे सैकड़ों शिक्षकों का निधन कोराना से होने की बात सामने आई।
विज्ञापन
विज्ञापन


सीमांचल की दास्तां दर्दनाक
याचिकाकर्ता राधाकांत त्रिपाठी ने ओडिशा के गंजम जिले के शिक्षक सीमांचल सतपथी की दर्दनाक दास्तां भी आयोग के सामने रखी। कोविड ड्यूटी के दौरान कोरोना संक्रमण से पिछले साल 3 जुलाई को 27 वर्षीय सीमांचल का निधन हो गया, लेकिन 10 महीने बाद भी उसके नाम पर कोई पैसा जारी नहीं हो सका है। उसके माता-पिता ने भुवनेश्वर के अस्पताल में उसके निधन की खबर मिलते ही गंजम जिले के नारायणपुरसासन गांव में आत्महत्या कर ली।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed