{"_id":"6aa94704fa4816969201031e","slug":"nhai-to-upgrade-1033-helpline-with-ai-real-time-location-tracking-and-smart-emergency-response-2026-09-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईवे पर फंसे तो नहीं भटकना पड़ेगा: NHAI ला रहा AI वाली 1033 हेल्पलाइन; जानें कैसे पहुंचेगी आप तक मदद","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
हाईवे पर फंसे तो नहीं भटकना पड़ेगा: NHAI ला रहा AI वाली 1033 हेल्पलाइन; जानें कैसे पहुंचेगी आप तक मदद
Tue, 15 Sep 2026 06:54 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Tue, 15 Sep 2026 06:54 PM IST
सार
2018 में 1033 हेल्पलाइन शुरू की गई है। यह हादसों और दूसरी आपात स्थितियों के अलावा टोल, फास्टैग और सड़क से जुड़ी शिकायतों में भी मदद करती है। हेल्पलाइन फिलहाल 1.46 लाख किमी से ज्यादा राष्ट्रीय राजमार्गों को कवर करती है। इस पर रोज करीब 15 हजार कॉल आती हैं।
विज्ञापन
NHAI
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण अपनी 1033 हेल्पलाइन को अपग्रेड करने की तैयारी कर रहा है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रियल टाइम लोकेशन ट्रैकिंग और स्मार्ट इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम जोड़े जाएंगे। इसका मकसद हादसे की स्थिति में यात्रियों तक जल्द मदद पहुंचाना है।
विज्ञापन
1033 हेल्पलाइन चलाने वाली इंडियन हाईवे मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड ने इसे नए तरीके से तैयार करने के लिए कंपनियों से सुझाव मांगे हैं। सुझाव मिलने के बाद हेल्पलाइन के लिए टेंडर जारी किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक,नई व्यवस्था के तहत इस नंबर पर कॉल करने वाले की लोकेशन खुद पता चल जाएगी। अलग अलग भारतीय भाषाओं में कॉल समझने के लिए एआई का इस्तेमाल होगा। इससे एंबुलेंस, क्रेन या पेट्रोलिंग वाहन को सही जगह भेजने में समय कम लगेगा। हालांकि आपात स्थिति में मानव ऑपरेटर की भूमिका बनी रहेगी।
विज्ञापन
अभी कॉल करने वाले को अपनी जानकारी बार-बार बतानी पड़ती है। लोकेशन के लिए भी लैंडमार्क बताना या एजेंट को मैनुअल एंट्री करनी पड़ती है। नई व्यवस्था में समस्या सिर्फ एक बार बतानी होगी और सिस्टम खुद लोकेशन पता कर लेगा। मौजूदा व्यवस्था में एंबुलेंस समेत दूसरे आपात वाहन दूरी के आधार पर भेजे जाते हैं। नई व्यवस्था में लाइव ट्रैफिक और सड़क की स्थिति देखकर 30 सेकंड में सबसे नजदीकी सही वाहन चुना जाएगा। इसके लिए नया सिस्टम सड़क पर पहुंचने में लगने वाले समय का भी आकलन करेगा। नई व्यवस्था में 1033 को इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम और राजमार्ग यात्रा ऐप से भी जोड़ा जाएगा।
विज्ञापन