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खतरनाक पदार्थों से हुए हादसे के पीड़ितों के लिए हैं 800 करोड़, फिर भी नहीं कर रहे खर्च: एनजीटी
Wed, 25 Nov 2020 03:10 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Wed, 25 Nov 2020 03:10 AM IST
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खतरनाक पदार्थों के रखरखाव की प्रक्रिया के दौरान हादसे के शिकार लोगों के लिए 800 करोड़ रुपये हैं, मगर उसका इस्तेमाल नहीं हो रहा है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने यह चिंता जताते हुए केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को फटकार लगाई है।
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एनजीटी ने पर्यावरण मंत्रालय को इस मामले में जरूरी कार्रवाई करने के दिए निर्देश, कहा- 29 साल से पीड़ितों के कल्याण के लिए बना है कानून
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पीड़ितों के लिए बने पर्यावरण राहत कोष का इस्तेमाल नहीं करने पर एनजीटी ने मंत्रालय को गौर करने और जरूरी कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं। एनजीटी के चेयरमैन जस्टिस आदर्श कुमार गोयल और जस्टिस एसके सिंह की पीठ ने कहा, हमने पाया है कि कल्याणकारी कानून बनाए जाने के 29 साल बाद भी इंसाफ का मजाक उड़ाया जा रहा है।
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जरूरतमंद पीड़ितों के लिए इतनी बड़ी राशि होने के बावजूद उन पर खर्च नहीं किया जा रहा है। पीठ ने कहा, 31 मार्च, 2020 तक यूनाइटेड इंडिया बीमा कंपनी लिमिटेड के फंड मैनेजर के पास 881 करोड़ रुपये जमा किए जा चुके है।