{"_id":"5fe4d04590c54a707d005acc","slug":"ngt-orders-to-center-for-audit-of-security-situation-of-all-thermal-power-stations-of-the-country","type":"story","status":"publish","title_hn":"देश के सभी बिजलीघरों की सुरक्षा स्थिति का ऑडिट कराए केंद्रः एनजीटी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
देश के सभी बिजलीघरों की सुरक्षा स्थिति का ऑडिट कराए केंद्रः एनजीटी
Thu, 24 Dec 2020 11:00 PM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Thu, 24 Dec 2020 11:00 PM IST
विज्ञापन
एनजीटी
- फोटो : सोशल मीडिया
राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने बिजली और कोयला मंत्रालयों के सचिवों को निर्देश दिया है कि छह महीने के अंदर देशभर में स्थित थर्मल पावर स्टेशनों की सुरक्षा स्थिति का ऑडिट कराएं ताकि तमिलनाडु के नेवेली बॉयलर ब्लास्ट जैसा हादसा भविष्य में फिर न हो। एनजीटी चेयरमैन जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की पीठ ने भविष्य के लिए अपनाए जाने वाले उपचारात्मक उपायों का निर्देश दिया।
विज्ञापन
एनजीटी ने कहा कि वह केंद्र सरकार के सचिवों, बिजली और कोयला मंत्रालयों के साथ ऐसे अन्य विभागों/संस्थानों को पूरे देशभर के थर्मल पावर स्टेशनों का सुरक्षा ऑडिट का निर्देश देते हैं। यह काम छह महीने के अंदर पूरा किया जाना होगा ताकि भविष्य में नेवेली जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति से बचा जा सके।
विज्ञापन
एनजीटी ने यह निर्देश एक रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद कही। रिपोर्ट में कहा गया था कि नेवेली बॉयलर ब्लास्ट की घटना की वजह 28 एसओपी और प्रक्रिया का ज्ञान नहीं रखने वाली स्थिति से निपटने वाले कर्मचारियों की विफलता थी। साथ ही कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण और अपेक्षित कार्य परमिट नहीं दिया गया था।
विज्ञापन
एनजीटी को यह भी बताया गया कि पीड़ितों को निर्देशानुसार मुआवजा दिया जा चुका है। इस साल जुलाई में नेवेली बॉयलर ब्लास्ट में छह लोगों की जान चली गई थी और 17 लोग घायल हुए थे।