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एनजीटी ने सैन्य बलों को दिए सीपीसीबी से बैठक करने के निर्देश
Thu, 12 Nov 2020 03:01 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 12 Nov 2020 03:01 AM IST
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एनजीटी
- फोटो : Twitter
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राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने सशस्त्र बलों को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के साथ बैठक करने का निर्देश दिया है। इस बैठक का एजेंडा वैज्ञानिक तरीके से कूड़ा प्रबंधन का इन-हाउस निगरानी तंत्र विकसित करना रहेगा।
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एनजीटी चेयरमैन जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, सशस्त्र बलों में कुछ निश्चित संस्थानों के पास शायद पर्यावरणीय मुद्दों और पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक उपायों से जुड़ी पर्याप्त जानकारी का अभाव है।
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पीठ ने कहा कि विभिन्न स्तरों पर नामित अधिकारी पर्यावरणीय मुद्दों और चुनौतियों पर जागरूकता कार्यक्रम शुरू कर सकते हैं, जो एक सतत प्रक्रिया हो सकती है।
एनजीटी ने यह आदेश भारतीय वायुसेना की एक स्थिति रिपोर्ट पर ध्यान देने के बाद जारी किया है। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि हरित मानक निर्धारित किए गए हैं और पर्यावरण के अनुकूल प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है।
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सेना की रिपोर्ट में सियाचिन ग्लेशियर के पारिस्थितिकी से जुड़े मुद्दों, जवानों के संवेदीकरण की कार्य योजना, अपशिष्ट को घटाने की तरीकों की पहचान और इसके निस्तारन के तरीकों का उल्लेख किया गया है। स्थिति रिपोर्ट के मुताबिक, दो टास्क फोर्स का गठन करते हुए उन्हें अपशिष्ट उत्पादन को घटाने और विभिन्न लोकेशन पर वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है।
याचिकाकर्ता सेवानिवृत्त एयर मार्शल अनिल चोपड़ा के मुताबिक, सैन्य हथियारों, घरेलू, औद्योगिक, जैविक, अस्पताल और इलेक्ट्रॉनिक गतिविधियों (ई-वेस्ट) के जरिये उत्पादित अपशिष्ट का जनता और पर्यावरण के हित में वैज्ञानिक निस्तारण आवश्यक है। चोपड़ा उत्तर प्रदेश सॉलिड वेस्ट प्रबंधन निगरानी समिति के भी सदस्य हैं।
चोपड़ा ने अपनी याचिका में तीन रिपोर्ट का जिक्र किया था, जिनमें सैन्य बलों की तरफ से पर्यावरणीय मुद्दे और अपशिष्ट प्रबंधन, सियाचिन ग्लेशियर पारिस्थितिकी मुद्दे और कैंटोंमेंट व सैन्य स्टेशन रिपोर्ट शामिल है।