NGO Licences: गृह मंत्रालय ने 30 सितंबर तक बढ़ाया समय; समाप्त होने से पहले एनजीओ लाइसेंस रिन्यू करा सकेंगे लोग
केंद्र सरकार ने चंदे या विदेश से मिलने वाले अनुदान से जुड़े कानून- एफसीआरए के तहत पंजीकरण कराने वाले एनजीओ के भविष्य को लेकर अहम फैसला लिया है। अब 30 जून के बाद 30 सितंबर तक लाइसेंस का रिन्यूअल कराया जा सकेगा। जानिए क्या है गृह मंत्रालय का यह बड़ा फैसला
विस्तार
गृह मंत्रालय (MHA) ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) के तहत पंजीकृत गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) को अंतरिम राहत देने वाला फैसला लिया है। जिनके नवीनीकरण आवेदन लंबित हैं, उन सभी गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के लाइसेंस 30 सितंबर, 2025 तक रिन्यू कराए जा सकेंगे। सरकार ने फैसले के संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। गृह मंत्रालय के निर्णय के मुताबिक एफसीआरए के तहत रजिस्ट्रेशन करा चुके ऐसे एनजीओ जिनके पंजीकरण प्रमाणपत्रों की वैधता 30 जून तक थी, अब इसे बढ़ाकर 30 सितंबर 2025 कर दिया गया है।
संबंधित एनजीओ को अंतरिम राहत मिलेगी
हालांकि, सरकार के इस फैसले का लाभ उन एनजीओ को ही मिलेगा, जिनके नवीनीकरण आवेदन लंबित हैं। केंद्र सरकार के इस निर्णय से उन संबंधित एनजीओ को अंतरिम राहत मिलेगी, जिनके आवेदन पर अंतिम निर्णय लंबित है।गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, तारीख का यह विस्तार 30 सितंबर 2025 या नवीनीकरण आवेदन की निपटान तिथि में जो भी पहले हो उस समय तक प्रभावी रहेगा।
तीन महीने और बनी रहेगी संस्थाओं की वैधता
साथ ही, एफसीआरए के तहत पंजीकृत उन संस्थाओं की वैधता भी 30 सितंबर 2025 तक बढ़ाई गई है, जिनके पांच वर्षीय एफसीआरए लाइसेंस 1 जुलाई से 30 सितंबर 2025 के बीच समाप्त होने वाले हैं। ऐसे एनजीओ को भी लाभ मिलेगा जिन्होंने नवीनीकरण का आवेदन समय रहते कर दिया है, या आने वाले कुछ दिनों में करेंगे।
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NGO के लाइसेंस नवीनीकरण आवेदन अस्वीकार होने पर FCRA वैधता रद्द
गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि जिन संस्थाओं के नवीनीकरण आवेदन को अस्वीकार कर दिया जाएगा, उनकी एफसीआरए वैधता उसी दिन से समाप्त मानी जाएगी। ऐसा होने पर ये एनजीओ लाइसेंस रद्द होने के बाद किसी भी प्रकार का विदेशी अंशदान या चंदा प्राप्त नहीं कर सकेंगे। लाइसेंस रिन्यू न होने की सूरत में विदेश से मिलने वाले फंड का उपयोग भी नहीं किया जा सकेगा।
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कानून के उल्लंघन पर मिलेगी सख्त सजा
सरकार ने यह चेतावनी भी दी है कि जिन संस्थाओं का एफसीआरए पंजीकरण रद्द हो गया है या लाइसेंस की तिथि समाप्त हो चुकी है, उनके एफसीआरए खातों में कोई भी वित्तीय लेन-देन एफसीआर कानून का उल्लंघन माना जाएगा। दोषी पाए जाने के बाद सरकार दंडात्मक कार्रवाई भी कर सकती है। बता दें कि विदेशी फंड प्राप्त करने के लिए एनजीओ का पंजीकरण एफसीआरए के तहत अनिवार्य होता है।
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