Updates: असम विधानसभा में हिंदी में भी होगी कार्यवाही; त्रिपुरा-बंगाल में 1.11 लाख कोडीनयुक्त कफ सिरप जब्त
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
असम विधानसभा के बजट सत्र से हिंदी को असमिया, अंग्रेजी और बोडो के साथ आधिकारिक भाषा के रूप में शामिल किया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष रंजीत कुमार दास ने रविवार को गुवाहाटी में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शनिवार को हुई जनरल पर्पज कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया। उनके अनुसार, अब सदन की कार्यवाही इन चारों भाषाओं में संचालित की जा सकेगी। अध्यक्ष ने कहा कि हिंदी को "राष्ट्रभाषा" मानते हुए सम्मान के तौर पर इसे विधानसभा की आधिकारिक भाषा के रूप में शामिल करने का फैसला लिया गया है। इसके साथ ही विधानसभा की कार्यवाही का प्रसारण करने वाले ALA TV का नाम बदलकर 'असम विधानसभा टीवी' करने का भी निर्णय लिया गया।
बोडो भाषा को लेकर अटकलों पर विराम
इस फैसले के बाद यह चर्चा शुरू हो गई थी कि कहीं बोडो भाषा को विधानसभा की आधिकारिक भाषाओं की सूची से हटाया तो नहीं जा रहा है। हालांकि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इन अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें स्पष्ट किया है कि बोडो भाषा को हटाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बोडो, असम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पहचान का अभिन्न हिस्सा है तथा यह राज्य की विविधता को और मजबूत बनाती है।
बोडो के संरक्षण का भरोसा
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि राज्य सरकार बोडो भाषा के संरक्षण और संवर्धन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा आने वाली पीढ़ियों तक इसके विकास के लिए हर संभव प्रयास जारी रखेगी। उल्लेखनीय है कि बोडो भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल आधिकारिक भाषाओं में से एक है। वर्ष 2020 में असम आधिकारिक भाषा (संशोधन) अधिनियम के तहत इसे असम विधानसभा की एसोसिएट ऑफिशियल लैंग्वेज का दर्जा दिया गया था। अब हिंदी को भी आधिकारिक भाषा के रूप में शामिल किए जाने के बाद विधानसभा में भाषाई प्रतिनिधित्व और व्यापक हो जाएगा।
त्रिपुरा और बंगाल में 1.11 लाख कोडीनयुक्त कफ सिरप जब्त, डीआरआई की कार्रवाई
राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में दो अलग-अलग अभियानों के दौरान कोडीन आधारित कफ सिरप की 1,11,851 बोतलें जब्त की हैं। इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई मादक पदार्थ एवं मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के तहत की गई। डीआरआई के अनुसार, 2 जुलाई को अगरतला जाने वाली एक ट्रेन के पार्सल वैन में भेजे जा रहे माल की जांच की गई। इसमें 80 धातु के ड्रमों के भीतर पाउडर की परत के नीचे बड़ी चालाकी से 55,626 बोतलें छिपाकर रखी गई थीं। यह अभियान रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और असम राइफल्स की मदद से चलाया गया। माल लेने पहुंचे एक व्यक्ति को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। इसी दौरान पश्चिम बंगाल के डंकुनी स्थित एक गोदाम में छापे के दौरान 104 सीलबंद लोहे के ड्रमों से 56,225 बोतलें बरामद हुईं। इन्हें भी चीनी मिट्टी के पाउडर की परत के नीचे छिपाया गया था ताकि पहचान न हो सके। डीआरआई ने बताया कि कोडीन का इस्तेमाल वैध रूप से दवाओं में होता है, लेकिन इसका दुरुपयोग नशीले पदार्थ के रूप में भी किया जाता है। एजेंसी का कहना है कि यह कार्रवाई तस्करों द्वारा अपनाए जा रहे नए तरीकों को उजागर करती है। डीआरआई ने ऐसे संगठित तस्करी नेटवर्क के खिलाफ खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
प्रभारी इंस्पेक्टर के मौत की हाई लेवल जांच की मांग
ओडिशा के कटक जिले के चौलियागंज थाने की प्रभारी इंस्पेक्टर ब्यूटी मोहंती का शव शनिवार को उनके सरकारी आवास में फंदे से लटका मिला। शुरुआती जांच में पुलिस ने निजी कारणों से आत्महत्या की आशंका जताई है। हालांकि, घटना के एक दिन बाद ओडिशा पुलिस ऑफिसर्स एसोसिएशन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है। एसोसिएशन के अध्यक्ष असित कुमार जेना ने कहा कि इसे सामान्य अस्वाभाविक मौत का मामला मानकर नहीं छोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि एक हाई लेवल कमेटी गठित कर एक महीने के भीतर मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाए। जेना ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में पुलिस अधिकारी अत्यधिक कार्यदबाव में काम कर रहे हैं और उन्हें नियमों के अनुसार पर्याप्त छुट्टियां भी नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने सरकार से पुलिसकर्मियों के लिए अवकाश व्यवस्था में सुधार की मांग की।
मध्य अफ्रीकी देश कांगो के अशांत पूर्वी हिस्से में तैनात सेना के 651 शांति सैनिकों को उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए प्रतिष्ठित संयुक्त राष्ट्र पदक से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान समारोह पूर्वी कांगो के साके स्थित परमानेंट ऑपरेटिंग बेस पर आयोजित किया गया। समारोह के दौरान भारतीय बटालियन के असाधारण पेशेवराना रवैए, परिचालन उत्कृष्टता और अटूट प्रतिबद्धता की जमकर सराहना की गई। सेना फिलहाल संयुक्त राष्ट्र के सबसे चुनौतीपूर्ण और अस्थिर शांति मिशनों में से एक में तैनात है। लगातार जारी सशस्त्र हिंसा और जटिल मानवीय संकट के बीच सेना ने स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा बेहतर करने और मानवीय सहायता पहुंचाने में साहस और संकल्प का परिचय दिया है। समारोह के समापन पर भारतीय शांति सैनिकों ने संयुक्त राष्ट्र के नीले ध्वज के तहत अपनी सेवाएं जारी रखने का संकल्प दोहराया। यह पदक इस बात का सीधा प्रमाण है कि जब दुनिया के सबसे अशांत क्षेत्रों में शांति स्थापित करने की बात आती है, तो वैश्विक समुदाय भारतीय सेना पर सबसे ज्यादा भरोसा करता है।
सीबीआई के प्रवक्ता ने कहा, "आरोप है कि उत्तरी रेलवे मुख्यालय के ये लोक सेवक एक निजी कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ मिलीभगत कर भ्रष्टाचार में शामिल थे। वे कथित तौर पर अवैध रिश्वत के बदले रेलवे के ठेके दिलाने में निजी कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचा रहे थे।" प्रवक्ता ने कहा कि सार्वजनिक खरीद से जुड़े निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का उल्लंघन कर ठेके दिए गए।
सीबीआई के आधिकारिक बयान के अनुसार, "ट्रैप कार्रवाई के दौरान निजी कंपनी के प्रतिनिधि शारिक अली द्वारा उत्तरी रेलवे के मुख्य सामग्री प्रबंधक को दी गई एक लाख रुपये की रिश्वत की राशि बरामद की गई।" अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने दोनों सरकारी अधिकारियों और कथित रिश्वत देने वाले शारिक अली को गिरफ्तार कर लिया है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली, गाजियाबाद, बुलंदशहर और कानपुर स्थित विभिन्न ठिकानों पर तलाशी ली गई, जहां से कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण बरामद हुए हैं। सीबीआई ने इस मामले में उत्तरी रेलवे मुख्यालय, बड़ौदा हाउस में तैनात मुख्य सामग्री प्रबंधक नरेंद्र सिंह, उप मुख्य सामग्री प्रबंधक शुभाशीष मैती और वरिष्ठ लिपिक (स्टोर) लेनिन शर्मा को आरोपी बनाया है।
प्राथमिकी में उत्तर प्रदेश के कानपुर के जाजमऊ स्थित मैश इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड (मैश एंड कंपनी) के कारोबारी शारिक अली और एजाज अली के नाम भी शामिल हैं। कंपनी को भी आरोपी बनाया गया है। एफआईआर के अनुसार, शारिक अली कथित तौर पर लेनिन शर्मा और उनके सहयोगियों के माध्यम से रेलवे टेंडरों से जुड़ी "महत्वपूर्ण और गोपनीय जानकारी" तथा अन्य लाभ अवैध रिश्वत के बदले नियमित रूप से हासिल करता था।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दक्षिण पश्चिम रेलवे की विभागीय भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। सीबीआई के प्रवक्ता ने बताया कि आरोपियों पलवोई अशोक और शेख जिलानी को कर्नाटक के बंगलूरू से गिरफ्तार किया गया।
ये गिरफ्तारी दक्षिण पश्चिम रेलवे में गुड्स ट्रेन मैनेजर के पद पर भर्ती के लिए हुए जनरल डिपार्टमेंटल कॉम्पिटिटिव एग्जामिनेशन (जीडीसीई)-2022 का पेपर लीक होने के मामले में की गई। सीबीआई ने दक्षिण पश्चिम रेलवे की शिकायत पर 23 आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और सरकारी कर्मचारी की ओर से अवैध रूप से रिश्वत लेने का मामला दर्ज किया था। प्रवक्ता ने बताया कि जांच के दौरान अशोक और जिलानी को अतिरिक्त आरोपी बनाया गया। दोनों के ठिकानों पर तलाशी के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस (जैसे स्कैनर और प्रिंटर, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर रेलवे परीक्षाओं में धोखाधड़ी के लिए किया गया था। परीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड और उम्मीदवारों की जानकारी बरामद हुई। जांच में ऐसे सबूत भी मिले हैं जो पेपर लीक की साजिश का खुलासा करते हैं।
महाराष्ट्र-गुजरात में खंगाले दो कंपनियों के ठिकाने
सीबीआई ने शनिवार को महाराष्ट्र और गुजरात में दो निजी फर्मों के दफ्तरों और उनके निदेशकों के ठिकानों पर छापे मारे। इस दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल सबूत बरामद किए, जिन्हें जब्त कर लिया गया। यह मामला एसबीआई और केनरा बैंक से जुड़ी 231 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से जुड़ा है। अधिकारियों ने बताया कि पहला मामला एसबीआई मुंबई की शिकायत पर मेसर्स आरएल ज्वेल्स लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ दर्ज किया गया था। इन पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और हेराफेरी के जरिये बैंक को 103.58 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
53 हजार रुपये रिश्वत लेते सैन्य इंजीनियर गिरफ्तार
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने हिमाचल प्रदेश के मनाली में सैन्य इंजीनियरिंग सेवा (एमईएस) के एक सहायक गैरिसन इंजीनियर को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोपी इंजीनियर ने ठेकेदार फर्म के सुपरवाइजर (शिकायतकर्ता) से बिल पास करने के बदले 93,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता ने 3 जुलाई को अपने कार्यालय में आरोपी को 40,000 रुपये की पहली किस्त दी थी। इसी दिन उन्होंने इंजीनियर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद आरोपी ने बाकी बचे 53,000 रुपये के साथ शनिवार को फिर बुलाया था। सीबीआई ने जाल बिछाकर आरोपी को 53,000 रुपये लेते रंगेहाथ पकड़ लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के आवास से कल दी गई 40,000 रुपये की राशि और लगभग 10 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं।
चाय बागान श्रमिकों के लिए 313 करोड़ की योजना
पश्चिम बंगाल सरकार ने चाय बागान श्रमिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री चाय श्रमिक प्रोत्साहन योजना लागू करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि 313.30 करोड़ रुपये की इस योजना से राज्य के 10 लाख से अधिक श्रमिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। यह केंद्रीय योजना पिछले करीब दो वर्षों से राज्य में लंबित थी, क्योंकि इसके लिए जरूरी राज्य स्तरीय समिति का गठन नहीं हुआ था। योजना के तहत 177 करोड़ रुपये शिक्षा, 72 करोड़ रुपये स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन और 63 करोड़ रुपये से 321 विश्राम शेड बनाए जाएंगे। इन शेड में सौर ऊर्जा, स्वच्छ पेयजल, बैठने की व्यवस्था और आधुनिक शौचालय जैसी सुविधाएं होंगी। उत्तर बंगाल विकास विभाग अन्य संबंधित विभागों के साथ मिलकर योजना को लागू करेगा।
बर्थडे गिफ्ट लेने निकली बच्ची, बोरे में मिली लाश
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 11 वर्षीय लापता बच्ची का शव रविवार सुबह एक बोरे में बरामद हुआ। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है, ताकि मौत की वजह और यौन उत्पीड़न की आशंका की पुष्टि की जा सके। बच्ची शनिवार को अपनी सहेली के जन्मदिन के लिए उपहार खरीदने घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों का आरोप है कि चार लोग उसे जबरन अपने साथ ले गए थे। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने यौन उत्पीड़न के बाद हत्या का आरोप लगाते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग में बारुईपुर-जयनगर रोड जाम कर दिया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के कार्रवाई के आश्वासन के बाद प्रदर्शन खत्म हुआ। पुलिस ने मामले में एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
के. कविता की अगुवाई वाली तेलंगाना रक्षा सेना (TRS) को चुनाव आयोग ने पार्टी के नाम पर उठी आपत्तियों के बाद वैकल्पिक नाम सुझाने को कहा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक आयोग को सैकड़ों आपत्तियां मिली थीं, लेकिन फिलहाल दो आपत्तियां ही पार्टी को भेजी गई हैं। इनमें एक तेलंगाना के सिद्धिपेट स्थित तेलंगाना राज्य समिति और दूसरी महाराष्ट्र के एक संगठन की है, जिन दोनों का संक्षिप्त नाम भी TRS है। पार्टी ने दोनों आपत्तियों का जवाब देते हुए आयोग से सभी आपत्तियों की प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग की है और कहा है कि वह हर आपत्ति का जवाब देगी। जरूरत पड़ने पर कानूनी रास्ता अपनाने पर भी विचार किया जा रहा है। के. कविता ने 25 अप्रैल 2026 को नई पार्टी लॉन्च की थी। उल्लेखनीय है कि के. चंद्रशेखर राव ने 2022 में अपनी पुरानी TRS का नाम बदलकर BRS कर दिया था।
गुजरात के पूर्व वन मंत्री और 10 बार विधायक रहे मोहन सिंह राठवा का निधन हो गया। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें गुजरात विधानसभा में राठवा के साथ कई वर्षों तक काम करने का अवसर मिला। आदिवासी समुदाय के सर्वांगीण विकास, जनसेवा और जनकल्याण के प्रति राठवा का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि आदिवासी समाज के उत्थान और पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनके प्रयास प्रेरणादायी थे। कैबिनेट मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने भी उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया। 1944 में जन्मे मोहन सिंह राठवा 1972 से 2022 तक छोटाउदेपुर से लगातार विधायक रहे। अपने लंबे राजनीतिक जीवन में वे जनता पार्टी, जनता दल, कांग्रेस और बाद में भाजपा से जुड़े रहे। उनके निधन को गुजरात की राजनीति में एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दावा किया कि अयोध्या में राम मंदिर के नाम पर लगभग 20 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति की लूट हुई और आरोप लगाया कि इस लूट के लिए भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) जिम्मेदार हैं। चिक्काबल्लापुर में संविधान निर्माता बीआर आंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए खरगे ने कहा, आपने देखा.. भगवान के नाम पर कितनी लूट हो रही है। अयोध्या में क्या हुआ? क्या गरीबों ने ऐसा किया? क्या दलितों ने ऐसा किया? क्या किसानों ने ऐसा किया? नहीं... यह आरएसएस और भाजपा से जुड़े लोगों ने किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर के नाम पर दान किए गए सोने, चांदी और यहां तक कि ईंटों तक को लूट लिया गया है। वे हर दिन भगवान का नाम जपते हैं लेकिन उनके नाम पर ही लूटपाट करते हैं। राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा पर यह आरोप भी लगाया कि वह सत्ता में बनने रहने के लिए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और परिसीमन के जरिये वोट चोरी की कोशिश कर रही है। उन्होंने भाजपा पर राजनीतिक फायदे के लिए धर्म का सहारा लेने का आरोप लगाया और कहा कि वह चुनावी हेरफेर के जरिये लोकतांत्रिक संस्थाओं को भी कमजोर कर रही है।
वीबी-जी राम जी योजना: 25,863 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी
केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन की गारंटी (वीबी-जी राम जी) योजना के तहत देशभर के राज्यों को 25,863 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी। शिवराज ने भोपाल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सुबह 10 बजे यह किस्त जारी की। इस मौके पर चौहान ने योजना के लागू होने पर खुशी जताई। उन्होंने बताया कि मनरेगा से विकसित भारत जी-राम-जी योजना में बदलाव बेहद आसानी से हुआ है और अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है। ज्ञात हो कि यह अधिनियम 1 जुलाई 2026 से लागू हुआ है, जिसे 2025 के शीतकालीन सत्र में पास किया गया था। नई योजना में रोजगार की गारंटी 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। हालांकि, विपक्ष ने योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाने और केंद्र व राज्य के बीच 60:40 के अनुपात में फंड बांटने पर सरकार की आलोचना की है।
बंगाल: चुनाव आयोग के खिलाफ 110 याचिकाएं दायर, सभी खारिज
हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान चुनाव आयोग और उसके फैसलों के खिलाफ कोलकाता हाईकोर्ट में 110 याचिकाएं दायर की गईं, लेकिन कोर्ट ने आयोग के सभी फैसलों को सही ठहराया। ये सभी याचिकाएं 15 मार्च को चुनावों की घोषणा से लेकर प्रक्रिया पूरी होने तक दायर की गई थीं। एक अधिकारी ने बताया कि किसी भी मामले में चुनाव आयोग के खिलाफ कोई प्रतिकूल आदेश नहीं आया। पश्चिम बंगाल में अप्रैल में दो चरणों में चुनाव हुए थे, जिसमें भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन को उखाड़ फेंका और प्रदेश में पहली बार सरकार बनाई। चुनाव प्रक्रिया के दौरान विपक्षी दलों, मुख्य रूप से तत्कालीन सत्तारूढ़ दल तृणमूल ने चुनाव आयोग पर भाजपा की मदद करने और पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने के गंभीर आरोप लगाए थे। आयोग पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के जरिये भाजपा विरोधी मतदाताओं के नाम हटाने का भी आरोप लगा। इस दौरान विपक्ष के विरोध की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ के समक्ष इस मामले में पैरवी की थी।
अभिषेक की सेवाश्रय योजना पर शिकंजा दूसरी एफआईआर दर्ज
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी की सेवाश्रय स्वास्थ्य शिविर योजना को लेकर कानूनी कार्रवाई का दायरा बढ़ता जा रहा है। डायमंड हार्बर थाने में पहले से दर्ज एफआईआर के बाद अब दूसरी एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन में आवश्यक वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया और विभिन्न कानूनों का उल्लंघन हुआ। पुलिस ने स्थानीय भाजपा नेता अभिजीत दास की शिकायत पर यह केस दर्ज किया है। सूत्रों के अनुसार, सेवाश्रय और सेवाश्रय-2 शिविरों से जुड़ी कुल 16 शिकायतों के आधार पर जांच शुरू की गई है। एफआईआर में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के अलावा औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, पीसीपीएनडीटी अधिनियम समेत अन्य प्रावधानों के तहत भी आरोप लगाए गए हैं।