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Updates: पुदुचेरी में कैबिनेट का विस्तार हुआ; राजनीतिक दल बनने की राह पर है अन्नामलाई का 'वी द लीडर्स' आंदोलन
Wed, 17 Jun 2026 02:10 PM IST
Devesh Tripathi
आशुतोष भाटिया
आशुतोष भाटिया
Published by: Devesh Tripathi
Updated Wed, 17 Jun 2026 02:10 PM IST
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आज की बड़ी खबरें।
- फोटो : अमर उजाला
सेना ने अपनी वायु रक्षा प्रणाली को अचूक बनाने के लिए स्वदेशी इंटरमीडिएट टारगेट सिस्टम की खरीद के लिए सूचना अनुरोध (आरएफआई) जारी किया है। आसान शब्दों में कहें तो सेना को एक ऐसे अत्याधुनिक रॉकेट की तलाश है, जो अभ्यास के दौरान दुश्मन की क्रूज मिसाइल या लड़ाकू ड्रोन की सटीक नकल कर सके। इसके जरिये सेना अपनी हवाई रक्षा प्रणालियों को वास्तविक खतरों से निपटने का अभ्यास करा सकेगी।
आधुनिक युद्ध में ड्रोन और स्वार्म ड्रोन हमलों ने दुनियाभर की सेनाओं के सामने हवाई खतरों की पहचान और जवाबी कार्रवाई की नई चुनौतियां पेश की हैं। भारत ने 2020 की गलवां घाटी झड़प और वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन के साथ जारी सैन्य तनाव के बाद अपनी वायु रक्षा प्रणाली के आधुनिकीकरण की गति काफी बढ़ा दी है।
प्रणाली की खासियतें
इस नए टारगेट रॉकेट सिस्टम के लिए न्यूनतम गति 180 मीटर प्रति सेकंड होनी चाहिए, ताकि यह तेज गति से आने वाली दुश्मन की मिसाइलों का सटीक प्रतिरूप बन सके। रॉकेट की रेंज 6 किमी से अधिक होनी चाहिए।
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मणिपुर: कड़ी सुरक्षा के बीच अस्पताल से स्थानांतरित किए गए तीन युवक
इंफाल में क्षेत्रीय चिकित्सा विज्ञान संस्थान (रिम्स) से तीन घायल युवाओं को कड़ी सुरक्षा के बीच बुधवार को आधी रात के बाद अस्पताल से बाहर स्थानांतरित कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि उनकी सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाया गया।
ये तीनों युवक कुकी समुदाय से हैं और सोमवार को कांगपोकपी जिले में प्रतिद्वंद्वी आदिवासी सशस्त्र समूहों के बीच हुई गोलीबारी में घायल हुए थे। अधिकारियों के अनुसार करीब सवा 12 बजे रात को उन्हें सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच अस्पताल से निकाला गया, ताकि किसी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
उन्हें किसी अन्य स्वास्थ्य सुविधा केंद्र में ले जाया जा रहा है। हालांकि, प्रशासन ने अभी यह नहीं बताया कि उन्हें कहां स्थानांतरित किया गया है। तीनों को एंबुलेंस में सुरक्षा बलों की निगरानी में ले जाया गया और उन्हें चुराचांदपुर जिले की ओर जाने वाले मार्ग की तरफ जाते हुए देखा गया।
मंगलवार रात को सुरक्षा बलों ने उन प्रदर्शनकारियों को रोक दिया जो अस्पताल परिसर में घुसने की कोशिश कर रहे थे। प्रदर्शनकारी मांग कर रहे थे कि इन तीनों युवकों को उनके हवाले किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल के गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों पर पथराव भी किया, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने कई आंसू गैस के गोले दागे।
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आधुनिक युद्ध में ड्रोन और स्वार्म ड्रोन हमलों ने दुनियाभर की सेनाओं के सामने हवाई खतरों की पहचान और जवाबी कार्रवाई की नई चुनौतियां पेश की हैं। भारत ने 2020 की गलवां घाटी झड़प और वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन के साथ जारी सैन्य तनाव के बाद अपनी वायु रक्षा प्रणाली के आधुनिकीकरण की गति काफी बढ़ा दी है।
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प्रणाली की खासियतें
इस नए टारगेट रॉकेट सिस्टम के लिए न्यूनतम गति 180 मीटर प्रति सेकंड होनी चाहिए, ताकि यह तेज गति से आने वाली दुश्मन की मिसाइलों का सटीक प्रतिरूप बन सके। रॉकेट की रेंज 6 किमी से अधिक होनी चाहिए।
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मणिपुर: कड़ी सुरक्षा के बीच अस्पताल से स्थानांतरित किए गए तीन युवक
इंफाल में क्षेत्रीय चिकित्सा विज्ञान संस्थान (रिम्स) से तीन घायल युवाओं को कड़ी सुरक्षा के बीच बुधवार को आधी रात के बाद अस्पताल से बाहर स्थानांतरित कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि उनकी सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाया गया।
ये तीनों युवक कुकी समुदाय से हैं और सोमवार को कांगपोकपी जिले में प्रतिद्वंद्वी आदिवासी सशस्त्र समूहों के बीच हुई गोलीबारी में घायल हुए थे। अधिकारियों के अनुसार करीब सवा 12 बजे रात को उन्हें सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच अस्पताल से निकाला गया, ताकि किसी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
उन्हें किसी अन्य स्वास्थ्य सुविधा केंद्र में ले जाया जा रहा है। हालांकि, प्रशासन ने अभी यह नहीं बताया कि उन्हें कहां स्थानांतरित किया गया है। तीनों को एंबुलेंस में सुरक्षा बलों की निगरानी में ले जाया गया और उन्हें चुराचांदपुर जिले की ओर जाने वाले मार्ग की तरफ जाते हुए देखा गया।
मंगलवार रात को सुरक्षा बलों ने उन प्रदर्शनकारियों को रोक दिया जो अस्पताल परिसर में घुसने की कोशिश कर रहे थे। प्रदर्शनकारी मांग कर रहे थे कि इन तीनों युवकों को उनके हवाले किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल के गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों पर पथराव भी किया, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने कई आंसू गैस के गोले दागे।
पुदुचेरी में कैबिनेट विस्तार, रंगासामी सरकार में तीन नए मंत्रियों ने ली शपथ
पुदुचेरी में रंगासामी सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया है। बुधवार को लोक निवास में आयोजित एक समारोह में तीन नए मंत्रियों ने शपथ ली। उपराज्यपाल के कैलाशनाथन ने पी राजवेलु, वीपी शिवकोलुंधु और जीएनएस राजसेकरन को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। ये तीनों मंत्री एआईएनआरसी (AINRC) और भाजपा (BJP) गठबंधन से जुड़े हैं।
नए मंत्रियों के पास लंबा विधायी अनुभव है। पी राजवेलु विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष रहे हैं। वीपी शिवकोलुंधु पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। वहीं, जीएनएस राजसेकरन कराईकल क्षेत्र के तिरुनल्लार से विधायक चुने गए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 8 जून को इन मंत्रियों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की थी। शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य सचिव शरत चौहान ने गृह मंत्रालय की यह अधिसूचना पढ़कर सुनाई।
इस विस्तार के बाद रंगासामी कैबिनेट में मंत्रियों की कुल संख्या छह हो गई है। पुदुचेरी में परंपरा के अनुसार कैबिनेट में अधिकतम छह ही मंत्री होते हैं। इससे पहले 13 मई को मुख्यमंत्री रंगासामी ने शपथ ली थी। उनके साथ भाजपा नेता ए नमशिवायम और एआईएनआरसी के मल्लादी कृष्ण राव ने मंत्री पद की शपथ ली थी। बुधवार को हुए इस समारोह में कई विधायक और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
पुदुचेरी में रंगासामी सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया है। बुधवार को लोक निवास में आयोजित एक समारोह में तीन नए मंत्रियों ने शपथ ली। उपराज्यपाल के कैलाशनाथन ने पी राजवेलु, वीपी शिवकोलुंधु और जीएनएस राजसेकरन को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। ये तीनों मंत्री एआईएनआरसी (AINRC) और भाजपा (BJP) गठबंधन से जुड़े हैं।
नए मंत्रियों के पास लंबा विधायी अनुभव है। पी राजवेलु विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष रहे हैं। वीपी शिवकोलुंधु पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। वहीं, जीएनएस राजसेकरन कराईकल क्षेत्र के तिरुनल्लार से विधायक चुने गए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 8 जून को इन मंत्रियों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की थी। शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य सचिव शरत चौहान ने गृह मंत्रालय की यह अधिसूचना पढ़कर सुनाई।
इस विस्तार के बाद रंगासामी कैबिनेट में मंत्रियों की कुल संख्या छह हो गई है। पुदुचेरी में परंपरा के अनुसार कैबिनेट में अधिकतम छह ही मंत्री होते हैं। इससे पहले 13 मई को मुख्यमंत्री रंगासामी ने शपथ ली थी। उनके साथ भाजपा नेता ए नमशिवायम और एआईएनआरसी के मल्लादी कृष्ण राव ने मंत्री पद की शपथ ली थी। बुधवार को हुए इस समारोह में कई विधायक और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
हैदराबाद में रैगिंग के आरोप में 12 मेडिकल छात्रों पर केस, छह छात्र कॉलेज से सस्पेंड
हैदराबाद के एक सरकारी डेंटल कॉलेज में रैगिंग का मामला सामने आया है। पुलिस ने बीडीएस फाइनल ईयर के 12 छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि इन छात्रों ने उस्मानिया मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में प्रथम वर्ष के जूनियर्स को शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान किया। कॉलेज प्रशासन ने इस घटना पर सख्त कार्रवाई की है। प्रिंसिपल संजीव सिंह यादव ने छह छात्रों को छह महीने के लिए सस्पेंड कर दिया है। उन्होंने सुल्तान बाजार थाने में शिकायत भी दर्ज कराई। पुलिस ने तेलंगाना रैगिंग निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नियमों के मुताबिक, रैगिंग के दोषी छात्रों को कॉलेज से निकाला जा सकता है। अगर किसी छात्र को छह महीने से ज्यादा की जेल होती है, तो उसे राज्य के किसी भी दूसरे कॉलेज में दाखिला नहीं मिलेगा। इसके अलावा, छात्र के मार्कशीट और सर्टिफिकेट पर भी मोटे अक्षरों में 'रैगिंग में शामिल' लिखा जाएगा। प्रिंसिपल ने चेतावनी दी है कि ऐसी हरकत करने वालों का भविष्य बर्बाद हो सकता है। कॉलेज ने सुरक्षा के लिए एंटी-रैगिंग कमेटी को और मजबूत कर दिया है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि क्या इस मामले में कुछ और छात्र भी शामिल थे।
हैदराबाद के एक सरकारी डेंटल कॉलेज में रैगिंग का मामला सामने आया है। पुलिस ने बीडीएस फाइनल ईयर के 12 छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि इन छात्रों ने उस्मानिया मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में प्रथम वर्ष के जूनियर्स को शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान किया। कॉलेज प्रशासन ने इस घटना पर सख्त कार्रवाई की है। प्रिंसिपल संजीव सिंह यादव ने छह छात्रों को छह महीने के लिए सस्पेंड कर दिया है। उन्होंने सुल्तान बाजार थाने में शिकायत भी दर्ज कराई। पुलिस ने तेलंगाना रैगिंग निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नियमों के मुताबिक, रैगिंग के दोषी छात्रों को कॉलेज से निकाला जा सकता है। अगर किसी छात्र को छह महीने से ज्यादा की जेल होती है, तो उसे राज्य के किसी भी दूसरे कॉलेज में दाखिला नहीं मिलेगा। इसके अलावा, छात्र के मार्कशीट और सर्टिफिकेट पर भी मोटे अक्षरों में 'रैगिंग में शामिल' लिखा जाएगा। प्रिंसिपल ने चेतावनी दी है कि ऐसी हरकत करने वालों का भविष्य बर्बाद हो सकता है। कॉलेज ने सुरक्षा के लिए एंटी-रैगिंग कमेटी को और मजबूत कर दिया है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि क्या इस मामले में कुछ और छात्र भी शामिल थे।
पूर्व मंत्री और टीएमसी नेता उदयन गुहा गिरफ्तार, चुनावी हिंसा और वसूली के लगे हैं आरोप
कोलकाता पुलिस ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री उदयन गुहा को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अभी तक उनकी गिरफ्तारी की असली वजह का खुलासा नहीं किया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामला अभी जांच के दायरे में है और जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, उदयन गुहा पर साल 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा में शामिल होने के आरोप हैं। इसके साथ ही उन पर लोगों से पैसे वसूलने और धोखाधड़ी करने के आरोप भी लगे हैं। उदयन गुहा साल 2026 के विधानसभा चुनाव के लिए दिनहाटा सीट से टीएमसी के उम्मीदवार भी थे। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि उदयन गुहा कोलकाता के फूलबागान इलाके में एक फ्लैट में छिपे हुए हैं। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने वहां दबिश दी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस इस मामले में गहराई से जांच कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
कोलकाता पुलिस ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री उदयन गुहा को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अभी तक उनकी गिरफ्तारी की असली वजह का खुलासा नहीं किया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामला अभी जांच के दायरे में है और जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, उदयन गुहा पर साल 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा में शामिल होने के आरोप हैं। इसके साथ ही उन पर लोगों से पैसे वसूलने और धोखाधड़ी करने के आरोप भी लगे हैं। उदयन गुहा साल 2026 के विधानसभा चुनाव के लिए दिनहाटा सीट से टीएमसी के उम्मीदवार भी थे। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि उदयन गुहा कोलकाता के फूलबागान इलाके में एक फ्लैट में छिपे हुए हैं। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने वहां दबिश दी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस इस मामले में गहराई से जांच कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
जुलाई तक राजनीतिक पार्टी बनने की राह पर है 'वी द लीडर्स' आंदोलन : अन्नामलाई
तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के अन्नामलाई ने अपनी नई राजनीतिक पारी को लेकर जानकारी दी है। उन्होंने बुधवार को बताया कि उनका 'वी द लीडर्स' आंदोलन जुलाई तक एक राजनीतिक दल बनने की सही राह पर है । अन्नामलाई ने हाल ही में इस आंदोलन की शुरुआत की थी। अब इसे एक औपचारिक राजनीतिक पार्टी का रूप देने की तैयारी चल रही है। उन्होंने इस नई पार्टी के लिए एक बड़ा लक्ष्य भी रखा है। अन्नामलाई चाहते हैं कि उनकी पार्टी से 50 लाख सदस्य जुड़ जाएं। उन्होंने कहा कि पार्टी बनाने का काम योजना के अनुसार आगे बढ़ रहा है। तमिलनाडु की राजनीति में इस नए कदम को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के अन्नामलाई ने अपनी नई राजनीतिक पारी को लेकर जानकारी दी है। उन्होंने बुधवार को बताया कि उनका 'वी द लीडर्स' आंदोलन जुलाई तक एक राजनीतिक दल बनने की सही राह पर है । अन्नामलाई ने हाल ही में इस आंदोलन की शुरुआत की थी। अब इसे एक औपचारिक राजनीतिक पार्टी का रूप देने की तैयारी चल रही है। उन्होंने इस नई पार्टी के लिए एक बड़ा लक्ष्य भी रखा है। अन्नामलाई चाहते हैं कि उनकी पार्टी से 50 लाख सदस्य जुड़ जाएं। उन्होंने कहा कि पार्टी बनाने का काम योजना के अनुसार आगे बढ़ रहा है। तमिलनाडु की राजनीति में इस नए कदम को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अमेरिकी सैन्य कमान के नाम से 'इंडो' हटने पर शशि थरूर ने उठाए सवाल
अमेरिका ने एक अहम फैसला लेते हुए अपने इंडो-पैसिफिक कमांड (USINDOPACOM) का नाम बदलकर फिर से यूएस पैसिफिक कमांड (USPACOM) कर दिया है। यह वही नाम है जो 2018 से पहले इस्तेमाल किया जाता था। अमेरिका के इस कदम के बाद भारत में रणनीतिक और कूटनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए सवाल उठाया कि क्या यह क्वाड के ताबूत में एक और कील है। उनके इस बयान के बाद अमेरिका की इंडो-पैसिफिक रणनीति और भारत की भूमिका को लेकर बहस शुरू हो गई है। हालांकि अमेरिका का कहना है कि यह केवल नाम परिवर्तन है और रणनीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है।