Updates: लद्दाख से अरुणाचल तक 7000KM लंबी रैली निकालेगी वायुसेना; ओडिशा: प्रदर्शनकारी नर्सों ने हड़ताल वापस ली
भारतीय वायुसेना की स्थापना की 92 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आठ अक्टूबर को लद्दाख के थोईस (दुनिया में सर्वाधिक ऊंचाई पर स्थित वायुसेना के हवाई अड्डों में से एक) से अरुणाचल के तवांग तक 7000 किमी लंबी रैली निकाली जाएगी। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इसका समापन 29 अक्तूबर को होगा। थोईस समुद्र तल से 3,068 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। थोईस से ‘वायु वीर विजेता’ रैली को औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाने से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एक अक्तूबर को यहां स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से रैली को गर्मजोशी के साथ थोईस के लिए विदा करेंगे। भारतीय वायु सेना की स्थापना आठ अक्टूबर, 1932 को हुई थी।
इस बीच पश्चिम बंगाल सरकार ने कोलकाता में 150 साल पुरानी ट्राम सेवा को बंद करने का फैसला किया है। इसके पीछे का कारण यह है कि शहर में यातायात के व्यस्ततम समय के दौरान ट्राम प्रणाली ट्रैफिक जाम का एक प्रमुख कारण है। कोलकाता के सतही क्षेत्र का केवल 6 प्रतिशत हिस्सा सड़कों का है और तेज तथा सुविधाजनक यात्रा के लिए लोगों द्वारा कारों का ज़्यादा उपयोग कर रहे हैं। इस समय ट्राम की आवाजाही के कारण शहर में अक्सर भीड़ और जाम की स्थिति पैदा हो जा रही है। बंगाल सरकार के फैसले के बाद कोलकाता के एक यात्री का कहना है कि ट्राम सेवा को बंद नहीं किया जाना चाहिए। यह कोलकाता के लोगों, खासकर गरीबों के लिए एक जीवन रेखा है। यह यात्रा का सबसे सस्ता साधन है। उन्होंने कहा कि बिजली से चलने के कारण यह पर्यावरण के भी अनुकूल है।
ट्राम एक प्रकार का रेल परिवहन वाहन है जो ट्रामवे ट्रैक पर चलता है। शहर की सड़कों पर रेलवे ट्रैक की तरह ट्रामवे ट्रैक बनाए जाते हैं। सड़कों पर पटरियां धंसी हुई हैं, ताकि सामान्य वाहनों का आवागमन प्रभावित न हो।
#WATCH | Kolkata, West Bengal: A local commuter says, "It should not be discontinued. It is a lifeline for the people of Kolkata, especially the poor... It is the cheapest mode of travel... It is eco-friendly since it runs on electricity..." (28.09) https://t.co/VcaWhBI1y7 pic.twitter.com/yQ4ffR3XFL
— ANI (@ANI) September 28, 2024
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मंगलवार से दुर्गा पूजा पंडालों का उद्घाटन शुरू कर सकती हैं। राज्य सचिवालय के एक प्रतिष्ठित सूत्र ने शनिवार को दी जानकारी में बताया कि बनर्जी संभवत: 'महालय' से एक दिन पहले एक अक्तूबर को लेक टाउन में 'श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब' की पूजा का उद्घाटन करेंगी। अग्निशमन सेवा मंत्री सुजीत बोस द्वारा आयोजित पूजा का मंडप आंध्र प्रदेश के तिरुपति में प्रसिद्ध भगवान बालाजी मंदिर की प्रतिकृति है। सचिवालय सूत्रों ने बताया कि बनर्जी बीरभूम जिले के दुबराजपुर में तीन और अलीपुरद्वार के बीरपारा में दो अन्य अग्निशमन केंद्रों का भी उद्घाटन करेंगी।
अधिवास कोटा का फर्जी इस्तेमाल रोकना चाहते थे गिरफ्तार सदस्य: बांग्ला पोक्खो
बंगाली उप-राष्ट्रवाद को बढ़ावा देने वाला संगठन बांग्ला पोक्खो ने शनिवार को बिहार के दो अभ्यर्थियों को धमकाने और धक्का-मुक्की के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के बाद उनका समर्थन किया। संगठन महासचिव गर्गा चटर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में सीआईएसएफ की नौकरी के इच्छुक बिहार के दो अभ्यर्थियों के साथ धक्का-मुक्की करने वाले गिरफ्तार व्यक्ति संगठन के सक्रिय सदस्य थे। वह केंद्रीय बल की नौकरियों के लिए अधिवास कोटा के फर्जी इस्तेमाल को रोकना चाहते थे। उन्होंने पश्चिम बंगाल के वास्तविक निवासियों के हितों की रक्षा के लिए नौकरी के इच्छुक लोगों का सामना किया। चटर्जी ने आरोप लगाया कि बिहार और झारखंड के युवाओं का एक वर्ग फर्जी अधिवास प्रमाणपत्र हासिल करता है और पश्चिम बंगाल के युवाओं को सीआईएसएफ, सीआरपीएफ, बीएसएफ, एसएसबी और अन्य केंद्रीय बलों में नौकरियां हासिल करने से वंचित करता है। बुधवार की घटना का एक कथित वीडियो, जिसमें बिहार के दो युवाओं को लोगों के एक समूह द्वारा परेशान किया जा रहा है, जिन्होंने उम्मीदवारों से अपने दस्तावेज पेश करने के लिए कहा। यह क्लिप बृहस्पतिवार को वायरल हो गई, जिसके बाद पुलिस ने बांग्ला पोक्खो सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।
आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट करने वाला मुख्य आरोपी गिरफ्तार
ओडिशा पुलिस ने आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट के लिए जिम्मेदार मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। भद्रक के एसपी वरुण गुंटुपल्ली ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है। अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी गई है। पुलिस पर हमले के मामले में अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा, जांच चल रही है। हम आकलन करेंगे और फिर इंटरनेट के बारे में निर्णय लेंगे। मुख्य आरोपी को एसडीजेएम कोर्ट, भद्रक के समक्ष पेश किया गया। उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। बीएनएसएस की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है। गौरतलब है कि ओडिशा सरकार ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए जिले में इंटरनेट सेवाओं को 48 घंटों के लिए निलंबित कर दिया है।
मुंबई में आतंकी हमले का अलर्ट, सुरक्षा बढ़ाई
खुफिया ब्यूरो ने मुंबई में आतंकी हमले की सूचना दी है। हमले के अलर्ट के बाद मुंबई में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मुंबई पुलिस ने ड्रोन कैमरा, माइक्रो लाइट एयरक्राफ्ट, पैराग्लाइडर, हॉट एयर बैलून समेत आसमान में उड़ने वाली सभी उपकरणों पर प्रतिबंध लगा दिया है। पुलिस उन पूजा स्थलों पर कड़ी नजर रख रही है, जहां ज्यादा भीड़ जुटती है। पुलिस लगातार लोगों की तलाशी ले रही है। इसके अलावा शहर के सभी धार्मिक स्थलों और भीड़-भाड़ वाली जगहों की भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
सूत्रों के मुताबिक सभी डीसीपी को अपने-अपने जोन में सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। केंद्रीय एजेंसियों ने मुंबई पुलिस को एयरपोर्ट के आसपास सुरक्षा-व्यवस्था के कड़े इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। मुंबई पुलिस के डिप्टी कमिश्नर अकबर पठान ने कहा कि हमें भीड़भाड़ वाले इलाकों और धार्मिक स्थलों पर मॉक ड्रिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
सीजेआई चंद्रचूड़ ने तिरुपति के श्री पद्मावती अम्मावरु मंदिर में की पूजा-अर्चना
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने शनिवार को आंध्र प्रदेश के तिरुचानूर में श्री पद्मावती अम्मावरु मंदिर का दौरा कर पूजा-अर्चना की। परिवार के सदस्यों के साथ सीजेआई का मंदिर के पुजारियों ने पारंपरिक स्वागत किया। दर्शन के बाद पुजारियों ने सीजेआई चंद्रचूड़ को आशीर्वाद देकर तीर्थ प्रसाद दिया। सीजेआई चंद्रचूड़ के दौरे के बारे में तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी। टीटीडी तिरुपति में श्री वेंकटेश्वर मंदिर का आधिकारिक संरक्षक है।
कलकत्ता हाईकोर्ट का पोर्ट ब्लेयर का नाम बदलने में हस्तक्षेप से इन्कार
कलकत्ता हाईकोर्ट की पोर्ट ब्लेयर सर्किट बेंच ने अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह की राजधानी का नाम बदलने के सरकार के फैसले में हस्तक्षेप करने से इन्कार कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि यह कार्यपालिका का विशेषाधिकार है। केंद्र सरकार ने 13 सितंबर को पोर्ट ब्लेयर का नाम बदलकर श्री विजयपुरम कर दिया था। याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस रवि कृष्ण कपूर और जस्टिस प्रसेनजीत बिस्वास की पीठ ने शुक्रवार को इसमें हस्तक्षेप करने से इन्कार कर दिया और कहा कि यह कार्यपालिका का विशेषाधिकार है। एजेंसी
भारत वह कर रहा जो कई देश कर पाने में नाकाम : थेस्लेफ
भारत में स्वीडन के राजदूत जान थेस्लेफ ने शुक्रवार को भारत के अंतरिक्ष मिशन की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत वह हासिल कर रहा है जो कई अन्य देश भारी बजट खर्च करने के बावजूद हासिल नहीं कर पा रहे हैं।
यह असल में भारतीय वैज्ञानिकों की काबिलियत को साबित करता है। उन्होंने भारत के शुक्र मिशन को लेकर बड़ी उम्मीदें जताई। थेस्लेफ ने कहा, यह (शुक्र मिशन) आकर्षक है। हमें शुक्र मिशन के कामयाब होने का पक्का विश्वास हैं। बताते चलें कि स्वीडिश स्पेस कॉरपोरेशन (एसएससी) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) शुक्र मिशन पर सहयोग कर रहे हैं। इसरो 2025 में भारत के पहले शुक्र मिशन, शुक्रयान-1 को लॉन्च करने की योजना बना रहा है। यह मिशन शुक्र की सतह और वायुमंडल का अध्ययन करेगा।
भारत-स्वीडन का रिश्ता नवाचार पर आधारित
थेस्लेफ ने कहा, स्वीडन और भारत के बीच बहुत पुराना रिश्ता है, लेकिन इससे भी बढ़कर हमारा रिश्ता स्थिरता, हरित बदलाव और नवाचार पर आधारित है। राजदूत ने आगे कहा, हम चंद्रयान 3 मिशन और आने वाले चंद्रयान 4 और शुक्र मिशन की उपलब्धियों से बहुत प्रभावित हैं। हमें लगता है कि स्वीडन यूरोपीय संघ का इकलौता और दुनिया के उन कुछ देशों में से एक है जिसके पास प्रक्षेपण क्षमता है। हमें लगता है कि हमारे पास भारत को देने के लिए कुछ है। उन्होंने महात्मा गांधी के शब्दों को दोहराते हुए तत्काल जलवायु कार्रवाई की अहमियत पर भी जोर दिया। थेस्लेफ ने कहा कि भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि हम वर्तमान में क्या करते हैं।
ओडिशा के सरकारी अस्पतालों में प्रदर्शनकारी नर्सों ने स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग से आश्वासन मिलने के बाद अपनी चार दिन की हड़ताल वापस ले ली कि उनकी 10 सूत्री मांगें पूरी की जाएंगी। ओडिशा नर्सिंग कर्मचारी संघ के महासचिव अश्विनी कुमार दास ने कहा कि मंत्री के साथ चर्चा के बाद नर्सें शनिवार रात 11 बजे से काम पर लौट आईं। उन्होंने कहा, सरकार की तरफ से हमें आश्वासन दिए जाने के बाद कि हमारी मांगें जल्द ही पूरी की जाएंगी, हमने हड़ताल वापस ले ली। मंत्री ने कहा कि सरकार हमारी मांगों से अवगत है और हमारे मुद्दों को हल करने के लिए एक अंतर-विभागीय समिति का गठन किया है।
क्या हैं नर्सों की मांगे?
बता दें कि सरकारी अस्पतालों में काम करने वाले नर्सिंग कर्मचारी अपनी 10 सूत्री मांगों को पूरा करने की मांग कर रहे हैं। उनकी मांगों में संविदा के आधार पर नियुक्त नर्सों की सेवाओं को नियमित करना, ड्रेस कोड में बदलाव, नर्सिंग सेवा संवर्ग में प्रशासनिक पद, आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से नर्सिंग अधिकारियों की नियुक्ति बंद करना और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में काम कर रहे नर्सिंग अधिकारियों/कर्मचारियों के लिए स्थान आधारित प्रोत्साहन शामिल हैं।