Updates: वरिष्ठ IPS अधिकारी आलोक बने NCRB प्रमुख; जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार का सर्वेक्षण 23 सितंबर तक चलेगा
वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आलोक रंजन को शनिवार को राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) और अमित गर्ग को हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (एसवीपीएनपीए) का निदेशक नियुक्त किया गया। रंजन मध्य प्रदेश कैडर के 1991 बैच के भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी हैं। वहीं, गर्ग आंध्र प्रदेश कैडर के 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वहीं, एजीएमयूटी कैडर के 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी प्रवीण रंजन को 2 साल के कार्यकाल के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में विशेष महानिदेशक नियुक्त किया गया है।
जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार का सर्वेक्षण तीन दिन चलेगा
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ओडिशा के पुरी में जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार (पवित्र खजाना) का सर्वेक्षण शनिवार से शुरू करेगा। एसजेटीए के मुख्य प्रशासक अरबिंद पाढ़ी ने बताया कि सर्वेक्षण 21, 22 और 23 सितंबर को दोपहर 1 बजे से किया जाएगा। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन भक्तों के लिए बंद रहेंगे।
झारखंड में भर्ती परीक्षा के लिए आज-कल पांच घंटे इंटरनेट रहेगा बंद
झारखंड सामान्य स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (जेजीजीएलसीसीई) के मद्देनजर शनिवार और रविवार को प्रदेश में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं पांच घंटे से अधिक समय तक निलंबित रहेंगी। परीक्षा के दौरान किसी भी कदाचार को रोकने के लिए शनिवार को सुबह 8 से दोपहर 1.30 बजे तक सेवाएं निलंबित रहेंगी और रविवार को भी निषेधाज्ञा दोहराई जाएगी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि परीक्षा की तैयारियों को लेकर उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से बात की है। लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर कोई गलती से भी परीक्षा के दौरान कुछ गलत करने की कोशिश करेगा तो हम उससे सख्ती से निपटेंगे। वहीं, जेएसएससी के एक अधिकारी ने कहा कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग 823 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित करेगा, जिसमें लगभग 6.39 लाख उम्मीदवारों के परीक्षा में शामिल होने की उम्मीद है।
टाटा इंस्टीट्यूट में पीएचडी स्कॉलर के निलंबन पर छात्रों का विरोध प्रदर्शन
टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टीआईएसएस) के छात्रों ने शुक्रवार को पीएचडी स्कॉलर रामदास प्रिंसी शिवानंदन के खिलाफ दीक्षांत समारोह के दौरान विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों ने कॉलेज परिसर में पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। छात्रों ने कहा कि विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से किया गया था। बावजूद इसके प्रशासन ने छात्रों को बोलने की स्वतंत्रता के अधिकार का प्रयोग करने से हतोत्साहित किया। इसके साथ ही कई पुलिस कर्मियों को हॉल में बुला लिया।
छात्रों ने कहा, 'हमने दलित पीएचडी विद्वान और छात्र कार्यकर्ता रामदास प्रिंसी शिवानंदन के साथ एकजुटता दिखाने के लिए बैनर उठाने का फैसला किया, जिन्हें मनमाने ढंग से निलंबित कर दिया गया है और पिछले 156 दिनों से उन्हें शिक्षा तक पहुंच से वंचित कर दिया गया है। इसके अलावा, 119 शिक्षक और कर्मचारी 31 दिसंबर तक अपनी नौकरी खो सकते हैं या पहले ही खो चुके हैं।'
संसदीय समिति के सामने तीन मुस्लिम संगठनों ने किया वक्फ बिल का समर्थन
वक्फ कानून में संशोधन को लेकर राजग व विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के बीच, आरएसएस से जुड़े एक संगठन समेत तीन मुस्लिम संगठनों ने शुक्रवार को संसदीय समिति के समक्ष प्रस्तावित संशोधनों का समर्थन किया। सूत्रों के मुताबिक ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल, आरएसएस से जुड़े राष्ट्रीय मुस्लिम मंच और एनजीओ भारत फर्स्ट ने वक्फ (संशोधन) विधेयक पर संयुक्त समिति के समक्ष अलग-अलग प्रस्तुतियां दीं।अजमेर शरीफ दरगाह के संरक्षक की अध्यक्षता वाली अखिल भारतीय सूफी सज्जादानशीन काउंसिल (एआईएसएससी) ने विधेयक के तहत अगाखानी और बोहरा वक्फ के लिए सुझाए गए बोर्ड के समान एक अलग दरगाह बोर्ड की स्थापना की मांग की। एआईएसएससी ने इस बात पर स्पष्टीकरण मांगा कि धारा 3सी के तहत मस्जिदों, दरगाहों, खानकाहों, इमामबाड़ों और कब्रिस्तानों की संपत्तियां जब्त की जाएंगी। इस पर समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने आश्वासन दिया कि विधेयक में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के प्रतिनिधियों में तीन फकीर भी शामिल थे, जिन्होंने मांग की कि सूफिशा मलंग समुदाय के लिए एक अलग वक्फ बोर्ड बनाया जाए। इसमें बड़े पैमाने पर फकीर शामिल हैं और इस्लाम का एक भारतीय संप्रदाय है।
सुप्रीम कोर्ट का यूट्यूब चैनल फिर से शुरू
सुप्रीम कोर्ट के यूट्यूब चैनल पर सेवाएं फिर से शुरू हो गई हैं। इसे शुक्रवार को हैक कर लिया गया था। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड किए गए नोटिस में कहा गया कि सभी संबंधित लोगों को सूचित किया जाता है कि भारत के सुप्रीम कोर्ट का यूट्यूब चैनल लाइव है। भारत के सुप्रीम कोर्ट के यूट्यूब चैनल पर सेवाएं फिर से शुरू हो गई हैं।
प.बंगाल में बाढ़...इंडिया गठबंधन के दो घटकों तृणमूल-झामुमो में तकरार
पश्चिम बंगाल के दक्षिण हिस्से में आई बाढ़ को लेकर विपक्षी इंडिया गठबंधन के दो घटकों तृणमूल कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) आमने-सामने आ गए हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बाढ़ के लिए दामोदर वैली कॉर्पोरेशन (डीवीसी) को जिम्मेदार ठहराते हुए झारखंड से लगती राज्य की सीमाएं सील करने का आदेश दिया है। इससे हजारों ट्रक सीमा पर फंस गए हैं। झामुमो ने तृणमूल सुप्रीमो पर हमला करते हुए कहा कि दीदी ने अपना मानसिक संतुलन खो दिया है, अगर झारखंड ने अपनी सीमाएं सील की तो बंगाल देश के अन्य हिस्से से कट जाएगा।
बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा करने के बाद सीएम ममता ने कहा कि डीवीसी के धनबाद स्थित मैथन और पंचेत बांध से पांच लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने से दक्षिण बंगाल के आठ जिलों में बाढ़ आ गई है।
असम में मादक पदार्थ रखने के आरोप में दो गिरफ्तार
इंफाल में उग्रवादी संगठन द्वारा बुलाए गए बंद के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने शुक्रवार को नगालैंड में 935 पुलिस कांस्टेबलों की नियुक्ति रद्द कर दी। ये नियुक्तियां नगालैंड सरकार ने जनवरी 2018 से अक्तूबर 2019 के बीच की थीं। जस्टिस देवाशीष बरुआ ने 2022 में एक बेरोजगार युवक की ओर से दायर रिट याचिका पर फैसला सुनाया। अदालत ने नगालैंड सरकार से राज्य के समाचार पत्रों में उचित विज्ञापन जारी करके नए चयन आयोजित करने की व्यवस्था करने को कहा। अदालत ने कहा कि चयन की प्रक्रिया फैसले की तारीख से छह महीने के भीतर पूरी की जानी चाहिए। अदालत ने कहा कि जिनकी नियुक्तियां रद्द की गई हैं, वे नई चयन प्रक्रिया में भाग लेने के पात्र होंगे।
भूटान की जेल से रिहा किए गए और शुक्रवार को भारत को सौंपे गए एनडीएफबी के छह पूर्व उग्रवादी फिलहाल असम पुलिस के पास हैं, बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र (बीटीआर) के प्रमुख प्रमोद बोरो ने बताया। इस दौरान ने पुष्टि की कि नेपाल में कैद एक अन्य पूर्व एनडीएफबी कैडर को भी जल्द ही वापस लाया जाएगा। सभी छह पूर्व एनडीएफबी कैडर अब असम पुलिस की निगरानी में हैं। शुक्रवार शाम को चिरांग जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भारतीय अधिकारियों ने पूर्व उग्रवादियों को हिरासत में लिया। रॉयल भूटान पुलिस की तरफ से उन्हें सौंपे जाने के समय प्रमोद बोरो भी मौके पर मौजूद थे। बता दें कि पूर्व उग्रवादियों को अलग-अलग अवधि के लिए भूटान में कैद किया गया था।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रेस सचिव अजय कुमार सिंह का कार्यकाल शनिवार को एक साल के लिए बढ़ा दिया गया। कार्मिक मंत्रालय के आदेश के मुताबिक, उनका कार्यकाल 25 सितंबर 2025 तक के लिए बढ़ाया गया है। मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने राष्ट्रपति के प्रेस सचिव अजय कुमार सिंह के कार्यकाल को अनुबंध के आधार पर 25 सितंबर 2024 से एक वर्ष के लिए बढ़ाने को मंजूरी दे दी है।
वरिष्ठ पत्रकार अजय कुमार सिंह को सितंबर 2019 में एक वर्ष के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का प्रेस सचिव नियुक्त किया गया था। उनका कार्यकाल 2020 में तत्कालीन राष्ट्रपति कोविंद के कार्यकाल के साथ-साथ कर दिया गया था। सितंबर 2022 में अजय कुमार सिंह का कार्यकाल दो साल के लिए बढ़ाया गया था।
IPS officer Alok Ranjan appointed Director of the National Crime Records Bureau (NCRB) pic.twitter.com/8n8rBZziW6
— ANI (@ANI) September 21, 2024