न्यूज राउंडअप: कश्मीर घाटी में तनाव बरकरार, भज्जी ने खोली पोल, दिलीप कुमार अस्पताल में
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उत्तरी कश्मीर के सीमांत जिले कुपवाड़ा के हंदवाड़ा में 12 अप्रैल को सुरक्षाबलों की फायरिंग में मारे गए 2 युवकों के बाद भड़का यह बवाल थमता नहीं दिख रहा है। लगातार चौथे दिन कश्मीर घाटी में सामान्य जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित रहा।
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जहाँ एक ओर कुपवाड़ा जिले में कर्फ्यू जैसी स्थिति बनी रही वहीं श्रीनगर के सात थाना क्षेत्रों में भी कर्फ्यू जैसी पाबंदियां रही। लेकिन इस सबके इलावा भी घाटी के कईं हिस्सों में सुरक्षाकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच भीषण भिड़ंत देखने को मिली। लगातार घाटी में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
वहीं इस घटना के पहले ही दिन पीड़ित लड़की के वायरल हुए वीडियो बयान जिसमें में किसी प्रकार की छेड़छाड़ का खंडन करती दिख रही है। आज उस लड़की की माँ द्वारा उस वीडियो में कहीं बातों को नकार दिया है। उसकी माँ ने आज सिविल सोसाइटी से संपर्क कर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस देनी चाही लेकिन जम्मू कश्मीर पुलिस द्वारा इसकी अनुमति नहीं देते हुए मीडिया से उन्हें मिलने से रोका गया।
इसके बाद सिविल सोसाइटी द्वारा लड़की की माँ का वीडियो बयान जारी किया है जिसमें वह साफ़ यह कहती दिख रही है कि उसकी बेटी से ज़बरदस्ती दबाव डालकर बयान दिलवाया गया है। माँ का यह भी आरोप है कि उसे पिछले 4 दिनों से अपनी बेटी और अपने पति से मिलने नहीं दिया जा रहा है। जिन्हे पुलिस द्वारा ज़बरदस्ती अपनी हिरासत में रखा गया है।
इस बीच कश्मीर सिविल सोसाइटी के अध्यक्ष और वरिष्ठ ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट एडवोकेट परवेज़ इमरोज़ द्वारा लड़की की माँ की ओर से उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई जिसे उच्च न्यायालय द्वारा स्वीकार लिया गया।
एडवोकेट परवेज़ इमरोज़ ने बताया कि दायर याचिका में महिला ने कहा है कि उसकी बेटी से जबरदस्ती बयान दर्ज करवाया गया। लड़की के वीडियो के वायरल होने के बाद उनकी सुरक्षा का मामला बना हुआ है।
हाईकोर्ट द्वारा याचिका को स्वीकारते हुए कहा गया कि किस कानून के तहत इन तीनों को पुलिस द्वारा हिरासत में रखा गया है। साथ ही पुलिस को निर्देशित किया गया है कि लड़की को दोबारा किसी के सामने बयान ना दिलवाया जाए। 20 अप्रैल को मामले की तरीख तय करते हुए चीफ जुडिशल मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज करवाने को भी कहा गया है।
गौरतलब है कि हंदवाड़ा में हुई स्थानीय लोगों की हत्याओं को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उस्मान मजीद की अगुवाही में श्रीनगर में विरोध प्रदर्शन किया गया। हाथों में स्टॉप सिविलियन किलिंग्स के पोस्टर लेते हुए उन्होंने मौजूदा सरकार को निशान बनाया। इस अवसर पर उस्मान मजीद ने कहा कि हम उस पीडीपी से जो कश्मीरियों का हमदर्द होने का दावा कर रही थी से पूछना चाहते हैं कि आखिर हो क्या रहा है ?
साथ ही यह भी कहना चाहते हैं कि मेहरबानी करके यह सब बंद करें और कश्मीरियों का खून न बहाएं। इसके इलवा उन्होंने इस मामले में जुडिशल इन्क्वायरी की मांग की। साथ ही साथ मृतकों के परिवार वालों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
भारतीय अर्थव्यवस्था की हालत अंधों में ‘काने राजा’ जैसी
रघुराम राजन ने वाशिंगटन में एक बयान देते हुए कहा कि हमें अभी भी वो स्थान हासिल करना है, जहां पर पहुंच कर हम संतोष जाहिर कर सके। उन्होंने एक कहावत को याद करते हुए कहा कि हमारे यहां एक कहावत है अंधों में काना राजा। हमारी अर्थव्यवस्था कुछ वैसी ही है।
वर्ल्ड बैंक, आईएमएफ और जी-20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गर्वनरों की बैठक में हिस्सा लेने वाशिंगटन पहुंचे हैं। रघुराम राजन भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर इससे पहले भी ऐसे बयान जारी दे चुके हैं। खुले तौर पर भारतीय अर्थव्यवस्था की खामियों को भी गिना चुके हैं।
उन्होंने कहा कि 'महंगाई दर 11 प्रतिशत से घटकर पांच प्रतिशत से नीचे आ गई है जिससे ब्याज दरों में गिरावट की गुंजाइश बनी है। निसंदेह रूप से, ढांचागत सुधार चल रहे हैं। सरकार नयी दिवाला संहिता लाने की प्रक्रिया में है। वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) आना है। लेकिन अनेक उत्साहजनक चीजें पहले ही घटित हो रही हैं।’
धोनी के छोड़ते ही भज्जी ने खोली आम्रपाली ग्रुप की पोल
हरभजन का कहना है कि आम्रपाली बिल्डर ने क्रिकेटरों को विश्वकप जीतने के बाद विला देने का जो वादा किया था वो 2011 से आज तक पूरा नहीं किया है।
महेंद्र सिंह धोनी के आम्रपाली बिल्डर के ब्रांड अंबेसडर पद से इस्तीफा देने के बाद हरभजन सिंह ने धोनी को शाबाशी दी और ट्वीट किया कि, 'शाबाश धोनी जो आपने आम्रपाली बिल्डर की ब्रांड अंबेसडरशिप छोड़ दी। उन्होंने हमें 2011 विश्वकप जीत के बाद विला देने की जो घोषणा की थी वो भी नहीं दिया।'
वहीं बिल्डर के एमडी एके शर्मा ने कहा है कि हरभजन ने जो बात कही है वो सही नहीं है। क्रिकेटरों के विला बनकर तैयार हैं लेकिन उन्होंने कोई जानकारी ही नहीं मांगी इसलिए ये मामला रुका पड़ा है।
भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने रियल एस्टेट कंपनी आम्रपाली से अपना रिश्ता तोड़ लिया है। अब वह आम्रपाली के ब्रांड एंबेसडर नहीं रहे। कुछ दिनों से आम्रपाली के नोएडा हाउसिंग प्रोजेक्ट के नाराज ग्राहक सोशल मीडिया पर अभियान चला कर धोनी से कह रहे थे कि वह इस बिल्डर से अपने संबंध समाप्त कर लें।
आम्रपाली के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अनिल शर्मा ने कहा, ‘धोनी अब हमारे ब्रांड एंबेसडर नहीं हैं। मैं नहीं चाहता कि आम्रपाली से जुड़े होने के कारण उनकी छवि प्रभावित हो। यह निर्णय हमने और धोनी ने मिलकर लिया है।’
उल्लेखनीय है कि धोनी पिछले छह-सात साल से कंपनी के ब्रांड एंबेसडर थे। नोएडा स्थित आम्रपाली के सैफायर प्रोजेक्ट में रहने वालों की शिकायतें कुछ दिनों से ट्विटर पर वायरल हो रही थीं। इन ट्वीट में धोनी को टैग कर कहा गया था कि वह या तो खुद को बिल्डर से अलग कर लें या लंबित काम पूरा करवाना सुनिश्चित करें। शर्मा ने कहा कि अगले तीन महीने में कंपनी सभी लंबित काम पूरा करवा दे।
इससे पहले धोनी ने मुंबई में इस हफ्ते कहा था कि वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों में बिल्डरों को समस्या हो रहा है। हांलाकि, उन्होंने आम्रपाली से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए कहा था, ‘चाहे स्थिति जो भी हो लेकिन जो वादा उन्होंने किया था मेरे ख्याल से उसे पूरा करने की जरूरत है।’ आम्रपाली के सीएमडी शर्मा ने भी कहा था कि फंड के अभाव और प्रॉपर्टी बाजार में सुस्ती के कारण उनके प्रोजेक्ट विलंबित हुए हैं।
नोएडा के सेक्टर-45 में आम्रपाली के सैफायर प्रोजेक्ट का पहला चरण 2009 में लांच हुआ था और यह पूरा हो गया है। यहां रहने वालों की शिकायत है कि एक हजार फ्लैट में से 800 में लोग रह रहे हैं लेकिन इसके कई टावर में सिविल और बिजली के काम अभी तक पूरे नहीं किए गए है।
धोनी के बाद अब यहां रहने वाले सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग कर रहे हैं।
धोनी ने तोड़ा आम्रपाली से रिश्ता, नहीं रहे ब्रांड एंबेसडर
आम्रपाली के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अनिल शर्मा ने कहा, ‘धोनी अब हमारे ब्रांड एंबेसडर नहीं हैं। मैं नहीं चाहता कि आम्रपाली से जुड़े होने के कारण उनकी छवि प्रभावित हो। यह निर्णय हमने और धोनी ने मिलकर लिया है।’
उल्लेखनीय है कि धोनी पिछले छह-सात साल से कंपनी के ब्रांड एंबेसडर थे। नोएडा स्थित आम्रपाली के सैफायर प्रोजेक्ट में रहने वालों की शिकायतें कुछ दिनों से ट्विटर पर वायरल हो रही थीं। इन ट्वीट में धोनी को टैग कर कहा गया था कि वह या तो खुद को बिल्डर से अलग कर लें या लंबित काम पूरा करवाना सुनिश्चित करें। शर्मा ने कहा कि अगले तीन महीने में कंपनी सभी लंबित काम पूरा करवा दे।
इससे पहले धोनी ने मुंबई में इस हफ्ते कहा था कि वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों में बिल्डरों को समस्या हो रहा है। हांलाकि, उन्होंने आम्रपाली से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए कहा था, ‘चाहे स्थिति जो भी हो लेकिन जो वादा उन्होंने किया था मेरे ख्याल से उसे पूरा करने की जरूरत है।’ आम्रपाली के सीएमडी शर्मा ने भी कहा था कि फंड के अभाव और प्रॉपर्टी बाजार में सुस्ती के कारण उनके प्रोजेक्ट विलंबित हुए हैं।
नोएडा के सेक्टर-45 में आम्रपाली के सैफायर प्रोजेक्ट का पहला चरण 2009 में लांच हुआ था और यह पूरा हो गया है। यहां रहने वालों की शिकायत है कि एक हजार फ्लैट में से 800 में लोग रह रहे हैं लेकिन इसके कई टावर में सिविल और बिजली के काम अभी तक पूरे नहीं किए गए है।
रामनवमी जुलूस के दौरान हिंसा के बाद बोकारो में कर्फ्यू
झारखंड में रामनवमी जुलूस के दौरान सांप्रदायिक तनाव, आगजनी और दो गुटों में हिंसक झड़पों के बाद बोकारो में कर्फ़्यू लगा दिया गया है। वहीं हजारीबाग के केरेडारी थाना क्षेत्र के पांडू में एक व्यक्ति की मौत हो गई। बोकारो की घटना में वहां के उपायुक्त समेत दर्जन भर लोग घायल हुए हैं।
चतरा में भी माहौल बिगाड़ने की कोशिश को पुलिस काबू में करने में जुटी है। पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया है। बोकारो के उपायुक्त राय महिमापत रे बताया कि शहर के सेक्टर-12, माराफारी, बालीडीह और बोकारो स्टील सिटी थाना क्षेत्र में कर्फ़्यू लगाया गया है। पूरे इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
वहीं बोकारो के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने बताया कि दर्जन भर लोगों को हिरासत में लिया गया है और गश्त तेज कर दी गई है। पुलिस के मुताबिक विवाद रामनवमी जुलूस के रास्ते को लेकर हुआ। गुस्साई भीड़ ने कई गाड़ियों में आग लगा दी।
उधर, हजारीबाग के एसपी अखिलेश झा ने बताया है कि रामनवमी जुलूस के दौरान पांडू गांव में दो गुटों के बीच झड़प में मुस्लिम समुदाय के एक व्यक्ति की मौत हो गई।
गुस्साई भीड़ ने कई घरों और दुकानों में आग लगा दी। उन्होंने बताया कि फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं। झड़पों में कई लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। डीआइजी और एसपी समेत जिले के प्रमुख पुलिस अधिकारी और पुलिस बल वहां कैंप कर रहे हैं।
दिलीप कुमार की हालत स्थिर
सांस लेने की तकलीफ के चलते शनिवार तड़के सुबह मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराए गए बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार की हालत में सुधार नहीं हो रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि दिलीप कुमार के लिए अगले 72 घंटे बेहद नाजुक हैं। इन घंटों में अगर उनमें सुधार नहीं होता है तो हालात और कठिन हो सकते हैं। आखिरी स्लाइड में वीडियो भी जोड़ा है।
दिलीप कुमार की उम्र 93 साल है। इस अवस्था में डॉक्टरों की ऐसी प्रतिक्रिया के बाद दिलीप के चाहने वाले उनके लिए दुआ मांगने लगे हैं। एएनआई की खबर के मुताबिक लीलावती के डॉक्टर जलील पारकर ने बताया कि यदि अगले 48 घंटे में उनकी हालत में सुधार नहीं होती हैं, तो उन्हें फिर से आईसीयू में ले जाना पड़ेगा।
शनिवार सुबह जब उन्हें सांस लेने में परेशानी हुई थी तब उन्हें आईसीयू में ही रखा गया था। लेकिन बाद में उन्हें जनरल वार्ड में ले आया गया था। इसकी खबर पाकर उनके चाहने वालों में खुशी का माहौल बनने लगा था।
लेकिन तभी डॉक्टरों की अगली सूचना ने सबको चिंता में डाल दिया है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। शुरुआत में थोड़ा-बहुत सुधरने के बाद वह फिर से उसी हालत में पहुंच गए हैं।
उल्लेखनीय है कि दिलीप कुमार अपने समय के लिए सबसे बेहतरीन में अभिनेताओं में से एक थे। वे देश के ऐसे नगीना हैं, जिन्हें लोग कभी खोना नहीं चाहते। इस संकटमय परिस्थिति में उनके सबसे सभी चाहने वाले उनके फिर से ठीक होने की प्रार्थना कर रहे हैं।
दिलीप की पहचान एक ऐसे अभिनेता की है, जिसने अपनी जिंदगी में महज 60 से 70 से फिल्में कर के शीर्ष अभिनेता की बुलंदी को छुआ। उन्हें उनकी फिल्मों, देवदास, मुगले आजम, अंदाज, गोपी, मधुमती, नया दौर, 'राम और श्याम', 'कर्मा' और 'गंगा जमुना' आदि में जबर्दस्त अभिनय के लिए जाना जाता है।
बीएमडब्लू कार ने सड़क पर खड़े चार लोगों को मारी टक्कर
नोएडा में शनिवार को दिनदहाड़े हुई रोड रेज की एक दर्दनाक घटना ने लोगों को दहला कर रख दिया। सेक्टर 24 में तेज रफ्तार बीएमडब्लू कार ने सड़क पर खड़े चार लोगों को टक्कर मारी और फरार हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सेक्टर 24 में तेज रफ्तार बीएमडब्लू कार ने सड़क पर खड़े चार लोगों को टक्कर मार दी। टक्कर मारने के बाद कार चालक कार सहित वहां से फरार हो गया।
मौके पर खड़े लोगों ने पुलिस को घटना के बारे में सूचित किया जबकि, घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती किया गया है। अभी तक कार चालक के बारे में पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
इशरतजहां मुठभेड़ मामले के अभियुक्त पीपी पांडे गुजरात पुलिस के डीजीपी
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक यह जानकारी शनिवार को स्टेट कंट्रोल रूम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर दी। पीपी पांडे इस समय राज्य के एंटी करप्शन ब्यूरो के निदेशक हैं। इशरत जहां मामले में ज़मानत मिलने के बाद पिछले साल उनकी सेवाएं बहाल कर दी गई थीं।
गृह मंत्रालय ने एक निर्देश में पीसी ठाकुर के दिल्ली में नागरिक सुरक्षा और होमगार्ड का महानिदेशक पर नियुक्ति की सूचना दी थी। ठाकुर साल 2013 से गुजरात के डीजीपी पद पर तैनात थे।
पीएम मोदी और राहुल गांधी के आने से प्रभावित हुआ राहत कार्य
कोल्लम में हुए हादसे के अगले दिन ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का तिरुअनंतपुरम मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में भर्ती घायलों से मिलना अनुचित था। यह बात केरल के एक शीर्ष अधिकारी ने कही है। आपको बताते चले कि कोल्लम में बिना प्रशासन की अनुमति के हो रही आतिशबाजी के दौरान आग लगने से 113 लोगों की मौत हो गई थी और सैंकड़ों लोग घायल हो गए थे।
हादसे के बाद घायलों का इलाज तिरुअनंतपुरम मेडिकल कॉलेज के आईसीयू वार्ड में चल रहा था। केरल के डीजीपी पहले ही यह बात कह चुके हैं कि सुरक्षा कारणों के चलते वह नहीं चाहते थे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां का दौरा करें। पर प्रधानमंत्री के बहुत ज्यादा जोर देने पर उन्हें सारे इंतजाम करने पड़े। बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस उपाध्यक्ष दोनों ही अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि जिस समय वो अस्पताल दौरा करने पहुंचे, उस समय आठ में से सात मरीजों की हालत काफी गंभीर थी।
अब केरल के स्वास्थ्य सेवाएं निदेशायल के निदेशक आर रमेश ने डायरेक्टर ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DHS) आर रमेश ने द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में बताया कि जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे इन लोगों के शरीर 60 से 90 फीसदी तक जल गए थे।
रमेश ने कहा कि 'जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे तो मेरे साथ धक्कामुक्की हुई। सुरक्षा में लगे लोगों से बहस करने के बाद डायरेक्टर ऑफ मेडिकल एजुकेशन और मुझे अपने कमरों में लौटना पड़ा। एक ऐसे अस्पताल, जहां जले हुए शरीरों और झुलसे मरीजों का जमावड़ा लगा हो, वीवीआईपी लोगों का ऐसे समय पर आना अनुचित था। अगर वे हादसे के कुछ घंटों के भीतर आने के बजाए दो या तीन दिन बाद आते तो हमें कोई समस्या नहीं थी।
हादसे के बाद कोल्लम से 70 किलोमीटर दूर स्थित तिरुअनंतपुरम अस्पताल में रविवार को जब मोदी पहुंचे तो उनके साथ राज्य भाजपा के अध्यक्ष के राजशेखरन, पार्टी के वरिष्ठ नेता ओ राजागोपाल और क्रिकेटर एस श्रीसंथ भी मौजूद थे। श्रीसंथ अगले महीने होने वाले चुनाव में बतौर भाजपा उम्मीदवार केरल से चुनाव लड़ रहे हैं। इसी दिन शाम को जब राहुल गांधी पहुंचे तो उनके साथ केपीसीसी भाजपा के अलावा केरल के स्वास्थ्य मंत्री वीएस शिवकुमार थे।
नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर हॉस्पिटल की एक नर्स ने द इंडियन एक्सप्रेस से बताया कि सर्जिकल विंग में काम करने वाली उसे और चार अन्य कर्मचारियों को पीएम की सुरक्षा में लगे लोगों ने ऑपरेशन थिएटर में घुसने से रोक दिया था। नर्स ने बताया कि आईसीयू में भर्ती एक मरीज को अचानक से समस्या हुई और हम दूसरे ब्लॉक से वहां जा रहे थे। लेकिन उन लोगों ने हमें तीस मिनट तक रोके रखा।
एक डॉक्टर ने भी बताया कि सर्जरी और ऑथोपेडिक्स के एक रेजिडेंट डॉक्टरों को सुपर स्पेशियिलिटी ब्लॉक के करीब राहुल गांधी के सुरक्षाकर्मियों ने आधे घंटे तक रोके रखा। डॉक्टर के मुताबिक, सुरक्षाकर्मियों ने न केवल लिफ्ट बल्कि सीढि़यों को भी ब्लॉक कर रखा था।
रमेश का कहना है कि उन्होंने इनमें से कुछ घटनाओं को अपनी आंखों से देखा। रमेश ने कहा कि आईसीयू में डॉक्टर और नर्स मास्क और कैप पहनते हैं। वे अतिरिक्त सावधानी बरतते हैं क्योंकि एक छोटी सी गलती भी सीरियस इन्फेक्शन या मौत की वजह बन सकती है। लेकिन इन वीआईपी और उनके करीबियों को इससे कोई मतलब नहीं था। कैमरों के सामने उन्होंने मरीजों को छुआ भी। रमेश का यह भी कहना है कि वीआईपी के दौरों को रोकने के लिए कुछ नियम बनने चाहिए।